*लखनऊ।* तपती दोपहरी में जब सड़कें सूनी पड़ जाती हैं, तब लखनऊ के हुसड़िया चौराहे पर इंसानियत की एक तस्वीर उभरती है। ‘वॉटर मैन’ के नाम से मशहूर अंकुश विजय ने मंगलवार को जरूरतमंदों के बीच खाने के पैकेट बांटकर न सिर्फ पेट की आग बुझाई, बल्कि पानी की एक-एक बूंद बचाने का संदेश भी दिया। इस नेक काम में उनके परिवार और मित्रों ने कंधे से कंधा मिलाकर उनका हौसला बढ़ाया। अंकुश की मुहिम सिर्फ भोजन तक सीमित नहीं है। राजधानी में जगह-जगह प्याऊ लगवाकर वह राहगीरों की प्यास बुझा रहे हैं। जनसेवा को जीवन का मकसद बना चुके अंकुश ने इस मौके पर कहा, “पानी अनमोल है। यह हमारी थाती है, जिसे हमें अपनी आने वाली पीढ़ियों के लिए संभालकर रखना होगा। एक-एक बूंद बचाएंगे, तभी कल बचेगा।” उन्होंने ऐलान किया कि अब उनकी सेवा की यह धारा लखनऊ से निकलकर आसपास के जिलों तक भी पहुंचेगी, ताकि मदद का दायरा और बड़ा हो सके और हर असहाय तक राहत पहुंचे। स्थानीय लोगों ने वॉटर मैन के जज्बे को सलाम करते हुए कहा कि अंकुश जैसे युवा ही समाज की असली पूंजी हैं।
डा. सूर्यकान्त अंतराराष्ट्रीय ग्लोबल एसोसिएशन ऑफ फिजिशियन्स ऑफ इण्डियन ओरिजिन (जीएएफआईओ) फेलोशिप से सम्मानित
लखनऊ, 25 फरवरी । किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के रेस्परेटरी मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर सूर्यकान्त को ग्लोबल एसोएशियन ऑफ फिजिशियन्स ऑफ इण्डियन ओरिजिन (जीएएफआईओ) फेलोशिप से सम्मानित किया गया है । इस संस्था की स्थापना वर्ष 2011 में अपोलो अस्पताल के अध्यक्ष डॉ प्रताप सी रेड्डी द्वारा की गयी थी । इस संगठन का उद्देश्य दुनिया में भारतीय मूल के 14 लाख चिकित्सकों को एक मंच पर एक साथ लाना है, जिससे यह चिकित्सक विश्व के साथ साथ भारत की स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने में अपना योगदान दे सकें। यह पुरस्कार उनके द्वारा कोरोना महामारी के दौरान समाज को जागरूक करने एवं सामाजिक सेवा कार्यों तथा विगत कई वर्षों से चिकित्सा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने के लिए प्रदान किया गया । ज्ञात रहे कि डा. सूर्यकान्त केजीएमयू के रेस्परेटरी मेडिसिन विभाग में 17 वर्ष से प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं एवं 10 वर्ष से विभागाध्यक्ष के पद की सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। इसके अलावा वह चिकित्सा विज्ञान सम्बंधित विषयों पर 18 किताबें भी लिख चुके हैं तथा एलर्जी, अस्थमा, टी.बी. एवं कैंसर के क्षेत्र में उनके अब ...