ऐशबाग रामलीला मैदान के तुलसी सभागार मे श्री ओ. पी. श्रीवास्तव मेमोरियल स्कूल जो गरीब और मलीन बस्ती के बच्चो के लिए निशुल्क चलाया जाता है के वाषिर्कोत्सव का आयोजन वसुंधरा एन इनिशिएटिव के द्वारा किया गया। बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रम का प्रदर्शन हुआ। स्कूल के संचालक श्री दीनानाथ जी 18 वर्षो से स्कूल शिक्षण का कार्य कर रहे हैं। प्रत्येक वर्ष इन बच्चों का मनोबल बढाने के लिए यह आयोजन किया जाता है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री संजीत सिंह SrDEE (NR Railway)एवं श्रीअतुल कृष्ण सिंह( dipty secratary LDA)कर्नल मृदुल कुमार सिंह सेना मंडल रहे। मुख्य अतिथि ने अपने वक्तव्य मे कार्यक्रम को प्रेरणादायक और संदेशप्रद बताया एवं प्रधानाचार्या मीना देवी तथा समस्त शिक्षिकाओं की भूरि-भूरि प्रशंसा की। कार्यक्रम के आयोजनकर्ता वसुंधरा एन इनिशिएटिव की अध्यक्ष नीना सक्सेना, सरिता शुक्ला, उपाध्यक्ष डा अंजना त्रिपाठी, शंकर रोली, रूचि सिंह लखविन्दर कौर,ज्योति सिंह ऋतुजा सिंह बघेल,विभा तिवारी, वंदना श्रीवास्तव मधुलिका श्रीवास्तव का संपूर्ण सहयोग रहा। वसुंधरा की युवा सृष्टि टीम ने मंच का सं...
NEET UG का नाम पिछले दो साल से लगातार विवादों में घिरा है। 2025 में इंदौर के सेंटरों पर बिजली चली गई और छात्र अंधेरे में पेपर लिखते रहे, वहीं बायोमेट्रिक सिस्टम भी कई जगह फेल हो गया। 2026 में तो हद ही हो गई जब 3 मई को हुए एग्जाम को पेपर लीक के चलते 12 मई को पूरी तरह रद्द करना पड़ा। NTA ने माना कि मौजूदा परीक्षा प्रक्रिया को जारी रखने की अनुमति नहीं दी जा सकती और मामला CBI को सौंप दिया गया। ऐसे में डॉ. अलगावेंकटेशन का यह तर्क बहुत वाजिब लगता है कि अगर जांच में यह साबित होता है कि गड़बड़ी सिर्फ कुछ राज्यों या सेंटरों तक सीमित थी, तो पूरे देश में दोबारा परीक्षा लेना लाखों निर्दोष छात्रों के साथ नाइंसाफी है। इस पूरे प्रकरण ने एक बार फिर साबित कर दिया कि NTA को आमूलचूल बदलाव की ज़रूरत है। इसकी शुरुआत पारदर्शिता से होनी चाहिए। 2025 और 2026 दोनों साल की जांच रिपोर्ट को बिना किसी लीपापोती के पब्लिक किया जाए। CBI जांच की प्रगति बताने के लिए एक लाइव डैशबोर्ड बने जिसे रोज़ अपडेट किया जाए। NTA के ऑफिस में उन अफसरों को लाया जाए जो टेक्नोलॉजी, साइबर सिक्योरिटी और बड़े पैमाने पर एग्जाम कराने की समझ रखते हों। फीस रिफंड कर देना काफी नहीं है। जिन लोगों की वजह से 22.79 लाख बच्चों का भविष्य दांव पर लगा, उनकी पहचान कर तेज़ ट्रायल चलाया जाए और संपत्ति ज़ब्त की जाए। जब तक गुनहगारों को सज़ा नहीं मिलेगी, तब तक हर साल NEET का यही हाल रहेगा।
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