बलरामपुर। जिले के तुलसीपुर सरकारी अस्पताल में डॉक्टर की बड़ी लापरवाही सामने आई है। प्रसूता के पति *पवन कुमार मिश्रा* ने अस्पताल के *डॉ. आलोक सिंह* पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पवन मिश्रा ने बताया कि उनकी पत्नी 6 माह की गर्भवती थी, तबीयत खराब होने पर उसे तुलसीपुर सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टर ने बताया कि गर्भ में बच्चे की मौत हो चुकी है और ऑपरेशन कर बच्चे को बाहर निकालना पड़ेगा। आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान डॉक्टर ने लापरवाही बरतते हुए प्रसूता की *बड़ी आंत काट दी* और मृत बच्चे को गर्भ में ही छोड़ दिया, जिससे प्रसूता की हालत और बिगड़ गई। जब पवन कुमार मिश्रा अपनी पत्नी को दूसरे अस्पताल ले जा रहे थे, तभी रास्ते में ही मृत बच्चे की डिलीवरी हो गई। बाद में पत्नी को गोंडा और फिर लखनऊ रेफर किया गया। वह अभी जीवित है लेकिन हालत नाजुक बनी हुई है। पवन मिश्रा ने डॉक्टर पर धमकी देने और समझौते का दबाव बनाने का भी आरोप लगाते हुए FIR की मांग की है। पीड़ित के साथ खड़े हुए हनुमान प्रसाद इस मामले में अब *किसान मजदूर संघर्ष पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हनुमान प्रसाद* पीड़ित पति पवन कुमार मिश्रा को...
केंद्र सरकार ने सोमवार को आरोग्य सेतु एप के लिए डाटा प्रोसेसिंग से संबंधित कुछ दिशा-निर्देश जारी किए हैं और इसके उल्लंघन करने वाले व्यक्ति के लिए जेल की सजा का प्रावधान भी जोड़ा है। नए नियमों के तहत 180 दिन से अधिक डाटा स्टोर नहीं किया जा सकता। यूजर की अपील पर 30 दिनों में आरोग्य सेतु के रिकॉर्ड को हटाना होगा।
नए नियम केवल डेमोग्राफिक, कॉन्टैक्ट, सेल्फ-असेसमेंट और संक्रमितों के लोकेशन डाटा के संग्रह की ही अनुमति देते हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय के सचिव अजय प्रकाश साहनी ने बताया, व्यक्तिगत डाटा का गलत इस्तेमाल न हो इसके लिए बेहतर डाटा प्राइवेसी नीति बनाई गई है। निर्देशों के उल्लंघन पर आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 51 से 60 के अनुसार दंड व अन्य कानूनी प्रावधान लागू हो सकते हैं।
नए नियम केवल डेमोग्राफिक, कॉन्टैक्ट, सेल्फ-असेसमेंट और संक्रमितों के लोकेशन डाटा के संग्रह की ही अनुमति देते हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय के सचिव अजय प्रकाश साहनी ने बताया, व्यक्तिगत डाटा का गलत इस्तेमाल न हो इसके लिए बेहतर डाटा प्राइवेसी नीति बनाई गई है। निर्देशों के उल्लंघन पर आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 51 से 60 के अनुसार दंड व अन्य कानूनी प्रावधान लागू हो सकते हैं।
विमान यात्रियों के लिए आरोग्य सेतु हो सकता है अनिवार्य
लॉकडाउन के बाद हवाई यात्रा करने वालों के लिए आरोग्य सेतु एप इंस्टॉल करना अनिवार्य हो सकता है। अधिकारियों ने बताया कि हवाई यात्रियों के लिए एप अनिवार्य करने के लिए विमानन कंपनियों के साथ बात की जा रही है। यदि उड्डयन मंत्रालय में इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाती है, तो जिन यात्रियों के मोबाइल पर एप नहीं होगा, उन्हें विमान पर सवार होने की अनुमति नहीं मिलेगी।
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