भारतीय मजदूर संघ लखनऊ जिला इकाई द्वारा श्रमिक हितों से संबंधित ज्वलत मागी एवं संगठन के 21वे अखिल भारतीय त्रिवार्षिक अधिवेशन (6, 7, 8 फरवरी 2026, पुरी उड़ीसा) में सर्वसम्मति से पारित प्रस्तावों के समर्थन में एक विशाल धरना-प्रदर्शन एवं ज्ञापन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। अधिवेशन में देशभर से आए प्रतिनिधियों ने श्रमिको, कर्मचारियों, स्कीम वर्करों एवं असंगठित क्षेत्र के कामगारों की समस्याओं पर गभीर चितन किया था तथा केंद्र एवं राज्य सरकारों का ध्यान आकर्षित करने हेतु 25 फरवरी 2026 को राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम का निर्णय लिया गया था। उसी क्रम में लखनऊ में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया।
प्रात 10:30 बजे BSNL प्रधान महाप्रबंधक कार्यालय पर विभिन्न विभागों एवं संगठनों के सैकड़ों कार्यकर्ता एकत्रित हुए। सभा के पश्चात सभी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता शांतिपूर्वक, अनुशासित ढंग से नारे लगाते हुए जिलाधिकारी कार्यालय तक पैदल मार्च करते हुए पहुँचे।
वहाँ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं श्रम एवं रोजगार मंत्री श्री मनसुख मंडाविया को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी महोदय के माध्यम से प्रेषित किया गया। साथ ही मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार को भी कर्मचारियों की समस्याओं से संबंधित 17 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा गया।
ज्ञापन में सभी सेक्टरों के श्रमिकों पर बिना किसी छूट के श्रम कानून लागू करने, इंडस्ट्रियल रिलेशन कोड 2020 एवं ऑक्यूपेशनल सेफ्टी, हेल्थ एंड वकिंग कडीशन कोड 2020 में श्रमिक हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, त्रिपक्षीय तंत्र को सुदृढ़ करने एवं इंडियन लेबर कॉन्फ्रेंस की शीघ्र बैठक बुलाने, EPS-95 के अतर्गत न्यूनतम पेशन ₹1000 से बढ़ाकर 7500 महगाई राहत सहित लागू करने, EPF की वेतन सीमा ₹15000 से बढ़ाकर ₹30000 करने, ESIC की सीमा ₹21000 से बढ़ाकर ₹42000 करने, बोनस भुगतान अधिनियम की पात्रता एवं गणना सीमा बढ़ाने, स्कीम वर्कर एवं ठेका श्रमिकों को संविधान के अनुच्छेद 14, 15, 16 एवं 21 की भावना के अनुरूप स्थायी करने तथा आम भर्ती पर लगी रोक हटाकर सुरक्षित एवं गारंटीड रोजगार उपलब्ध कराने जैसी प्रमुख मागे सम्मिलित रही।
प्रदेश स्तर पर कर्मचारियों की समस्याओं को उठाते हुए आशा एवं आशा सगीनी बहनों को सरकारी कर्मचारी घोषित कर मानदेय देने, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के मानदेय में वृद्धि, एनएचएम संविदा कर्मियों को बीमा लाभ लागू करने, वेतन विसंगतियाँ दूर करने, स्थानांतरण के भय एवं शोषण पर रोक लगाने, 108/102 एबुलेंस के बर्खास्त कर्मियों की बहाली संविदा/आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की नियमावली बनाने, सफाई कर्मचारियों को ₹18000 वेतन एवं नियमितीकरण, मिड-डे मील कर्मचारियों का मानदेय ₹10000 करने, पुरानी पेंशन बहाली, असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने सहित सभी मांगों को प्रमुखता से उठाया गया।
कार्यक्रम में भारतीय मजदूर संघ के क्षेत्र संगठन मंत्री अनुपम जी, प्रदेश संगठन मंत्री रामनिवास जी, प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष राकेश सिंह, जिला महामंत्री कीर्तिवर्धन सिंह सहित विभिन्न संगठनों के वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे।
रोडवेज संगठन से राकेश बाली एवं मोहम्मद नसीम, एनएचएम से योगेश उपाध्याय, संजय एव से मनमोहनदास, शीताशु कुमार एवं प्रभाकर अवस्थी, NOBO से राना केशव शरण, प्रतीक बसाए अक्षय BSNL संगठन से कासिम अली, हरिकेश ओझा, शशिकांत श्रीवास्तव, अजय सिंह एवं शंकर से मिथिलेश शुक्ला, सतीश यादव एवं नरेश गुप्ता, LIC संगठन से सोमेंद्र श्रीवास्तव एवं चंद्रशेखर, नगर निगम संगठन से विकास गौड़ एवं राकेश लक्छा, जलकल लखनऊ संगठन से रूपेंद्र पाडेय, MES संगठन से मनीष शर्मा एवं लखनऊ विश्वविद्यालय संगठन से रिंकू राय सहित विभिन्न सम्बद्ध संगठनों से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
सभा को संबोधित करते हुए जिला महामंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने कहा कि वर्तमान समय में मजदूर वर्ग महंगाई, अस्थायीकरण, वेतन विसंगतियों, सामाजिक सुरक्षा के अभाव और रोजगार की अनिश्चितता से जूझ रहा है। भारतीय मजदूर संघ का यह कार्यक्रम किसी टकराव का प्रतीक नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था के अंतर्गत श्रमिकों के सम्मान, सुरक्षा और स्थायित्व की मांग का सशक्त, शांतिपूर्ण और संगठित प्रयास है एवं यह विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र एव राज्य सरकार श्रमिक हितों को प्राथमिकता देते हुए सकारात्मक निर्णय लेंगी। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि यदि शीघ समाधान की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए तो संगठन व्यापक एवं चरणबद्ध आदोलन के लिए बाध्य होगा।

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