Skip to main content

Featured Post

मोदी सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने पर गुरुद्वारा आलमबाग में आयोजित हुई विशेष अरदास

    लखनऊ। केंद्र सरकार के 12 वर्ष सफलतापूर्वक पूर्ण होने के उपलक्ष्य में गुरुद्वारा आलमबाग, लखनऊ में विशेष अरदास का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम राज्यसभा सांसद एवं चंडीगढ़ विश्वविद्यालय के कुलाधिपति सरदार सतनाम सिंह संधू की ओर से आयोजित किया गया। कार्यक्रम में देश की उन्नति, समृद्धि और जनकल्याण के लिए अरदास की गई। बड़ी संख्या में संगत उपस्थित रही और सभी ने राष्ट्र के विकास व सामाजिक सद्भाव के लिए गुरु घर में मत्था टेककर आशीर्वाद प्राप्त किया। सांसद सरदार सतनाम सिंह संधू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीते 12 वर्षों में देश ने विकास, सुशासन, आधारभूत संरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य और जनकल्याण के क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कीं।  कार्यक्रम में लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल, राजू गांधी और गिरीश मिश्रा विशेष रूप से उपस्थित रहे।  गुरुद्वारा आलमबाग की ओर से मनमोहन सिंह, भूपिंदर सिंह पिंदा, राजेंद्र सिंह राजू कार्यवाहक प्रधान, परविंदर सिंह, इकबाल सिंह, परमजीत सिंह बॉबी, इंदरपाल सिंह, त्रिलोक सिंह बहल और त्रिलोक सिंह टुटेजा ने भी कार्यक्रम में सहभाग...

दक्षिण कोरिया ने बिना लॉकडाउन ऐसे जीती कोरोना से जंग


कोरोना वायरस ने चीन के बाद सबसे पहले अगर किसी देश को प्रभावित किया तो वह था दक्षिण कोरिया। इस देश में अब तक 9 हजार से ज्यादा लोग इस वायरस से संक्रमित हो चुके हैं और 139 लोगों की जान जा चुकी है। 


मगर कोरोना का जो विकराल रूप मार्च की शुरुआत में था, वैसा भयावह रूप अब देखने को नहीं मिल रहा है। कारण एक महिला के नेतृत्व वाली टीम का अथक प्रयास और कोरोना को हराने का जज्बा। कोरिया के रोग नियंत्रण एवं निवारण केंद्र (सीडीसी) की प्रमुख जंग इयुन-केयोंग। इनके दम पर ही आज कोरिया ने कोरोना पर काफी हद तक काबू पा लिया है। 



इसी महीने 3 मार्च को जहां एक दिन में 851 मामले सामने आए थे, वहीं 23 मार्च को यह घटकर 64 तक पहुंच गए। कोरोना से जंग जीतने में सीडीसी प्रमुख जंग ने दिन-रात एक कर दिए। हफ्तों तक घर नहीं गईं। आराम भी बमुश्किल ही किया और जीतकर ही दम लिया। 

खास बात यह रही कि उन्होंने देश को लॉकडाउन नहीं किया बल्कि कोरोना वायरस का पीछा कर उसे खत्म किया। कोरिया में वायरस के संक्रमण का प्रमुख केंद्र गुप्त धार्मिक पंथ रहा, जहां शामिल होने वाले भक्तों में यह वायरस तेजी से फैला। 

जंग ने इनके साथ अनुबंध कर सभी 2,12,000 सदस्यों की जानकारी हासिल की और सभी की ढूंढ-ढूंढकर जांच की।





  • चीन के बाद दक्षिण कोरिया पहला ऐसा देश था, जहां कोरोना वायरस बहुत तेजी से फैला। 

  • इसके बावजूद कोरिया में शहरों को लॉकडाउन नहीं किया गया और न ही कार्यालय बंद किए गए। स्कूल भी अप्रैल में खुलने वाले हैं।  

  • मगर कोरिया के स्वास्थ्य प्रशासन ने अमेरिका, ब्रिटेन की तुलना में ज्यादा तेजी से कदम उठाया और ज्यादा से ज्यादा लोगों की जांच की। उनका पूरा फोकस टेस्टिंग आपरेशन पर ही रहा। 


कोरोना को लेकर नक्शा तैयार किया 

  • सीडीसी चीफ जंग इयुन-केयोंग के नेतृत्व में टीम का पूरा फोकस कोरोना को लेकर पूरा नक्शा तैयार करने पर रहा। 

  • इसकी शुरुआत हुई सियोल से 150 मील दूर डेगू स्थित चर्च से, कोरिया में वैश्विक महामारी का यही केंद्र रहा है। 

  • अधिकारियों ने अपनी जांच का दायरा बढ़ाते हुए उन सभी की जांच की, जो मरीजों के संपर्क में रहे थे। 

  • यह प्रयास इसलिए भी खास है क्योंकि न तो दक्षिण कोरिया सिंगापुर की तरह छोटा सा देश है और न ही यहां चीन की तरह तानाशाही है। 





रंग लाई मुहिम 




  • जंग के नेतृत्व में चलाई गई यह मुहिम रंग लाई और अंतरराष्ट्रीय मंच पर इसे सराहना भी मिली। 

  • अमेरिका के खाद्य एवं दवा प्रशासन के पूर्व अध्यक्ष स्कॉट गॉटलिब ने कहा कि हमें इससे सीख लेनी चाहिए। 

  • दो हफ्ते पहले जहां हर हफ्ते 900 नए मामले सामने आ रहे थे, वह घटकर 100 प्रति सप्ताह तक आ गए हैं। 


गलतियों से लिया सबक

  • ऐसा नहीं है कि जंग हमेशा ही एक सफल योद्धा रहीं, लेकिन महामारी से निपटने में अपनी पिछली गलतियों से उन्होंने सबक लिया।

  • सियोल के बाहर यांगजू शहर के डॉक्टर परिवार से संबंध रखने वाली जंग इयुन-केयोंग 1995 में स्वास्थ्य मंत्रालय से जुड़ी थीं

  • 2009 में उन्हें H1N1 महामारी को रोकने का जिम्मा सौंपा गया। इस वायरस से 7.5 लाख कोरियाई नागरिक प्रभावित हुए थे। 

  • छह साल बाद उन्हें MERS से लड़ने के लिए रोग नियंत्रण एवं निवारण केंद्र (सीडीसी) का प्रमुख बनाया गया। 

  • कई शहरों में संक्रमित मरीजों को बिना जानकारी के स्थानीय अस्पतालों में भर्ती कराया गया। इसकी काफी आलोचना हुई।

  • बाद में यह भी खबर आई कि लापरवाही की वजह से उनका वेतन भी काटा गया। 





हफ्तों तक घर नहीं गईं 




  • यही नहीं जंग हफ्तों तक घर नहीं गईं। पार्किंग में खड़े खाने के ट्रक से कुछ खातीं और फिर काम पर लौट आतीं। 

  • इस दौरान वह बमुश्किल ही सोईं और दिन रात काम करती रहीं। 

  • सीडीसी प्रमुख को कई विदेशी मीडिया चैनलों ने इंटरव्यू के लिए बुलाया, लेकिन उन्होंने साफ कह दिया कि उनकी प्राथमिकता अभी कुछ और है। 


मगर इस बार नहीं की कोई चूक 

  • इस बार जंग के नेतृत्व वाली टीम ने कोई चूक नहीं की और स्थानीय कंपनियों के साथ बड़े पैमाने पर टेस्टिंग किट तैयार करवाई, जिसे तुरंत मंजूरी भी दिलवाई गई।  

  • जनवरी में जंग दिन में दो बार देश को इस वायरस पर अपडेट देती रहीं। उन्होंने मरीजों की पहचान छिपाई नहीं बल्कि उनकी लोकेशन तक साझा की।

  • मरीज का इलाज किस अस्पताल में हुआ, कौन-कौन उसके संपर्क में आया, यह सब बताया गया। 

  • लोगों को उनके स्मार्ट फोन पर मरीजों की मौजूदा लोकेशन के बारे में भी जानकारी मुहैया कराई गई।  

  • सीडीसी ने हर रोज 20 हजार लोगों की जांच करने की प्रक्रिया शुरू कर दी, जिससे इस वायरस पर काबू करने में मदद मिली। 



 


 

 

Comments

Popular posts from this blog

सेंट जोसेफ समूह की चार दिवसीय एनुअल स्पोर्टस मीट स्पर्धा-2025 का भव्य शुभांरभ

  लखनऊ. सेंट जोसेफ ग्रुप ऑफ इन्स्टीट्शन्स के चार दिवसीय नीरू मेमोरियल एनुअल स्पोर्ट्स मीट स्पर्धा-2025 का स्थानीय के0डी0 सिंह बाबू स्टेडियम में मार्च-पास्ट पाइप व ब्रास बैंड की मनमोहक धुनों व के साथ भव्य शुभारंभ हुआ। अतिथि के रूप में खेल निदेशक उत्तर प्रदेश डॉ. आर.पी. सिंह, एमएलसी एवं क्रीड़ा भारती उत्तर प्रदेश अध्यक्ष इंजीनियर अवनीश कुमार सिंह, एमएलसी पवन सिंह चौहान, एमएलसी अंगद सिंह,संयुक्त शिक्षा निदेशक प्रदीप कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक राकेश कुमार,पार्षद शिवपाल सांवरिया आदि उपस्थित थे। स्पर्धा का शुभारंभ खेल मशाल के प्रज्वलन तथा चैंपियंस आफ चैंपियन ट्रॉफी के अनावरण के साथ हुआ। सब जूनियर जूनियर और सीनियर वर्गों में आयोजित स्पर्धा के पहले दिन सभी को  पछाड़ते हुए सीतापुर रोड शाखा ने अपना दबदबा बनाए रखा।बैडमिंटन में क्लीन स्वीप करते हुए सब जूनियर,  जूनियर बालक बालिका  के साथ सीनियर सिंगल व मिक्सड डबल्स के गोल्ड पर अपना कब्जा किया। खो -खो जूनियर बालक - बालिका, बास्केट बॉल जूनियर के खिलाड़ियों ने भी गोल्ड पर अपना कब्जा किया। वहीं कबड्डी के सबसे रोमांचक मुकाबले में स...

नारायणा ई-टेक्नो स्कूल, जानकीपुरम्, लखनऊ ने जेईई मेन के मेधावी विद्यार्थियों को किया सम्मानित

  नारायणा ई-टेक्नो स्कूल, जानकीपुरम्, लखनऊ ने जेईई मेन्स (जनवरी 2026) में उत्कृष्ट परसेंटाइल प्राप्त करने वाले अपने मेधावी विद्यार्थियों के सम्मान में एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया। इस अवसर पर श्यामल शुक्ला (99.34 परसेंटाइल), रुद्राक्ष पटेल (96.43 परसेंटाइल), विश्वास सिंह मोर्य (95.39 परसेंटाइल), हर्षिता सिंह (91.97 परसेंटाइल), पियुष कुमार यादव (90.48 परसेंटाइल), अभिनव पांडेय (89.78 परसेंटाइल), आयुष कुमार (87.04 परसेंटाइल) तथा अनमोल मिश्रा (85.31 परसेंटाइल) को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया। समारोह के दौरान डीजीएम श्री आशुतोष ने प्रेरणादायक उद्बोधन देते हुए विद्यार्थियों को निरंतर उत्कृष्टता के लिए प्रयासरत रहने की प्रेरणा ही। प्रधानाचार्या सुश्री एकता सिंह ने सभी विद्यार्थियों को हार्दिक बधाई देते हुए उनके उज्वल भविष्य के लिए मार्गदर्शन प्रदान किया। कॉलेज डीन श्री नितेश सिंह, आरएनडी हेड शिवा कुमार ने विद्यार्थियों की सफलता के प्रमुख कारणों पर प्रकाश डालते हुए उनकी निरंतर मेहनत और अनुशासित तैयारी की सराहना की। वाइस प्रिंसिपल श्री सनेश कुमार धीमान ने भी विद्यार्...

एनएचएम संविदा कर्मचारियों ने प्रदेश स्तरीय बैठक कर बनाई रणनीति

लखनऊ ,उ०प्र० राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ (रजि०) की समस्याओं के सम्बन्ध में प्रदेश स्तरीय बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में अतिथि के रूप में भारतीय मजदूर संघ से विभाग प्रमुख (पूर्ण कालिक संगठन मंत्री) अश्वनी शुक्ला जी, उ०प्र० राज्य कर्मचारी एशोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष व भारतीय मजदूर संघ के पूर्व जिला अध्यक्ष लखनऊ हरिशरण मिश्रा जी एवं उनके प्रदेश महामंत्री महेन्द्र कुमार दीक्षित जी की गरिमामयी उपस्थिति रही। बैठक की अध्यक्षता कर रहे एनएचएम संघ के प्रदेश अध्यक्ष ठा० मयंक प्रताप सिंह ने सभी उपस्थित अतिथियों का स्वागत एवं अभिनन्दन किया, इस बैठक में प्रदेश के समस्त जनपदों एवं मण्डलों से आये पदाधिकारियों ने प्रतिभाग किया। प्रदेश अध्यक्ष मयंक प्रताप सिंह ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अन्तर्गत कार्यस्त संविदा कर्मचारियों की गम्भीर समस्याओं का प्रकाश डालते हुये आगामी समय में कर्मचारियों की मुख्य मांगों में नियमितीकरण/समान कार्य समान वेतन, वेतन बढ़ोत्तरी, जॉब सुरक्षा एवं कैशलेस चिकित्सा सुविधा अथवा स्वास्थ्य बीमा शामिल हैं एवं इसके साथ ही कर्मचारियों के मानदेय भुगतान में आ रही समस्याओं क...