ऐशबाग रामलीला मैदान के तुलसी सभागार मे श्री ओ. पी. श्रीवास्तव मेमोरियल स्कूल जो गरीब और मलीन बस्ती के बच्चो के लिए निशुल्क चलाया जाता है के वाषिर्कोत्सव का आयोजन वसुंधरा एन इनिशिएटिव के द्वारा किया गया। बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रम का प्रदर्शन हुआ। स्कूल के संचालक श्री दीनानाथ जी 18 वर्षो से स्कूल शिक्षण का कार्य कर रहे हैं। प्रत्येक वर्ष इन बच्चों का मनोबल बढाने के लिए यह आयोजन किया जाता है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री संजीत सिंह SrDEE (NR Railway)एवं श्रीअतुल कृष्ण सिंह( dipty secratary LDA)कर्नल मृदुल कुमार सिंह सेना मंडल रहे। मुख्य अतिथि ने अपने वक्तव्य मे कार्यक्रम को प्रेरणादायक और संदेशप्रद बताया एवं प्रधानाचार्या मीना देवी तथा समस्त शिक्षिकाओं की भूरि-भूरि प्रशंसा की। कार्यक्रम के आयोजनकर्ता वसुंधरा एन इनिशिएटिव की अध्यक्ष नीना सक्सेना, सरिता शुक्ला, उपाध्यक्ष डा अंजना त्रिपाठी, शंकर रोली, रूचि सिंह लखविन्दर कौर,ज्योति सिंह ऋतुजा सिंह बघेल,विभा तिवारी, वंदना श्रीवास्तव मधुलिका श्रीवास्तव का संपूर्ण सहयोग रहा। वसुंधरा की युवा सृष्टि टीम ने मंच का सं...
पिछले महीने दीपिका पादुकोण की फिल्म छपाक के बहिष्कार का सोशल मीडिया पर अभियान चलाने वाला गुट अब तापसी पन्नू की नई फिल्म थप्पड़ के खिलाफ सक्रिय हो गया है। तापसी की इस फिल्म के निर्देशक अनुभव सिन्हा पर बढ़ चढ़कर सरकार की कई मुद्दों पर मुखालिफत करते रहे हैं। लेकिन, तापसी ने दीपिका की तरह शांत रहने के बजाय सोशल मीडिया पर भी अपना मोर्चा खोल लिया है।
शुक्रवार ही को तापसी की फिल्म 'थप्पड़' सिनेमाघरों में रिलीज हुई है। इस फिल्म को लेकर ट्रोलर्स ने सोशल मीडिया पर तापसी पन्नू को घेरने की कोशिश की, लेकिन तापसी ने ट्रोलर्स को शानदार जवाब देकर उनकी बोलती बंद कर दी। ट्रोलर्स के लिए तापसी ने लिखा, 'हम बहुत खुश हैं कि हमने सोशल मीडिया पर बैठे बेरोजगारों को काम पर लगा दिया। मैं सिर्फ इतना ही कहना चाहूंगी, क्योंकि मैं ऐसे नाकारों को ज्यादा महत्व नहीं देना चाहती।'
तापसी ने मुंबई में सीएए और एनआरसी के विरोध में चल रही एक बैठक में भाग लिया था, जिसके बाद इन दोनों बिलों के समर्थकों ने उस समय तापसी को राष्ट्र विरोधी कहना शुरू कर दिया था। ऐसी ही घटना दीपिका पादुकोण के साथ भी हुई थी, जब उन्होंने अपनी फिल्म 'छपाक' के रिलीज होने से पहले जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी में जाकर सरकार की नीतियों के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शनों में भाग लिया था। दीपिका के इस कदम का सीधा असर उनकी फिल्म के प्रदर्शन पर हुआ था।
तापसी की इस फिल्म का मकसद घरेलू हिंसा के बारे में लोगों को सचेत कराना है। इस पर तापसी कहती हैं, 'थप्पड़ से डर नहीं लगता साहब प्यार से लगता है' वाले कल्चर को अब बदलने की जरूरत है। आशा है कि 'थप्पड़' इसको बदलने में कामयाब रहेगी।'
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