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मोदी सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने पर गुरुद्वारा आलमबाग में आयोजित हुई विशेष अरदास

    लखनऊ। केंद्र सरकार के 12 वर्ष सफलतापूर्वक पूर्ण होने के उपलक्ष्य में गुरुद्वारा आलमबाग, लखनऊ में विशेष अरदास का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम राज्यसभा सांसद एवं चंडीगढ़ विश्वविद्यालय के कुलाधिपति सरदार सतनाम सिंह संधू की ओर से आयोजित किया गया। कार्यक्रम में देश की उन्नति, समृद्धि और जनकल्याण के लिए अरदास की गई। बड़ी संख्या में संगत उपस्थित रही और सभी ने राष्ट्र के विकास व सामाजिक सद्भाव के लिए गुरु घर में मत्था टेककर आशीर्वाद प्राप्त किया। सांसद सरदार सतनाम सिंह संधू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीते 12 वर्षों में देश ने विकास, सुशासन, आधारभूत संरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य और जनकल्याण के क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कीं।  कार्यक्रम में लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल, राजू गांधी और गिरीश मिश्रा विशेष रूप से उपस्थित रहे।  गुरुद्वारा आलमबाग की ओर से मनमोहन सिंह, भूपिंदर सिंह पिंदा, राजेंद्र सिंह राजू कार्यवाहक प्रधान, परविंदर सिंह, इकबाल सिंह, परमजीत सिंह बॉबी, इंदरपाल सिंह, त्रिलोक सिंह बहल और त्रिलोक सिंह टुटेजा ने भी कार्यक्रम में सहभाग...

बीमार मवेशियों को एंबुलेंस घर-द्वार लेने आएगी




 

ग्रामीण विकास, पंचायतीराज, मत्स्य तथा पशुपालन मंत्री वीरेंद्र कंवर ने शनिवार को 12 लाख रुपये की पशुपालन विभाग की एंबुलेंस को थानाकलां से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कहा कि ऊना जिले के पशुपालकों के लिए एंबुलेंस वरदान साबित होगी। यह एंबुलेंस घर-द्वार बीमार पशुओं को लेने आएगी।  इसके माध्यम से पशुओं के टेस्ट भी किए जाएंगे। उनकी बीमारियों का इलाज करने में सुविधा होगी।
 

बंगाणा, ऊना तथा अंब उपमंडल के पशुपालकों के लिए एंबुलेंस 2-2 दिन उपलब्ध रहेगी। जिले में पशुपालन विभाग को आधुनिक सुविधाएं दी जा रही हैं। सभी पशु चिकित्सालयों में इग्जामिनेशन टेबल और सर्जिकल उपकरण उपलब्ध करवाए गए हैं। तीन ट्रंकुलाइजर गन भी दी गई हैं। कर्मचारियों को इन्हें चलाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। मंत्री ने कहा कि कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र के बरनोह में एक जोनल पशु चिकित्सालय का निर्माण किया जाएगा। इसे सरकार ने स्वीकृति दे दी है। यहां मुर्राह नस्ल की भैंसों का सेंटर बनाया जा रहा है। 

अब हर गाय होगी दुधारू
मंत्री ने कहा कि ऑर्टिफिशियल इंडक्शन ऑफ मिल्क तकनीक से बेसहारा गायों का पुनर्वास करने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए साढ़े चार लाख स्वीकृत किए हैं। बंगाणा उपमंडल में इस तकनीक से 100 बेसहारा गायों का पुनर्वास करने का कहा गया है। इससे वे गायें भी दूध देने लगेंगी, जिन्होंनेे काफी समय पहले दूध देना छोड़ दिया। इससे सड़कों पर बेसहारा गोवंश की समस्या कम करने में मदद मिलेगी। थानाकलां में गो अभ्यारण्य बनने के बाद बेसहारा गोवंश को सहारा दिया जाएगा। 

 




 





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