*लखनऊ।* तपती दोपहरी में जब सड़कें सूनी पड़ जाती हैं, तब लखनऊ के हुसड़िया चौराहे पर इंसानियत की एक तस्वीर उभरती है। ‘वॉटर मैन’ के नाम से मशहूर अंकुश विजय ने मंगलवार को जरूरतमंदों के बीच खाने के पैकेट बांटकर न सिर्फ पेट की आग बुझाई, बल्कि पानी की एक-एक बूंद बचाने का संदेश भी दिया। इस नेक काम में उनके परिवार और मित्रों ने कंधे से कंधा मिलाकर उनका हौसला बढ़ाया। अंकुश की मुहिम सिर्फ भोजन तक सीमित नहीं है। राजधानी में जगह-जगह प्याऊ लगवाकर वह राहगीरों की प्यास बुझा रहे हैं। जनसेवा को जीवन का मकसद बना चुके अंकुश ने इस मौके पर कहा, “पानी अनमोल है। यह हमारी थाती है, जिसे हमें अपनी आने वाली पीढ़ियों के लिए संभालकर रखना होगा। एक-एक बूंद बचाएंगे, तभी कल बचेगा।” उन्होंने ऐलान किया कि अब उनकी सेवा की यह धारा लखनऊ से निकलकर आसपास के जिलों तक भी पहुंचेगी, ताकि मदद का दायरा और बड़ा हो सके और हर असहाय तक राहत पहुंचे। स्थानीय लोगों ने वॉटर मैन के जज्बे को सलाम करते हुए कहा कि अंकुश जैसे युवा ही समाज की असली पूंजी हैं।
दिल्ली सरकार के अस्पतालों में बाहरियों के इलाज पर रोक के केजरीवाल सरकार के फैसले से सियासत एक बार फिर गरमा गई है। विपक्षी दल भाजपा ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए काली पट्टी बांध व काला मास्क लगाकर राजघाट पर धरना दिया। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदेश गुप्ता के नेतृत्व में भाजपा विधायकों और कार्यकर्ताओं ने सरकार के फैसले की जमकर मुखालफत की। धरना के कुछ समय बाद ही पुलिस ने सभी प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर थाने ले आई। हालांकि बाद में सभी को छोड़ दिया गया। आदेश गुप्ता ने कहा कि दिल्ली के लोगों को ही समय पर इलाज नहीं मिल रहा है तो दूसरे राज्यों के मरीजों को क्या इलाज मुहैया करा पाएंगे मुख्यमंत्री केजरीवाल। उन्होंने कहा कि केजरीवाल सरकार को वास्तविक मुद्दों से भटकाने में महारत हासिल है। यह उम्मीद नहीं थी कि सांविधानिक पद पर बैठे मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल इस आपदा के समय में भी लोगों की सुरक्षा की जगह राजनीति को सर्वोपरि रखेंगे। नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी ने कहा कि सांविधानिक पद पर बैठा व्यक्ति इतना अमानवीय और संवेदनहीन कैसे हो सकता है। धरना में सोशल डिस्टेंसिंग का विशेष ध्या...