लखनऊ। केंद्र सरकार के 12 वर्ष सफलतापूर्वक पूर्ण होने के उपलक्ष्य में गुरुद्वारा आलमबाग, लखनऊ में विशेष अरदास का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम राज्यसभा सांसद एवं चंडीगढ़ विश्वविद्यालय के कुलाधिपति सरदार सतनाम सिंह संधू की ओर से आयोजित किया गया। कार्यक्रम में देश की उन्नति, समृद्धि और जनकल्याण के लिए अरदास की गई। बड़ी संख्या में संगत उपस्थित रही और सभी ने राष्ट्र के विकास व सामाजिक सद्भाव के लिए गुरु घर में मत्था टेककर आशीर्वाद प्राप्त किया। सांसद सरदार सतनाम सिंह संधू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीते 12 वर्षों में देश ने विकास, सुशासन, आधारभूत संरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य और जनकल्याण के क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कीं। कार्यक्रम में लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल, राजू गांधी और गिरीश मिश्रा विशेष रूप से उपस्थित रहे। गुरुद्वारा आलमबाग की ओर से मनमोहन सिंह, भूपिंदर सिंह पिंदा, राजेंद्र सिंह राजू कार्यवाहक प्रधान, परविंदर सिंह, इकबाल सिंह, परमजीत सिंह बॉबी, इंदरपाल सिंह, त्रिलोक सिंह बहल और त्रिलोक सिंह टुटेजा ने भी कार्यक्रम में सहभाग...
कानपुर: लोगों के कपड़े प्रेस करके जीवन यापन करने वाले देहली सुजानपुर निवासी हरिश्चंद्र कनौजिया के बेटे सुशील कुमार ने साबित कर दिखाया कि उड़ान पंखों से नहीं बल्कि हौसलों से होती है। अभावों में पले बढ़े सुशील ने नेवल सीनियर सेकेंडरी रिक्रूटमेंट-2019 की परीक्षा में सेलर (ग्रुप सी) पद पर सफलता हासिल की है। 17 अगस्त से कर्नाटक स्थित कारवार नेवल स्टेशन में उनकी शिप ट्रेनिंग शुरू हो जाएगी।
सुशील के पिता कानपुर के किदवई नगर हनुमान मंदिर के पास सालों से कपड़े प्रेस करते आ रहे हैं। सुशील ने बताया कि उसने केंद्रीय विद्यालय चकेरी से इंटरमीडिएट किया है। पापा और मम्मी का सपना था कि घर का कोई सदस्य नेवी या पुलिस में जाए।
तभी से उसने इसे अपना धेय बना लिया था आखिर सफलता मिल गई। नेवी की परीक्षा के साथ यूपी पुलिस 2019 की परीक्षा में भी उसे सफलता मिली है लेकिन वह नेवी में ही नौकरी करेगा। हरिश्चंद्र ने बताया कि पढ़ाई का महत्व वे अच्छे से जानते हैं।
खुद भी स्नातक पास हैं लेकिन कोई नौकरी न मिलने की वजह से पिता के इस काम में हाथ बटाने लगा। बाबा भी यही काम करते थे। हरिश्चंद्र का बड़ा बेटा सूरज हैलट अस्पताल में लैब टेक्नीशियन है। छोटे बेटे सुशील का नेवी में चयन हुआ है। दो बेटियां हैं, वे भी पढ़ाई कर रही हैं।
खुद भी स्नातक पास हैं लेकिन कोई नौकरी न मिलने की वजह से पिता के इस काम में हाथ बटाने लगा। बाबा भी यही काम करते थे। हरिश्चंद्र का बड़ा बेटा सूरज हैलट अस्पताल में लैब टेक्नीशियन है। छोटे बेटे सुशील का नेवी में चयन हुआ है। दो बेटियां हैं, वे भी पढ़ाई कर रही हैं।
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