लखनऊ। केंद्र सरकार के 12 वर्ष सफलतापूर्वक पूर्ण होने के उपलक्ष्य में गुरुद्वारा आलमबाग, लखनऊ में विशेष अरदास का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम राज्यसभा सांसद एवं चंडीगढ़ विश्वविद्यालय के कुलाधिपति सरदार सतनाम सिंह संधू की ओर से आयोजित किया गया। कार्यक्रम में देश की उन्नति, समृद्धि और जनकल्याण के लिए अरदास की गई। बड़ी संख्या में संगत उपस्थित रही और सभी ने राष्ट्र के विकास व सामाजिक सद्भाव के लिए गुरु घर में मत्था टेककर आशीर्वाद प्राप्त किया। सांसद सरदार सतनाम सिंह संधू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीते 12 वर्षों में देश ने विकास, सुशासन, आधारभूत संरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य और जनकल्याण के क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कीं। कार्यक्रम में लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल, राजू गांधी और गिरीश मिश्रा विशेष रूप से उपस्थित रहे। गुरुद्वारा आलमबाग की ओर से मनमोहन सिंह, भूपिंदर सिंह पिंदा, राजेंद्र सिंह राजू कार्यवाहक प्रधान, परविंदर सिंह, इकबाल सिंह, परमजीत सिंह बॉबी, इंदरपाल सिंह, त्रिलोक सिंह बहल और त्रिलोक सिंह टुटेजा ने भी कार्यक्रम में सहभाग...
मकान खरीदना हर आदमी का सपना होता है, जिसे पूरा करने के लिए बड़ी पूंजी की जरूरत होती है। अगर आप नौकरीपेशा हैं, तो इस जरूरत को पूरा करने के लिए बैंक कर्ज के अलावा भविष्य निधि (पीएफ) में जमा रकम का भी विकल्प है। पीएफ खाते से मकान खरीदने के दो विकल्प होते हैं। पहला ईपीएफओ की हाउसिंग स्कीम के तहत और दूसरा खाते से आंशिक निकासी कर।
सरकारी या निजी क्षेत्र के हर कर्मचारी के पास पीएफ खाता होता है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने कानून में संशोधन कर 12 अप्रैल, 2017 को अपने सदस्यों के लिए हाउसिंग स्कीम का प्रावधान लागू किया। इसका फायदा ईपीएफओ के करीब 6 करोड़ सदस्य उठा सकते हैं। इसके तहत मकान खरीदने, बनाने या प्लॉट खरीदने के लिए कर्मचारी अपने फंड से 90 फीसदी राशि निकाल सकते हैं।
बनना होगा सहकारी समिति का सदस्य
ईपीएफओ सदस्य को हाउसिंग स्कीम का फायदा उठाने के लिए 10 सदस्यीय सहकारी या हाउसिंग सोसायटी का सदस्य बनना होगा। इसके अलावा हाउसिंग स्कीम के तहत पीएफ से पैसा निकालने के लिए ईपीएफओ सदस्य का तीन साल से ज्यादा की भागीदारी होनी जरूरी है। इससे कम अवधि तक ईपीएफ में वेतन कटौती वाले पैसा नहीं निकाल सकेंगे। साथ ही अगर खाते में 20 हजार से कम की राशि है, तो भी कर्मचारी इस योजना के तहत निकासी नहीं कर सकेंगे। हाउसिंग स्कीम का लाभ सदस्य को एक ही बार मिल सकता है।
पीएफ से भरें होम लोन की ईएमआई
पीएफ खाते में जमा राशि आपके होम लोन की ईएमआई चुकाने में भी मददगार हो सकती है। ईपीएफओ होम लोन रिपेमेंट स्कीम के तहत खाताधारक अपने वेतन से पीएफ में हर महीने कटने वाली राशि से ईएमआई चुका सकते हैं। अगर किसी कर्मचारी की ईपीएफओ सदस्यता खत्म हो जाती है और उसके पीएफ खाते में मासिक ईएमआई चुकाने की रकम नहीं है, तो सरकार या पीएफआरडीए इसके भुगतान के लिए जिम्मेदार नहीं होगी।
मकान के लिए आंशिक निकासी की सुविधा
ईपीएफओ के मौजूदा नियमों के तहत सदस्य बिना हाउसिंग सोसायटी स्कीम के भी मकान या प्लॉट खरीदने के लिए फंड से आंशिक निकासी कर सकते हैं। अगर किसी बिल्डर से मकान या फ्लैट खरीद रहे हैं, तो खाताधारक की ईपीएफओ सदस्या कम से कम 5 साल होनी चाहिए। खाताधारक प्लॉट खरीदने के लिए मासिक वेतन का 24 गुना और मकान खरीदने या बनाने के लिए मासिक वेतन का 36 गुना रकम निकाल सकते हैं। हालांकि, इसमें यह शर्त भी होती है कि मकान का निर्माण पैसा निकालने के 6 महीने के भीतर शुरू हो जाए और 12 महीने में पूरा हो जाना चाहिए। अगर तैयार मकान या फ्लैट खरीदना चाहते हैं, तो यह काम 6 महीने में पूरा हो जाना चाहिए। इस दौरान रकम की निकासी एकमुश्त या किस्तों में की जा सकती है।
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