*लखनऊ।* तपती दोपहरी में जब सड़कें सूनी पड़ जाती हैं, तब लखनऊ के हुसड़िया चौराहे पर इंसानियत की एक तस्वीर उभरती है। ‘वॉटर मैन’ के नाम से मशहूर अंकुश विजय ने मंगलवार को जरूरतमंदों के बीच खाने के पैकेट बांटकर न सिर्फ पेट की आग बुझाई, बल्कि पानी की एक-एक बूंद बचाने का संदेश भी दिया। इस नेक काम में उनके परिवार और मित्रों ने कंधे से कंधा मिलाकर उनका हौसला बढ़ाया। अंकुश की मुहिम सिर्फ भोजन तक सीमित नहीं है। राजधानी में जगह-जगह प्याऊ लगवाकर वह राहगीरों की प्यास बुझा रहे हैं। जनसेवा को जीवन का मकसद बना चुके अंकुश ने इस मौके पर कहा, “पानी अनमोल है। यह हमारी थाती है, जिसे हमें अपनी आने वाली पीढ़ियों के लिए संभालकर रखना होगा। एक-एक बूंद बचाएंगे, तभी कल बचेगा।” उन्होंने ऐलान किया कि अब उनकी सेवा की यह धारा लखनऊ से निकलकर आसपास के जिलों तक भी पहुंचेगी, ताकि मदद का दायरा और बड़ा हो सके और हर असहाय तक राहत पहुंचे। स्थानीय लोगों ने वॉटर मैन के जज्बे को सलाम करते हुए कहा कि अंकुश जैसे युवा ही समाज की असली पूंजी हैं।
लखनऊ की मशहूर नवाबी रसोई और अवध के पारंपरिक स्वाद को करीब से महसूस कराने के लिए होमटेल बाय सरोवर, आलमबाग द्वारा ‘जश्न-ए-अवध’ फूड फेस्टिवल का आयोजन किया जा रहा है। यह विशेष फूड फेस्टिवल 12 जनवरी से 21 जनवरी 2026 तक कुल 10 दिनों तक आयोजित होगा, जिसमें शहर के खानपान प्रेमियों को अवध की पहचान माने जाने वाले व्यंजनों का स्वाद एक ही जगह मिलेगा। इस आयोजन के दौरान होमटेल के रेस्टोरेंट ‘फ्लेवर्स’ को नवाबी अंदाज़ शाही दरबार जैसा सजाया जाएगा। मेहमानों के लिए सर्दियों के मौसम को ध्यान में रखते हुए गलौटी कबाब, धीमी आंच पर पकाई गई निहारी, खुशबूदार लखनवी बिरयानी और पारंपरिक शाही टुकड़ा जैसे व्यंजन परोसे जाएंगे। इन व्यंजनों की खास बात यह होगी कि इन्हें पारंपरिक तरीकों से तैयार किया जाएगा, ताकि अवध के पुराने स्वाद और खुशबू को बरकरार रखा जा सके। फूड फेस्टिवल के माहौल को और खास बनाने के लिए पारंपरिक सजावट के साथ सुकून भरी ग़ज़लों की प्रस्तुति भी होगी, जिससे मेहमानों को नवाबी दौर की शामों का एहसास मिल सके। यह फेस्टिवल खास तौर पर परिवारों के लिए तैयार किया गया है, जहां वे सर्द शामों में अच्छे खा...