बलरामपुर। जिले के तुलसीपुर सरकारी अस्पताल में डॉक्टर की बड़ी लापरवाही सामने आई है। प्रसूता के पति *पवन कुमार मिश्रा* ने अस्पताल के *डॉ. आलोक सिंह* पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पवन मिश्रा ने बताया कि उनकी पत्नी 6 माह की गर्भवती थी, तबीयत खराब होने पर उसे तुलसीपुर सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टर ने बताया कि गर्भ में बच्चे की मौत हो चुकी है और ऑपरेशन कर बच्चे को बाहर निकालना पड़ेगा। आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान डॉक्टर ने लापरवाही बरतते हुए प्रसूता की *बड़ी आंत काट दी* और मृत बच्चे को गर्भ में ही छोड़ दिया, जिससे प्रसूता की हालत और बिगड़ गई। जब पवन कुमार मिश्रा अपनी पत्नी को दूसरे अस्पताल ले जा रहे थे, तभी रास्ते में ही मृत बच्चे की डिलीवरी हो गई। बाद में पत्नी को गोंडा और फिर लखनऊ रेफर किया गया। वह अभी जीवित है लेकिन हालत नाजुक बनी हुई है। पवन मिश्रा ने डॉक्टर पर धमकी देने और समझौते का दबाव बनाने का भी आरोप लगाते हुए FIR की मांग की है। पीड़ित के साथ खड़े हुए हनुमान प्रसाद इस मामले में अब *किसान मजदूर संघर्ष पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हनुमान प्रसाद* पीड़ित पति पवन कुमार मिश्रा को...
आईएमएफ (IMF) की प्रमुख क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने कहा कि कोरोना वायरस महामारी ने दुनियाभर की अर्थव्यवस्था को मंदी की ओर धकेल दिया है, जिससे विकासशील देशों को मदद के लिए बड़े पैमाने पर धन की आवश्यकता होगी। उन्होंने पत्रकारों को संबोधित करते हुए अपने एक बयान में कहा, "यह साफ हो चुका है कि हम मंदी में प्रवेश कर गए हैं" जो कि 2009 में आए वैश्विक वित्तीय संकट से भी ज्यादा खराब है।
दुनियाभर की अर्थव्यवस्था में आचानक से लगी इस रोक पर जॉर्जीवा ने कहा कि उभरते हुए बाजारों को संभालने के लिए 2.5 खरब डॉलर की अनुमानित फंड की जरुरत है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि यह अनुमानित फंड सबसे शुरुआती है।
आईएमएफ प्रमुख क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने कहा, "उभरते बाजारों में हाल के सप्ताहों में 83 अरब डॉलर से अधिक की पूंजी निकाली गई है, जिसके चलते यहां की सरकारों को काफी मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में हालात को सामान्य करने के लिए कई कदम उठाए जा सकते हैं, लेकिन इन बाजारों में घरेलू संसाधन अपर्याप्त हैं। वहीं, कई बाजारों पर तो पहले से ही ज्यादा लोन का भार चढ़ चुका है।" उन्होंने आगे कहा कि 80 से अधिक देशों, जिनकी आय बहुत कम है उन्होंने पहले ही अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष से आपातकालीन सहायता का अनुरोध कर रखा है। जॉर्जीवा ने कहा, "हम जानते हैं कि उनके खुद के भंडार और घरेलू संसाधन पर्याप्त नहीं होंगे।"
आईएमएफ प्रमुख ने वाशिंगटन स्थित ऋणदाता संचालन समिति के साथ एक वर्चुअल बैठक के बाद संवाददाताओं से बात की। इस दौरान उन्होंने आधिकारिक तौर पर अनुरोध किया कि इमरजेंसी सुविधाओं के लिए मौजूद 50 अरब डॉलर के स्तर वाले फंड को और बढ़ाया जाए।
दुनियाभर की अर्थव्यवस्था में आचानक से लगी इस रोक पर जॉर्जीवा ने कहा कि उभरते हुए बाजारों को संभालने के लिए 2.5 खरब डॉलर की अनुमानित फंड की जरुरत है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि यह अनुमानित फंड सबसे शुरुआती है।
आईएमएफ प्रमुख क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने कहा, "उभरते बाजारों में हाल के सप्ताहों में 83 अरब डॉलर से अधिक की पूंजी निकाली गई है, जिसके चलते यहां की सरकारों को काफी मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में हालात को सामान्य करने के लिए कई कदम उठाए जा सकते हैं, लेकिन इन बाजारों में घरेलू संसाधन अपर्याप्त हैं। वहीं, कई बाजारों पर तो पहले से ही ज्यादा लोन का भार चढ़ चुका है।" उन्होंने आगे कहा कि 80 से अधिक देशों, जिनकी आय बहुत कम है उन्होंने पहले ही अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष से आपातकालीन सहायता का अनुरोध कर रखा है। जॉर्जीवा ने कहा, "हम जानते हैं कि उनके खुद के भंडार और घरेलू संसाधन पर्याप्त नहीं होंगे।"
आईएमएफ प्रमुख ने वाशिंगटन स्थित ऋणदाता संचालन समिति के साथ एक वर्चुअल बैठक के बाद संवाददाताओं से बात की। इस दौरान उन्होंने आधिकारिक तौर पर अनुरोध किया कि इमरजेंसी सुविधाओं के लिए मौजूद 50 अरब डॉलर के स्तर वाले फंड को और बढ़ाया जाए।
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