बलरामपुर। जिले के तुलसीपुर सरकारी अस्पताल में डॉक्टर की बड़ी लापरवाही सामने आई है। प्रसूता के पति *पवन कुमार मिश्रा* ने अस्पताल के *डॉ. आलोक सिंह* पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पवन मिश्रा ने बताया कि उनकी पत्नी 6 माह की गर्भवती थी, तबीयत खराब होने पर उसे तुलसीपुर सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टर ने बताया कि गर्भ में बच्चे की मौत हो चुकी है और ऑपरेशन कर बच्चे को बाहर निकालना पड़ेगा। आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान डॉक्टर ने लापरवाही बरतते हुए प्रसूता की *बड़ी आंत काट दी* और मृत बच्चे को गर्भ में ही छोड़ दिया, जिससे प्रसूता की हालत और बिगड़ गई। जब पवन कुमार मिश्रा अपनी पत्नी को दूसरे अस्पताल ले जा रहे थे, तभी रास्ते में ही मृत बच्चे की डिलीवरी हो गई। बाद में पत्नी को गोंडा और फिर लखनऊ रेफर किया गया। वह अभी जीवित है लेकिन हालत नाजुक बनी हुई है। पवन मिश्रा ने डॉक्टर पर धमकी देने और समझौते का दबाव बनाने का भी आरोप लगाते हुए FIR की मांग की है। पीड़ित के साथ खड़े हुए हनुमान प्रसाद इस मामले में अब *किसान मजदूर संघर्ष पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हनुमान प्रसाद* पीड़ित पति पवन कुमार मिश्रा को...
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने दिल्ली हिंसा की तुलना जर्मनी में यहूदियों पर हुए हमले से की है। इसके अलावा इमरान खान ने मोदी सरकार की फांसीवादी और नस्लवादी करार देते हुए दुनिया को इस बर्बर हकीकत को समझने और इस तथ्य को मानने की अपील की है। इमरान खान ने इस बारे में कई ट्वीट किए और एक इंटरव्यू को भी साझा किया। इमरान खान ने अपने ट्वीट में कहा है कि दिल्ली से जो खबरें आ रही हैं, उससे साफ है कि मुसलमानों के घर और दुकानें बड़ी संख्या में जलाए गए। ये सभी घटनाएं जर्मनी के उन दिनों की याद दिलाती हैं जब यहूदियों के साथ ऐसा ही बर्ताव किया गया था। पाकिस्तान के अखबार डॉन की खबर के मुताबिक पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने अपने ट्वीट में मोदी की तुलना हिटलर से की और कहा कि मोदी जिस तरह भारत में हिंदुत्व एजेंडा चला रहे हैं और मुसलमानों का वहां कत्लेआम हो रहा है, वह 1930 के दशक में नाजियों द्वारा चलाए गए यहूदी विरोधी अभियान की तरह है। इमरान ने गुजरात के भयानक दंगों की याद दिलाई जब मोदी वहां के मुख्यमंत्री थे। दिल्ली में ये हिंसा उस दौरान हुई जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनॉल्ड ट्रंप भारत दौरे पर थे और उ...