*लखनऊ।* तपती दोपहरी में जब सड़कें सूनी पड़ जाती हैं, तब लखनऊ के हुसड़िया चौराहे पर इंसानियत की एक तस्वीर उभरती है। ‘वॉटर मैन’ के नाम से मशहूर अंकुश विजय ने मंगलवार को जरूरतमंदों के बीच खाने के पैकेट बांटकर न सिर्फ पेट की आग बुझाई, बल्कि पानी की एक-एक बूंद बचाने का संदेश भी दिया। इस नेक काम में उनके परिवार और मित्रों ने कंधे से कंधा मिलाकर उनका हौसला बढ़ाया। अंकुश की मुहिम सिर्फ भोजन तक सीमित नहीं है। राजधानी में जगह-जगह प्याऊ लगवाकर वह राहगीरों की प्यास बुझा रहे हैं। जनसेवा को जीवन का मकसद बना चुके अंकुश ने इस मौके पर कहा, “पानी अनमोल है। यह हमारी थाती है, जिसे हमें अपनी आने वाली पीढ़ियों के लिए संभालकर रखना होगा। एक-एक बूंद बचाएंगे, तभी कल बचेगा।” उन्होंने ऐलान किया कि अब उनकी सेवा की यह धारा लखनऊ से निकलकर आसपास के जिलों तक भी पहुंचेगी, ताकि मदद का दायरा और बड़ा हो सके और हर असहाय तक राहत पहुंचे। स्थानीय लोगों ने वॉटर मैन के जज्बे को सलाम करते हुए कहा कि अंकुश जैसे युवा ही समाज की असली पूंजी हैं।
संक्रमण को रोकने के लिए देशभर में लागू किए गए लॉकडाउन में भी कई विदेशी ऐसे हैं जो बेधड़क अब भी बाहर निकल रहे हैं। ताजा मामला दिल्ली के बसंत विहार का है। शनिवार को दिल्ली पुलिस ने गश्त के दौरान उरुग्वे की एक महिला को बिना ग्लव्स और मास्क के साइकिल चलाने पर रोका तो उसने पुलिस से बहस शुरू कर दी। महिला ने ग्लव्स और मास्क पहनने के लिए कहने वाले पुलिस अधिकारी का नाम भी नोट किया। हाल में ही बड़ी संख्या में विदेशी जमाती भी देश के विभिन्न क्षेत्रों से पकड़े गए हैं। निजामुद्दीन मरकज में शामिल होने आए ये विदेशी बिना जांच कराए फरार हो गए थे। विभिन्न राज्यों की पुलिस द्वारा पकड़े जाने के बाद जब इनका टेस्ट करवाया गया तो इनमें से अधिकतर कोरोना पॉजिटिव निकले। इन विदेशियों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती करवाया गया है। दिल्ली, लखनऊ, रांची, पटना समेत कई जगहों पर मस्जिदों में विदेशी निजामुद्दीन मरकज में 216 विदेशियों के अलावा लखनऊ में 13, रांची के मस्जिदों में 30, पटना के मस्जिदों में 10 विदेशी पकड़े गए हैं। वहीं दिल्ली के चांदनी महल इलाके से शनिवार को सरकारी एजेंसियों ने पांच दिन के अभियान के बाद 13...