ऐशबाग रामलीला मैदान के तुलसी सभागार मे श्री ओ. पी. श्रीवास्तव मेमोरियल स्कूल जो गरीब और मलीन बस्ती के बच्चो के लिए निशुल्क चलाया जाता है के वाषिर्कोत्सव का आयोजन वसुंधरा एन इनिशिएटिव के द्वारा किया गया। बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रम का प्रदर्शन हुआ। स्कूल के संचालक श्री दीनानाथ जी 18 वर्षो से स्कूल शिक्षण का कार्य कर रहे हैं। प्रत्येक वर्ष इन बच्चों का मनोबल बढाने के लिए यह आयोजन किया जाता है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री संजीत सिंह SrDEE (NR Railway)एवं श्रीअतुल कृष्ण सिंह( dipty secratary LDA)कर्नल मृदुल कुमार सिंह सेना मंडल रहे। मुख्य अतिथि ने अपने वक्तव्य मे कार्यक्रम को प्रेरणादायक और संदेशप्रद बताया एवं प्रधानाचार्या मीना देवी तथा समस्त शिक्षिकाओं की भूरि-भूरि प्रशंसा की। कार्यक्रम के आयोजनकर्ता वसुंधरा एन इनिशिएटिव की अध्यक्ष नीना सक्सेना, सरिता शुक्ला, उपाध्यक्ष डा अंजना त्रिपाठी, शंकर रोली, रूचि सिंह लखविन्दर कौर,ज्योति सिंह ऋतुजा सिंह बघेल,विभा तिवारी, वंदना श्रीवास्तव मधुलिका श्रीवास्तव का संपूर्ण सहयोग रहा। वसुंधरा की युवा सृष्टि टीम ने मंच का सं...
पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में भारत की आपत्तियों के बावजूद चीन अरबों डॉलर के सीपीईसी के तहत निर्माण कार्य तेज कर रहा है। एक मीडिया रिपोर्ट में मंगलवार को बताया गया कि चीन ने सीपीईसी के तहत पीओके में 1124 मेगावाट की एक बिजली परियोजना को हरी झंडी दिखा दी है।
एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, कोहाला जलविद्युत परियोजना का ब्योरा सोमवार को पाकिस्तान के ऊर्जा मंत्री उमर अयूब की अध्यक्षता वाली प्राइवेट पावर एंड इंफ्रास्ट्रक्चर बोर्ड (पीपीआईबी) की 127वीं बैठक के दौरान पेश किया गया। बैठक में बताया गया कि चीन-पाकिस्तान आर्थिक कॉरिडोर (सीपीईसी) के तहत 1124 मेगावाट की कोहाला जलविद्युत परियोजना के निर्माण के लिए एक त्रिपक्षीय समझौता किया गया है, जिस पर चीन की थ्री गॉर्जेज कॉरपोरेशन, पीओके के अधिकारी और पीपीआईबी ने हस्ताक्षर किए हैं। झेलम नदी पर बनने वाली इस परियोजना पर करीब 2.4 अरब डॉलर का खर्च आएगा।
पाकिस्तानी कब्जे वाले कश्मीर और लद्दाख के गिलगित-बाल्टिस्तान से होकर गुजरने वाले 3000 किलोमीटर लंबे सीपीईसी का निर्माण चीन और पाकिस्तान मिलकर कर रहे हैं। इसके तहत चीन के शिनजियांग राज्य को पाकिस्तान के ग्वादर बंदरगाह से रेल, सड़क, पाइपलाइन और ऑप्टिकल फाइबर केबल नेटवर्क के जरिये जोड़ा जाना है। भारत लगातार इसे अपनी संप्रभुता का हनन बताते हुए इस पर आपत्ति जता रहा है।
दो महीने में दूसरी परियोजना
बता दें कि विवादित क्षेत्र में यह एक महीने के अंदर दूसरी बड़ी परियोजना है, जिसका निर्माण पाकिस्तान और चीन मिलकर करेंगे। पिछले महीने गिलगित-बाल्टिस्तान में 442 अरब डॉलर की लागत से एक बांध बनाने की परियोजना पर चीन की सरकारी कंपनी और पाकिस्तानी सेना की कॉमर्शियल शाखा ने हस्ताक्षर किए थे। भारत ने अपनी जमीन पर पाकिस्तान के अवैध कब्जे की बात दोहराते हुए इस परियोजना पर आपत्ति जताई थी।
एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, कोहाला जलविद्युत परियोजना का ब्योरा सोमवार को पाकिस्तान के ऊर्जा मंत्री उमर अयूब की अध्यक्षता वाली प्राइवेट पावर एंड इंफ्रास्ट्रक्चर बोर्ड (पीपीआईबी) की 127वीं बैठक के दौरान पेश किया गया। बैठक में बताया गया कि चीन-पाकिस्तान आर्थिक कॉरिडोर (सीपीईसी) के तहत 1124 मेगावाट की कोहाला जलविद्युत परियोजना के निर्माण के लिए एक त्रिपक्षीय समझौता किया गया है, जिस पर चीन की थ्री गॉर्जेज कॉरपोरेशन, पीओके के अधिकारी और पीपीआईबी ने हस्ताक्षर किए हैं। झेलम नदी पर बनने वाली इस परियोजना पर करीब 2.4 अरब डॉलर का खर्च आएगा।
पाकिस्तानी कब्जे वाले कश्मीर और लद्दाख के गिलगित-बाल्टिस्तान से होकर गुजरने वाले 3000 किलोमीटर लंबे सीपीईसी का निर्माण चीन और पाकिस्तान मिलकर कर रहे हैं। इसके तहत चीन के शिनजियांग राज्य को पाकिस्तान के ग्वादर बंदरगाह से रेल, सड़क, पाइपलाइन और ऑप्टिकल फाइबर केबल नेटवर्क के जरिये जोड़ा जाना है। भारत लगातार इसे अपनी संप्रभुता का हनन बताते हुए इस पर आपत्ति जता रहा है।
दो महीने में दूसरी परियोजना
बता दें कि विवादित क्षेत्र में यह एक महीने के अंदर दूसरी बड़ी परियोजना है, जिसका निर्माण पाकिस्तान और चीन मिलकर करेंगे। पिछले महीने गिलगित-बाल्टिस्तान में 442 अरब डॉलर की लागत से एक बांध बनाने की परियोजना पर चीन की सरकारी कंपनी और पाकिस्तानी सेना की कॉमर्शियल शाखा ने हस्ताक्षर किए थे। भारत ने अपनी जमीन पर पाकिस्तान के अवैध कब्जे की बात दोहराते हुए इस परियोजना पर आपत्ति जताई थी।
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