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मोदी सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने पर गुरुद्वारा आलमबाग में आयोजित हुई विशेष अरदास

    लखनऊ। केंद्र सरकार के 12 वर्ष सफलतापूर्वक पूर्ण होने के उपलक्ष्य में गुरुद्वारा आलमबाग, लखनऊ में विशेष अरदास का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम राज्यसभा सांसद एवं चंडीगढ़ विश्वविद्यालय के कुलाधिपति सरदार सतनाम सिंह संधू की ओर से आयोजित किया गया। कार्यक्रम में देश की उन्नति, समृद्धि और जनकल्याण के लिए अरदास की गई। बड़ी संख्या में संगत उपस्थित रही और सभी ने राष्ट्र के विकास व सामाजिक सद्भाव के लिए गुरु घर में मत्था टेककर आशीर्वाद प्राप्त किया। सांसद सरदार सतनाम सिंह संधू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीते 12 वर्षों में देश ने विकास, सुशासन, आधारभूत संरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य और जनकल्याण के क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कीं।  कार्यक्रम में लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल, राजू गांधी और गिरीश मिश्रा विशेष रूप से उपस्थित रहे।  गुरुद्वारा आलमबाग की ओर से मनमोहन सिंह, भूपिंदर सिंह पिंदा, राजेंद्र सिंह राजू कार्यवाहक प्रधान, परविंदर सिंह, इकबाल सिंह, परमजीत सिंह बॉबी, इंदरपाल सिंह, त्रिलोक सिंह बहल और त्रिलोक सिंह टुटेजा ने भी कार्यक्रम में सहभाग...

बीएड में गरीब सवर्णों को नहीं मिला 10 प्रतिशत आरक्षण : बरेली


राजधानी समेत प्रदेश भर के बीएड कॉलेजों में गरीब सवर्णों को आरक्षण का लाभ नहीं मिल पाया। बीएड पाठ्यक्रम में इनके लिए 10 प्रतिशत आरक्षण लागू ही नहीं किया गया है। रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय ने काउंसलिंग प्रक्रिया पूरी होने का हवाला देकर गेंद शासन के पाले में डाल दी है। शासन ने अभी तक इस पर कोई फैसला नहीं आया।  विधान परिषद के सदस्य जयपाल सिंह 'व्यस्त' और विधान परिषद के सदस्य अरुण पाठक ने इस पर सवाल भी उठाया है। 10 प्रतिशत आरक्षण तत्काल लागू किए जाने की मांग उठाई है। 


मंजूरी दी गई लेकिन लागू नहीं किया 


बीएड दाखिले के लिए संयुक्त राज्य प्रवेश परीक्षा (जेईई)-2019 की जिम्मेदारी महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय को सौंपी गई । करीब सवा दो लाख सीट के लिए पांच लाख के आसपास अभ्यर्थी शामिल हुए। बीएड समेत गरीब सवर्णों को 10 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था है। जिसकी मंजूरी एनसीटीई ने भी दे दी। लेकिन, इसे लागू नहीं किया गया। कॉलेज संचालकों का कहना है कि जबतक विश्वविद्यालय अनुमति नहीं देगा वह इस कोटे में दाखिले ही नहीं ले पाएंगे। गौरतलब है कि अगर बीएड में भी इसी सत्र से 10 प्रतिशत आरक्षण लागू हो कर दिया जाता तो करीब 21 हजार गरीब सवर्ण अभ्यर्थियों को लाभ मिलता।


बीएड की काउंसलिंग आठ जुलाई को खत्म हो चुकी है। सीट का आदेश बाद में आया। ऐसे में सीट बढ़ाने के फायदे और नुकसान की रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। उनके दिशानिर्देश पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
प्रो. अनिल शुक्ल, कुलपति, रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय



सरकार ने आरक्षण लागू कर दिया है। यह गरीब सवर्ण अभ्यर्थियों का हक है। प्रशासनिक लेटलतीफी में इसे न फंसाएं। इसकी व्यवस्था जल्द से जल्द की जानी चाहिए। 


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