लखनऊ। केंद्र सरकार के 12 वर्ष सफलतापूर्वक पूर्ण होने के उपलक्ष्य में गुरुद्वारा आलमबाग, लखनऊ में विशेष अरदास का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम राज्यसभा सांसद एवं चंडीगढ़ विश्वविद्यालय के कुलाधिपति सरदार सतनाम सिंह संधू की ओर से आयोजित किया गया। कार्यक्रम में देश की उन्नति, समृद्धि और जनकल्याण के लिए अरदास की गई। बड़ी संख्या में संगत उपस्थित रही और सभी ने राष्ट्र के विकास व सामाजिक सद्भाव के लिए गुरु घर में मत्था टेककर आशीर्वाद प्राप्त किया। सांसद सरदार सतनाम सिंह संधू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीते 12 वर्षों में देश ने विकास, सुशासन, आधारभूत संरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य और जनकल्याण के क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कीं। कार्यक्रम में लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल, राजू गांधी और गिरीश मिश्रा विशेष रूप से उपस्थित रहे। गुरुद्वारा आलमबाग की ओर से मनमोहन सिंह, भूपिंदर सिंह पिंदा, राजेंद्र सिंह राजू कार्यवाहक प्रधान, परविंदर सिंह, इकबाल सिंह, परमजीत सिंह बॉबी, इंदरपाल सिंह, त्रिलोक सिंह बहल और त्रिलोक सिंह टुटेजा ने भी कार्यक्रम में सहभाग...
लंदन में भारतीय उच्चायोग के बाहर देश विरोधी प्रदर्शन करने की इजाजत देने के लिए केंद्र सरकार ने गुरुवार को ब्रिटेन को जमकर लताड़ लगाई। भारत ने कहा है कि इस तरह की घटनाओं से उच्चायोग के संचालन में कठिनाइयां पैदा हो रही हैं।
उच्चायोग के बाहर 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के मौके पर किए गए इस प्रदर्शन में सैकड़ों लोगों की भीड़ एकत्र हुई थी। इस भीड़ ने जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा वापस लेने के लिए भारत की निंदा की थी और क्षेत्र में चह रही कथित ‘दमनात्मक कार्रवाई’ को खत्म करने की मांग की थी। इस प्रदर्शन का आयोजन पाकिस्तानी मूल के ब्रिटिश नागरिकों ने किया था।
गुरुवार को विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा, हमने इस मामले को ब्रिटिश सरकार के सामने उठाया है। उन्हें बताया है कि इस तरह की घटनाओं से हमारे उच्चायोग की कार्रवाई के संचालन में परेशानी पैदा होती है। उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद है भविष्य में लंदन में ऐसे भारत विरोधी प्रदर्शन आयोजित नहीं होंगे।
बता दें कि पिछले सप्ताह ब्रिटेन में भारत की उच्चायुक्त रुचि घनश्याम ने गृह सचिव प्रीति पटेल से मुलाकात की थी। मुलाकात में उच्चायुक्त ने भारतीय मिशन के बाहर ऐसे योजनाबद्ध प्रदर्शनों से सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ने का मुद्दा गृह सचिव के सामने रखा था।
उच्चायोग के बाहर 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के मौके पर किए गए इस प्रदर्शन में सैकड़ों लोगों की भीड़ एकत्र हुई थी। इस भीड़ ने जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा वापस लेने के लिए भारत की निंदा की थी और क्षेत्र में चह रही कथित ‘दमनात्मक कार्रवाई’ को खत्म करने की मांग की थी। इस प्रदर्शन का आयोजन पाकिस्तानी मूल के ब्रिटिश नागरिकों ने किया था।
गुरुवार को विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा, हमने इस मामले को ब्रिटिश सरकार के सामने उठाया है। उन्हें बताया है कि इस तरह की घटनाओं से हमारे उच्चायोग की कार्रवाई के संचालन में परेशानी पैदा होती है। उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद है भविष्य में लंदन में ऐसे भारत विरोधी प्रदर्शन आयोजित नहीं होंगे।
बता दें कि पिछले सप्ताह ब्रिटेन में भारत की उच्चायुक्त रुचि घनश्याम ने गृह सचिव प्रीति पटेल से मुलाकात की थी। मुलाकात में उच्चायुक्त ने भारतीय मिशन के बाहर ऐसे योजनाबद्ध प्रदर्शनों से सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ने का मुद्दा गृह सचिव के सामने रखा था।
लगातार ब्रिटेन को चेता रहा है भारत
दरअसल ब्रिटेन में भारतीय उच्चायोग के बाहर प्रदर्शन का यह पहला मामला नहीं है। पिछले साल स्वतंत्रता दिवस के मौके पर भी पाकिस्तान समर्थकों ने उच्चायोग के बाहर हिंसक प्रदर्शन किया था। इस दौरान हजारों लोगों की भीड़ ने उच्चायोग के बाहर हिंसा करनी शुरू कर दी थी।
उस समय भी भारत ने ब्रिटिश विदेश मंत्रालय को इस बारे में चेताया था। इसके अलावा भी कई मौके पर पाकिस्तानी समूहों ने ब्रिटेन में रहने वाले सिख व कश्मीरी अलगाववादियों के साथ मिलकर भारतीय उच्चायोग के बाहर हिंसक प्रदर्शनों को अंजाम दिया है।
उस समय भी भारत ने ब्रिटिश विदेश मंत्रालय को इस बारे में चेताया था। इसके अलावा भी कई मौके पर पाकिस्तानी समूहों ने ब्रिटेन में रहने वाले सिख व कश्मीरी अलगाववादियों के साथ मिलकर भारतीय उच्चायोग के बाहर हिंसक प्रदर्शनों को अंजाम दिया है।
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