लखनऊ। केंद्र सरकार के 12 वर्ष सफलतापूर्वक पूर्ण होने के उपलक्ष्य में गुरुद्वारा आलमबाग, लखनऊ में विशेष अरदास का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम राज्यसभा सांसद एवं चंडीगढ़ विश्वविद्यालय के कुलाधिपति सरदार सतनाम सिंह संधू की ओर से आयोजित किया गया। कार्यक्रम में देश की उन्नति, समृद्धि और जनकल्याण के लिए अरदास की गई। बड़ी संख्या में संगत उपस्थित रही और सभी ने राष्ट्र के विकास व सामाजिक सद्भाव के लिए गुरु घर में मत्था टेककर आशीर्वाद प्राप्त किया। सांसद सरदार सतनाम सिंह संधू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीते 12 वर्षों में देश ने विकास, सुशासन, आधारभूत संरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य और जनकल्याण के क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कीं। कार्यक्रम में लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल, राजू गांधी और गिरीश मिश्रा विशेष रूप से उपस्थित रहे। गुरुद्वारा आलमबाग की ओर से मनमोहन सिंह, भूपिंदर सिंह पिंदा, राजेंद्र सिंह राजू कार्यवाहक प्रधान, परविंदर सिंह, इकबाल सिंह, परमजीत सिंह बॉबी, इंदरपाल सिंह, त्रिलोक सिंह बहल और त्रिलोक सिंह टुटेजा ने भी कार्यक्रम में सहभाग...
NEET UG का नाम पिछले दो साल से लगातार विवादों में घिरा है। 2025 में इंदौर के सेंटरों पर बिजली चली गई और छात्र अंधेरे में पेपर लिखते रहे, वहीं बायोमेट्रिक सिस्टम भी कई जगह फेल हो गया। 2026 में तो हद ही हो गई जब 3 मई को हुए एग्जाम को पेपर लीक के चलते 12 मई को पूरी तरह रद्द करना पड़ा। NTA ने माना कि मौजूदा परीक्षा प्रक्रिया को जारी रखने की अनुमति नहीं दी जा सकती और मामला CBI को सौंप दिया गया। ऐसे में डॉ. अलगावेंकटेशन का यह तर्क बहुत वाजिब लगता है कि अगर जांच में यह साबित होता है कि गड़बड़ी सिर्फ कुछ राज्यों या सेंटरों तक सीमित थी, तो पूरे देश में दोबारा परीक्षा लेना लाखों निर्दोष छात्रों के साथ नाइंसाफी है। इस पूरे प्रकरण ने एक बार फिर साबित कर दिया कि NTA को आमूलचूल बदलाव की ज़रूरत है। इसकी शुरुआत पारदर्शिता से होनी चाहिए। 2025 और 2026 दोनों साल की जांच रिपोर्ट को बिना किसी लीपापोती के पब्लिक किया जाए। CBI जांच की प्रगति बताने के लिए एक लाइव डैशबोर्ड बने जिसे रोज़ अपडेट किया जाए। NTA के ऑफिस में उन अफसरों को लाया जाए जो टेक्नोलॉजी, साइबर सिक्योरिटी और बड़े पैमाने पर एग्जाम कराने की समझ रखते हों। फीस रिफंड कर देना काफी नहीं है। जिन लोगों की वजह से 22.79 लाख बच्चों का भविष्य दांव पर लगा, उनकी पहचान कर तेज़ ट्रायल चलाया जाए और संपत्ति ज़ब्त की जाए। जब तक गुनहगारों को सज़ा नहीं मिलेगी, तब तक हर साल NEET का यही हाल रहेगा।
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