ऐशबाग रामलीला मैदान के तुलसी सभागार मे श्री ओ. पी. श्रीवास्तव मेमोरियल स्कूल जो गरीब और मलीन बस्ती के बच्चो के लिए निशुल्क चलाया जाता है के वाषिर्कोत्सव का आयोजन वसुंधरा एन इनिशिएटिव के द्वारा किया गया। बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रम का प्रदर्शन हुआ। स्कूल के संचालक श्री दीनानाथ जी 18 वर्षो से स्कूल शिक्षण का कार्य कर रहे हैं। प्रत्येक वर्ष इन बच्चों का मनोबल बढाने के लिए यह आयोजन किया जाता है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री संजीत सिंह SrDEE (NR Railway)एवं श्रीअतुल कृष्ण सिंह( dipty secratary LDA)कर्नल मृदुल कुमार सिंह सेना मंडल रहे। मुख्य अतिथि ने अपने वक्तव्य मे कार्यक्रम को प्रेरणादायक और संदेशप्रद बताया एवं प्रधानाचार्या मीना देवी तथा समस्त शिक्षिकाओं की भूरि-भूरि प्रशंसा की। कार्यक्रम के आयोजनकर्ता वसुंधरा एन इनिशिएटिव की अध्यक्ष नीना सक्सेना, सरिता शुक्ला, उपाध्यक्ष डा अंजना त्रिपाठी, शंकर रोली, रूचि सिंह लखविन्दर कौर,ज्योति सिंह ऋतुजा सिंह बघेल,विभा तिवारी, वंदना श्रीवास्तव मधुलिका श्रीवास्तव का संपूर्ण सहयोग रहा। वसुंधरा की युवा सृष्टि टीम ने मंच का सं...
सेव द चिल्ड्रन (बाल रक्षा भारत) और यूपी फोर्सेज ने लखनऊ में राज्य स्तरीय गुणवत्तापूर्ण बाल देखभाल के बारे में एक परामर्श कार्यक्रम आयोजित किया
लखनऊः एक तरफ, भारत की 97% महिलाएँ अनौपचारिक अर्थव्यवस्था में कार्यरत हैं। वहीं दूसरी तरफ, वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार, हमारी 15% आबादी छह साल से कम उम्र की है। यह माताओं और उनके बच्चों दोनों के लिए उनकी विकास आवश्यकताओं हेतु एक चुनौती है। बच्चों के लिए आज यह जरूरत है कि हम एक राष्ट्र के रूप में उनके शुरूआती बचपन के विकास पर पूरा ध्यान दें। बच्चों के फलने-फूलने और वृद्धि के लिए उनका लालन-पालन और देखभाल करने की आवश्यकता होती है, फिर भी क्रेच और डेकेयर में बच्चों की इस प्रकार की देखभाल दुर्लभ होती है। इन मुद्दों को संबोधित करने और बच्चों की पूर्णकालिक गुणवत्तापूर्ण देखभाल की माँग को पूरा करने के लिए, यूपी फोर्सेज नेटवर्क और सेव द चिल्ड्रन द्वारा एक राज्य स्तरीय परामर्श कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस परामर्श कार्यक्रम का उद्देश्य एक साथ सामूहिक कार्यवाही करनी है, क्योंकि कई गैर सरकारी संगठनों और श्रमिक संगठनों के साथ पूरे देश में आयोजित किए गए कई परामर्श कार्यक्रमों में प्रमुख संदेशों और मांगों को पहले ही साझा किया जा चुका है, चर्चा की जा चुकी है और उन्हें स्वीकार भी किया जा...