लखनऊ। केंद्र सरकार के 12 वर्ष सफलतापूर्वक पूर्ण होने के उपलक्ष्य में गुरुद्वारा आलमबाग, लखनऊ में विशेष अरदास का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम राज्यसभा सांसद एवं चंडीगढ़ विश्वविद्यालय के कुलाधिपति सरदार सतनाम सिंह संधू की ओर से आयोजित किया गया। कार्यक्रम में देश की उन्नति, समृद्धि और जनकल्याण के लिए अरदास की गई। बड़ी संख्या में संगत उपस्थित रही और सभी ने राष्ट्र के विकास व सामाजिक सद्भाव के लिए गुरु घर में मत्था टेककर आशीर्वाद प्राप्त किया। सांसद सरदार सतनाम सिंह संधू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीते 12 वर्षों में देश ने विकास, सुशासन, आधारभूत संरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य और जनकल्याण के क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कीं। कार्यक्रम में लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल, राजू गांधी और गिरीश मिश्रा विशेष रूप से उपस्थित रहे। गुरुद्वारा आलमबाग की ओर से मनमोहन सिंह, भूपिंदर सिंह पिंदा, राजेंद्र सिंह राजू कार्यवाहक प्रधान, परविंदर सिंह, इकबाल सिंह, परमजीत सिंह बॉबी, इंदरपाल सिंह, त्रिलोक सिंह बहल और त्रिलोक सिंह टुटेजा ने भी कार्यक्रम में सहभाग...
दिल्ली से मुंबई और कोलकाता के लिए रेल मार्ग से जाने पर अगले पांच वर्ष में वेटिंग लिस्ट टिकट खत्म हो जाएंगे। यह दावा रेलवे बोर्ड अध्यक्ष विनोद कुमार यादव ने सोमवार को किया। एक प्रेसवार्ता में उन्हाेंने यह भी बताया कि रेलवे तीन अतिरिक्त डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (डीएफसी) पर भी काम कर रहा है, इन पर 10 वर्ष में 2.6 लाख करोड़ रुपये खर्च होंगे।
बोर्ड अध्यक्ष के अनुसार डीएफसी की वजह से यात्री रेलमार्ग से राष्ट्रीय स्तर पर माल ढुलाई करने वालोें का बोझ कम होगा, जिससे यहां इतनी ट्रेंने चलाई जाएंगी कि अगले पांच वर्ष में वेटिंग लिस्ट नहीं बचेगी। उन्हाेंने बताया कि दिल्ली-मुंबई और दिल्ली-हावड़ा मार्ग पर डीएफसी निर्माण 2021 तक पूरा होगा।
इससे इन रेल मार्गों पर मांग के अनुसार ट्रेन चलाई जा सकेंगी। ट्रेनों की गति 160 किमी प्रति घंटा करने का काम अगले चार वर्ष पूरा होगा। गति 60 प्रतिशत बढ़ाने की अनुमति मिलने से राजधानी ट्रेनें रातोंरात गंतव्य पर पहुंचा रही हैं। 2019-20 में 194 ट्रेनों को उत्कृष्ट की श्रेणी में अपग्रेड किया जा रहा है। 78 नए ट्रेनें अप्रैल से अक्तूबर के बीच शुरू हुई हैं। वहीं 65627 रेल के डिब्बों में 2,34,248 बायो-शौचालय लगाए गए हैं।
बोर्ड अध्यक्ष के अनुसार डीएफसी की वजह से यात्री रेलमार्ग से राष्ट्रीय स्तर पर माल ढुलाई करने वालोें का बोझ कम होगा, जिससे यहां इतनी ट्रेंने चलाई जाएंगी कि अगले पांच वर्ष में वेटिंग लिस्ट नहीं बचेगी। उन्हाेंने बताया कि दिल्ली-मुंबई और दिल्ली-हावड़ा मार्ग पर डीएफसी निर्माण 2021 तक पूरा होगा।
इससे इन रेल मार्गों पर मांग के अनुसार ट्रेन चलाई जा सकेंगी। ट्रेनों की गति 160 किमी प्रति घंटा करने का काम अगले चार वर्ष पूरा होगा। गति 60 प्रतिशत बढ़ाने की अनुमति मिलने से राजधानी ट्रेनें रातोंरात गंतव्य पर पहुंचा रही हैं। 2019-20 में 194 ट्रेनों को उत्कृष्ट की श्रेणी में अपग्रेड किया जा रहा है। 78 नए ट्रेनें अप्रैल से अक्तूबर के बीच शुरू हुई हैं। वहीं 65627 रेल के डिब्बों में 2,34,248 बायो-शौचालय लगाए गए हैं।
शुरू हुआ रेवाड़ी-मदार डीएफसी, जल्द भदान-खुर्जा
उन्हाेंने बताया कि 27 दिसंबर से रेवाड़ी-मदार के 305 किमी रूट पर पश्चिमी डीएफसी शुरू हो चुका है। जल्द पूर्वी डीएफसी के भदान-खुर्जा के 194 किमी रूट भी शुरू किया जाएगा। यहां ट्रायल जारी हैं।
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