राजधानी लखनऊ के जानकीपुरम क्षेत्र में आज *डॉक्टर आस्था, MBBS, MS - ENT * के *ट्राईसेंस क्लिनिक* का भव्य शुभारंभ किया गया। क्लिनिक का उद्घाटन फीता काटकर किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में क्षेत्रीय गणमान्य लोग, डॉक्टर और स्थानीय निवासी उपस्थित रहे। क्लिनिक में उपलब्ध सुविधाएं डॉक्टर आस्था ने बताया कि ट्राईसेंस क्लिनिक में कान, नाक और गले से जुड़ी सभी बीमारियों की जांच और उपचार अत्याधुनिक उपकरणों के साथ किया जाएगा। क्लिनिक का उद्देश्य क्षेत्र के लोगों को सस्ती, गुणवत्तापूर्ण और समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। जेनेक्स पैथोलॉजी लैब दे रही 4 साल से सेवा इस अवसर पर *डॉक्टर आदर्श* द्वारा संचालित *जेनेक्स पैथोलॉजी लैब* का भी उल्लेख किया गया। जेनेक्स पैथोलॉजी लैब पिछले 4 वर्षों से जानकीपुरम क्षेत्र में लोगों को विश्वसनीय पैथोलॉजी जांच सेवाएं प्रदान कर रही है। बहुत जल्द लैब में एक-रे सीटी स्कैन जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध होगी।क्लिनिक और लैब के समन्वय से मरीजों को एक ही स्थान पर जांच और उपचार की सुविधा मिल सकेगी। डॉक्टर आस्था ने कहा कि "हमारा प्रयास है कि जानकीपुरम और आसपास के क्षेत...
दिल्ली से मुंबई और कोलकाता के लिए रेल मार्ग से जाने पर अगले पांच वर्ष में वेटिंग लिस्ट टिकट खत्म हो जाएंगे। यह दावा रेलवे बोर्ड अध्यक्ष विनोद कुमार यादव ने सोमवार को किया। एक प्रेसवार्ता में उन्हाेंने यह भी बताया कि रेलवे तीन अतिरिक्त डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (डीएफसी) पर भी काम कर रहा है, इन पर 10 वर्ष में 2.6 लाख करोड़ रुपये खर्च होंगे।
बोर्ड अध्यक्ष के अनुसार डीएफसी की वजह से यात्री रेलमार्ग से राष्ट्रीय स्तर पर माल ढुलाई करने वालोें का बोझ कम होगा, जिससे यहां इतनी ट्रेंने चलाई जाएंगी कि अगले पांच वर्ष में वेटिंग लिस्ट नहीं बचेगी। उन्हाेंने बताया कि दिल्ली-मुंबई और दिल्ली-हावड़ा मार्ग पर डीएफसी निर्माण 2021 तक पूरा होगा।
इससे इन रेल मार्गों पर मांग के अनुसार ट्रेन चलाई जा सकेंगी। ट्रेनों की गति 160 किमी प्रति घंटा करने का काम अगले चार वर्ष पूरा होगा। गति 60 प्रतिशत बढ़ाने की अनुमति मिलने से राजधानी ट्रेनें रातोंरात गंतव्य पर पहुंचा रही हैं। 2019-20 में 194 ट्रेनों को उत्कृष्ट की श्रेणी में अपग्रेड किया जा रहा है। 78 नए ट्रेनें अप्रैल से अक्तूबर के बीच शुरू हुई हैं। वहीं 65627 रेल के डिब्बों में 2,34,248 बायो-शौचालय लगाए गए हैं।
बोर्ड अध्यक्ष के अनुसार डीएफसी की वजह से यात्री रेलमार्ग से राष्ट्रीय स्तर पर माल ढुलाई करने वालोें का बोझ कम होगा, जिससे यहां इतनी ट्रेंने चलाई जाएंगी कि अगले पांच वर्ष में वेटिंग लिस्ट नहीं बचेगी। उन्हाेंने बताया कि दिल्ली-मुंबई और दिल्ली-हावड़ा मार्ग पर डीएफसी निर्माण 2021 तक पूरा होगा।
इससे इन रेल मार्गों पर मांग के अनुसार ट्रेन चलाई जा सकेंगी। ट्रेनों की गति 160 किमी प्रति घंटा करने का काम अगले चार वर्ष पूरा होगा। गति 60 प्रतिशत बढ़ाने की अनुमति मिलने से राजधानी ट्रेनें रातोंरात गंतव्य पर पहुंचा रही हैं। 2019-20 में 194 ट्रेनों को उत्कृष्ट की श्रेणी में अपग्रेड किया जा रहा है। 78 नए ट्रेनें अप्रैल से अक्तूबर के बीच शुरू हुई हैं। वहीं 65627 रेल के डिब्बों में 2,34,248 बायो-शौचालय लगाए गए हैं।
शुरू हुआ रेवाड़ी-मदार डीएफसी, जल्द भदान-खुर्जा
उन्हाेंने बताया कि 27 दिसंबर से रेवाड़ी-मदार के 305 किमी रूट पर पश्चिमी डीएफसी शुरू हो चुका है। जल्द पूर्वी डीएफसी के भदान-खुर्जा के 194 किमी रूट भी शुरू किया जाएगा। यहां ट्रायल जारी हैं।
Comments
Post a Comment