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भूखे को भोजन, प्यासे को पानी: वॉटर मैन अंकुश विजय ने हुसड़िया चौराहे पर बांटी राहत, दिया जल बचाने का संकल्प

*लखनऊ।* तपती दोपहरी में जब सड़कें सूनी पड़ जाती हैं, तब लखनऊ के हुसड़िया चौराहे पर इंसानियत की एक तस्वीर उभरती है। ‘वॉटर मैन’ के नाम से मशहूर अंकुश विजय ने मंगलवार को जरूरतमंदों के बीच खाने के पैकेट बांटकर न सिर्फ पेट की आग बुझाई, बल्कि पानी की एक-एक बूंद बचाने का संदेश भी दिया। इस नेक काम में उनके परिवार और मित्रों ने कंधे से कंधा मिलाकर उनका हौसला बढ़ाया। अंकुश की मुहिम सिर्फ भोजन तक सीमित नहीं है। राजधानी में जगह-जगह प्याऊ लगवाकर वह राहगीरों की प्यास बुझा रहे हैं। जनसेवा को जीवन का मकसद बना चुके अंकुश ने इस मौके पर कहा, “पानी अनमोल है। यह हमारी थाती है, जिसे हमें अपनी आने वाली पीढ़ियों के लिए संभालकर रखना होगा। एक-एक बूंद बचाएंगे, तभी कल बचेगा।” उन्होंने ऐलान किया कि अब उनकी सेवा की यह धारा लखनऊ से निकलकर आसपास के जिलों तक भी पहुंचेगी, ताकि मदद का दायरा और बड़ा हो सके और हर असहाय तक राहत पहुंचे। स्थानीय लोगों ने वॉटर मैन के जज्बे को सलाम करते हुए कहा कि अंकुश जैसे युवा ही समाज की असली पूंजी हैं।

नहीं निकला कोरोना वायरस वुहान की लैब से

 


चीन ने वुहान की लैब में कोरोना वायरस के पैदा होने की खबरों को खारिज करते हुए कहा कि वायरस को मानव द्वारा नहीं बनाया जा सकता। हाल ही में कुछ रिपोर्टों में यह दावा किया गया था कि कोरोना वायरस वुहान की लैब से निकला था, जिसके बाद पूरी दुुनिया में इसने कहर बरपाया।
वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी के निदेशक युआन झिमिंग ने पहली बार मीडिया से मुखातिब होते हुए कहा, हम जानते हैं कि इंस्टीट्यूट में किस तरह का शोध किया जाता है और कैसे वायरस व सैंपल की देखरेख की जाती है। हम दावे के साथ कहते हैं कि वायरस लैब से नहीं फैला। हमारे नियम काफी सख्त हैं। हमारे शोध में सभी दिशानिर्देशों का पालन किया जाता है, इसलिए हम पूरी तरह आश्वस्त हैं।


अमेरिका के आरोपों पर युआन ने कहा, यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि कुछ लोग जानबूझकर लोगों को बरगला रहे हैं, जिन्हें इस विषय के बारे में कोई जानकारी नहीं है। ये आरोप केवल कयासों पर आधारित हैं। इसका मकसद लोगों में भ्रम पैदा करना और महामारी के खिलाफ हमारी लड़ाई को नुकसान पहुंचाना है।


वे शायद दूसरे तरीकों से अपना लक्ष्य हासिल कर लें, लेकिन एक जिम्मेदार वैज्ञानिक होने के नाते मैं जानता हूं कि यह असंभव है। वायरस को इंसान द्वारा बनाया ही नहीं जा सकता। इस बात का कोई सुबूत नहीं है कि यह वायरस कृत्रिम तरीके से ईजाद किया गया है।


 


 


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