लखनऊ। केंद्र सरकार के 12 वर्ष सफलतापूर्वक पूर्ण होने के उपलक्ष्य में गुरुद्वारा आलमबाग, लखनऊ में विशेष अरदास का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम राज्यसभा सांसद एवं चंडीगढ़ विश्वविद्यालय के कुलाधिपति सरदार सतनाम सिंह संधू की ओर से आयोजित किया गया। कार्यक्रम में देश की उन्नति, समृद्धि और जनकल्याण के लिए अरदास की गई। बड़ी संख्या में संगत उपस्थित रही और सभी ने राष्ट्र के विकास व सामाजिक सद्भाव के लिए गुरु घर में मत्था टेककर आशीर्वाद प्राप्त किया। सांसद सरदार सतनाम सिंह संधू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीते 12 वर्षों में देश ने विकास, सुशासन, आधारभूत संरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य और जनकल्याण के क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कीं। कार्यक्रम में लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल, राजू गांधी और गिरीश मिश्रा विशेष रूप से उपस्थित रहे। गुरुद्वारा आलमबाग की ओर से मनमोहन सिंह, भूपिंदर सिंह पिंदा, राजेंद्र सिंह राजू कार्यवाहक प्रधान, परविंदर सिंह, इकबाल सिंह, परमजीत सिंह बॉबी, इंदरपाल सिंह, त्रिलोक सिंह बहल और त्रिलोक सिंह टुटेजा ने भी कार्यक्रम में सहभाग...
आज अन्नकूट के पावन पर्व पर गंगोत्री मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए बंद किए जाएंगे। गंगोत्री मंदिर समिति के अध्यक्ष सुरेश सेमवाल ने बताया कि दीपावली के अगले दिन अन्नकूट के पावन पर्व पर 28 अक्तूबर को सुबह से मां गंगा की विशेष पूजा-अर्चना शुरू हो जाएगी।
पूर्वाह्न 11.40 बजे मंदिर के कपाट बंद कर 11.55 बजे गंगा जी की भोग मूर्ति को डोली यात्रा के साथ मुखबा के लिए रवाना की जाएगी। इस दिन डोली यात्रा मुखबा मार्कण्डेय के निकट देवी मंदिर में रात्रि विश्राम करेगी और अगले दिन मां गंगा की भोग मूर्ति को मुखबा स्थित गंगा मंदिर में स्थापित किया जाएगा।
वहीं, भैयादूज पर 29 अक्तूबर को यमुनोत्री मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए बंद किए जाएंगे। 29 अक्तूबर को ही केदारनाथ धाम के कपाट भी बंद हो जाएंगे।
इस बार रिकार्ड संख्या में पहुंचे तीर्थयात्री
चार धाम यात्रा संपन्न होने में अब महज दो दिन शेष बचे हैं। धामों के प्रति लोगों में बढ़ती आस्था और चाक चौबंद यात्रा व्यवस्थाओं के चलते इस बार यमुनोत्री एवं गंगोत्री धाम रिकार्ड संख्या में तीर्थयात्री पहुंचे।
बीते वर्षों से अब तक वर्ष 2011 में सर्वाधिक 9,47,259 तीर्थयात्री इन धामों तक पहुंचे थे, जबकि इस बार कपाट बंद होने से तीन दिन पहले ही 9,93,314 तीर्थयात्री यमुनोत्री एवं गंगोत्री की यात्रा कर चुके हैं। इसमें 5,27,742 यात्री गंगोत्री और 4,65,572 यात्री यमुनोत्री पहुंचे हैं। बीच में वर्ष 2012-13 की आपदा के बाद यात्रा में भारी गिरावट आ गई थी।
बीते वर्षों से अब तक वर्ष 2011 में सर्वाधिक 9,47,259 तीर्थयात्री इन धामों तक पहुंचे थे, जबकि इस बार कपाट बंद होने से तीन दिन पहले ही 9,93,314 तीर्थयात्री यमुनोत्री एवं गंगोत्री की यात्रा कर चुके हैं। इसमें 5,27,742 यात्री गंगोत्री और 4,65,572 यात्री यमुनोत्री पहुंचे हैं। बीच में वर्ष 2012-13 की आपदा के बाद यात्रा में भारी गिरावट आ गई थी।
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