Skip to main content

Featured Post

बलरामपुर: तुलसीपुर सरकारी अस्पताल में डॉक्टर की घोर लापरवाही, बड़ी आंत काटी, गर्भ में ही फंसा रहा मृत बच्चा

बलरामपुर। जिले के तुलसीपुर सरकारी अस्पताल में डॉक्टर की बड़ी लापरवाही सामने आई है। प्रसूता के पति *पवन कुमार मिश्रा* ने अस्पताल के *डॉ. आलोक सिंह* पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पवन मिश्रा ने बताया कि उनकी पत्नी 6 माह की गर्भवती थी, तबीयत खराब होने पर उसे तुलसीपुर सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टर ने बताया कि गर्भ में बच्चे की मौत हो चुकी है और ऑपरेशन कर बच्चे को बाहर निकालना पड़ेगा। आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान डॉक्टर ने लापरवाही बरतते हुए प्रसूता की *बड़ी आंत काट दी* और मृत बच्चे को गर्भ में ही छोड़ दिया, जिससे प्रसूता की हालत और बिगड़ गई। जब पवन कुमार मिश्रा अपनी पत्नी को दूसरे अस्पताल ले जा रहे थे, तभी रास्ते में ही मृत बच्चे की डिलीवरी हो गई। बाद में पत्नी को गोंडा और फिर लखनऊ रेफर किया गया। वह अभी जीवित है लेकिन हालत नाजुक बनी हुई है। पवन मिश्रा ने डॉक्टर पर धमकी देने और समझौते का दबाव बनाने का भी आरोप लगाते हुए FIR की मांग की है। पीड़ित के साथ खड़े हुए हनुमान प्रसाद  इस मामले में अब *किसान मजदूर संघर्ष पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हनुमान प्रसाद* पीड़ित पति पवन कुमार मिश्रा को...

बढ़ सकती हैं भारत की मुश्किलें,तालिबान-अमेरिका के बीच हुआ समझौता


कतर के दोहा में शनिवार को अमेरिका और तालिबान के बीच शांति समझौते पर मुहर लग गई। दोनों पक्षों के हस्ताक्षर से हुए इस समझौते के तहत अमेरिका अगले 14 महीने में अफगानिस्तान से सभी बलों को वापस बुलाएगा। इस करार के दौरान भारत समेत दुनियाभर के 30 देशों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। हालांकि अमेरिका और तालिबान के बीच हुआ यह समझौता भारत की मुश्किलें बढ़ा सकता है।


22 फरवरी से शुरू हुआ था आंशिक संघर्ष विराम
अफगानिस्तान की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रवक्ता जावेद फैसल ने बीते सप्ताह कहा था कि अफगान सुरक्षा बलों और अमेरिका व तालिबान के बीच हिंसा में कमी जल्द ही हो जाएगी। उन्होंने शनिवार 22 फरवरी से हिंसा में कमी आने का दावा करते हुए कहा था कि यह कमी एक सप्ताह तक जारी रहेगी। हालांकि उन्होंने माना था कि हिंसा के पूरी तरह खत्म होने में समय लगेगा।  

क्या है भारत की मुश्किलें बढ़ने की वजह
भू राजनैतिक रूप से अहम अफगानिस्तान में तालिबान के कदम पसारने से वहां की नवनिर्वाचित सरकार को खतरा होगा और भारत की कई विकास परियोजनाएं प्रभावित होंगी। इसके अलावा भी पश्चिम एशिया में पांव पसारने की तैयारी में लगी मोदी सरकार को बड़ा नुकसान होगा। यही वजह है कि अमेरिका और तालिबान के बीच सफल शांति वार्ता से भारत की मुश्किलें बढ़ सकती है। 

तालिबान-अमेरिका शांति वार्ता पाकिस्तान के लिए फायदे का सौदा
तालिबान के साथ अमेरिका की शांति वार्ता और समझौता पाकिस्तान के लिए फायदे का सौदा है। इसलिए इन दोनों ध्रुवों के बीच पाकिस्तानी सरकार और उसकी खुफिया एजेंसी आईएसआई बिचौलिए का काम कर रही थी। अफगानिस्तान से अमेरिकी फौजों के वापस जाते ही पाकिस्तान तालिबान की मदद से कश्मीर में आतंकी घटनाओं को अंजाम दे सकता है। यह भी भारत की मुश्किल बढ़ाने वाली बात ही है।

तालिबान को अमेरिका के साथ बातचीत की मेज पर पाकिस्तान ही लेकर आया, क्योंकि वह अपने पड़ोस से अमेरिकी फौजों की जल्द वापसी चाहता है। कतर की राजधानी दोहा में अमेरिका-तालिबान की वार्ता में शामिल होने के लिए ही पाकिस्तान ने कुछ महीने पहले तालिबान के उप संस्थापक मुल्ला बारादर को जेल से रिहा किया था।

अगर अफगानिस्तान में तालिबान की जड़ें मजबूत होती हैं तो वहां की सरकार को हटाने के लिए पाकिस्तान तालिबान को सैन्य साजो-सामान मुहैया करा सकता है। क्योंकि, अफगानिस्तान की वर्तमान सरकार के साथ पाकिस्तान के संबंध सही नहीं है।



भारत की अफगानिस्तान में चल रही इन परियोजनाओं को खतरा



भारत पहले से ही अफगानिस्तान में अरबों डॉलर की लागत से कई बड़ी परियोजनाएं पूरी कर चुका है और इनमें से कुछ पर अभी काम चल रहा है। भारत ने अब तक अफगानिस्तान को करीब तीन अरब डॉलर की मदद दी है, जिससे वहां संसद भवन, सड़कों और बांध आदि का निर्माण हुआ है। यही भारत की अफगानिस्तान में लोकप्रियता बढ़ने की वजह भी है। हालांकि भारत अभी भी वहां कई मानवीय और विकासशी परियोजनाओं पर काम कर रहा है।
 
भारत 116 सामुदायिक विकास परियोजनाओं पर काम कर रहा है, जिन्हें अफगानिस्तान के 31 प्रांतों में क्रियान्वित किया जाएगा। इनमें शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, सिंचाई, पेयजल, नवीकरणीय ऊर्जा, खेल अवसंरचना और प्रशासनिक अवसंरचना के क्षेत्र शामिल हैं। भारत काबुल के लिए शहतूत बांध और पेयजल परियोजना पर भी काम कर रहा है।

अफगान शरणार्थियों के पुनर्वास को प्रोत्साहित करने के लिए भी नानगरहर प्रांत में कम लागत से घरों के निर्माण का काम भी प्रस्तावित है। बामयान प्रांत में बंद-ए-अमीर तक सड़क संपर्क, परवान प्रांत में चारिकार शहर के लिए जलापूर्ति तंत्र और मजार-ए-शरीफ में पॉलीटेक्नीक के निर्माण में भी भारत सहयोग दे रहा है। वहीं कंधार में अफगान राष्ट्रीय कृषि विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की स्थापना में भारत सहयोगी है।




चाबहार परियोजना को भी खतरा



ईरान के चाबहार पोर्ट के विकास में भारत ने भारी निवेश किया हुआ है, ताकि अफगानिस्तान, मध्य एशिया, रूस और यूरोप के देशों से व्यापार और संबंधों को मजबूती दी जा सके। इस परियोजना को चीन की वन बेल्ट वन रोड परियोजना की काट माना जा रहा है। ऐसे में यदि तालिबान सत्तासीन होता है तो भारत की यह परियोजना भी खतरे में पड़ सकती है क्योंकि इससे अफगानिस्तान के रास्ते अन्य देशों में भारत की पहुंच बाधित होगी।



Comments

Popular posts from this blog

सेंट जोसेफ समूह की चार दिवसीय एनुअल स्पोर्टस मीट स्पर्धा-2025 का भव्य शुभांरभ

  लखनऊ. सेंट जोसेफ ग्रुप ऑफ इन्स्टीट्शन्स के चार दिवसीय नीरू मेमोरियल एनुअल स्पोर्ट्स मीट स्पर्धा-2025 का स्थानीय के0डी0 सिंह बाबू स्टेडियम में मार्च-पास्ट पाइप व ब्रास बैंड की मनमोहक धुनों व के साथ भव्य शुभारंभ हुआ। अतिथि के रूप में खेल निदेशक उत्तर प्रदेश डॉ. आर.पी. सिंह, एमएलसी एवं क्रीड़ा भारती उत्तर प्रदेश अध्यक्ष इंजीनियर अवनीश कुमार सिंह, एमएलसी पवन सिंह चौहान, एमएलसी अंगद सिंह,संयुक्त शिक्षा निदेशक प्रदीप कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक राकेश कुमार,पार्षद शिवपाल सांवरिया आदि उपस्थित थे। स्पर्धा का शुभारंभ खेल मशाल के प्रज्वलन तथा चैंपियंस आफ चैंपियन ट्रॉफी के अनावरण के साथ हुआ। सब जूनियर जूनियर और सीनियर वर्गों में आयोजित स्पर्धा के पहले दिन सभी को  पछाड़ते हुए सीतापुर रोड शाखा ने अपना दबदबा बनाए रखा।बैडमिंटन में क्लीन स्वीप करते हुए सब जूनियर,  जूनियर बालक बालिका  के साथ सीनियर सिंगल व मिक्सड डबल्स के गोल्ड पर अपना कब्जा किया। खो -खो जूनियर बालक - बालिका, बास्केट बॉल जूनियर के खिलाड़ियों ने भी गोल्ड पर अपना कब्जा किया। वहीं कबड्डी के सबसे रोमांचक मुकाबले में स...

नारायणा ई-टेक्नो स्कूल, जानकीपुरम्, लखनऊ ने जेईई मेन के मेधावी विद्यार्थियों को किया सम्मानित

  नारायणा ई-टेक्नो स्कूल, जानकीपुरम्, लखनऊ ने जेईई मेन्स (जनवरी 2026) में उत्कृष्ट परसेंटाइल प्राप्त करने वाले अपने मेधावी विद्यार्थियों के सम्मान में एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया। इस अवसर पर श्यामल शुक्ला (99.34 परसेंटाइल), रुद्राक्ष पटेल (96.43 परसेंटाइल), विश्वास सिंह मोर्य (95.39 परसेंटाइल), हर्षिता सिंह (91.97 परसेंटाइल), पियुष कुमार यादव (90.48 परसेंटाइल), अभिनव पांडेय (89.78 परसेंटाइल), आयुष कुमार (87.04 परसेंटाइल) तथा अनमोल मिश्रा (85.31 परसेंटाइल) को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया। समारोह के दौरान डीजीएम श्री आशुतोष ने प्रेरणादायक उद्बोधन देते हुए विद्यार्थियों को निरंतर उत्कृष्टता के लिए प्रयासरत रहने की प्रेरणा ही। प्रधानाचार्या सुश्री एकता सिंह ने सभी विद्यार्थियों को हार्दिक बधाई देते हुए उनके उज्वल भविष्य के लिए मार्गदर्शन प्रदान किया। कॉलेज डीन श्री नितेश सिंह, आरएनडी हेड शिवा कुमार ने विद्यार्थियों की सफलता के प्रमुख कारणों पर प्रकाश डालते हुए उनकी निरंतर मेहनत और अनुशासित तैयारी की सराहना की। वाइस प्रिंसिपल श्री सनेश कुमार धीमान ने भी विद्यार्...

28-29 अगस्त को लगेगा लखनऊ का प्राचीन गोगा वीर मेला, प्रेस वार्ता में कमेटी ने कहा- ये हमारी आन-बान-शान

  लखनऊ के प्राचीनतम गोगा वीर-गुरु गोरखनाथ मेले में झूले की अनुमति न मिलने पर मेला समिति में रोष, प्रेस वार्ता कर जताया विरोध *लखनऊ।* राजधानी के सबसे प्राचीन मेलों में शुमार *गुरु गोरखनाथ एवं गोगा वीर चौहान (जाहरवीर) मेले* के आयोजन को लेकर आज एक *प्रेस वार्ता* का आयोजन किया गया। प्रेस वार्ता में *मेला कमेटी के अध्यक्ष राज किरण राज एवं समस्त पदाधिकारियों* ने प्रशासन द्वारा मेले में झूले की अनुमति न दिए जाने पर गहरा रोष व्यक्त किया। अध्यक्ष राज किरण राज ने कहा कि, _"अगर मेले में झूले नहीं होंगे तो महिलाओं और बच्चों को आनंद नहीं आएगा। मेला तो बच्चों और महिलाओं के बिना अधूरा है। झूले ही मेले की जान होते हैं।"_ उन्होंने बताया कि यह मेला *लखनऊ के प्राचीनतम मेलों में से एक* है। यह सिर्फ मेला नहीं, बल्कि हमारे समाज की *आन, बान और शान का प्रतीक* है। इस मेले में दूर-दूर से हजारों श्रद्धालु बाबा गोगा वीर और गुरु गोरखनाथ जी का आशीर्वाद लेने आते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा बार-बार इस मेले के आयोजन में *बाधा डालने का प्रयास* किया जा रहा है। जानबूझकर अड़ंगे लगाए जा...