लखनऊ। केंद्र सरकार के 12 वर्ष सफलतापूर्वक पूर्ण होने के उपलक्ष्य में गुरुद्वारा आलमबाग, लखनऊ में विशेष अरदास का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम राज्यसभा सांसद एवं चंडीगढ़ विश्वविद्यालय के कुलाधिपति सरदार सतनाम सिंह संधू की ओर से आयोजित किया गया। कार्यक्रम में देश की उन्नति, समृद्धि और जनकल्याण के लिए अरदास की गई। बड़ी संख्या में संगत उपस्थित रही और सभी ने राष्ट्र के विकास व सामाजिक सद्भाव के लिए गुरु घर में मत्था टेककर आशीर्वाद प्राप्त किया। सांसद सरदार सतनाम सिंह संधू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीते 12 वर्षों में देश ने विकास, सुशासन, आधारभूत संरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य और जनकल्याण के क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कीं। कार्यक्रम में लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल, राजू गांधी और गिरीश मिश्रा विशेष रूप से उपस्थित रहे। गुरुद्वारा आलमबाग की ओर से मनमोहन सिंह, भूपिंदर सिंह पिंदा, राजेंद्र सिंह राजू कार्यवाहक प्रधान, परविंदर सिंह, इकबाल सिंह, परमजीत सिंह बॉबी, इंदरपाल सिंह, त्रिलोक सिंह बहल और त्रिलोक सिंह टुटेजा ने भी कार्यक्रम में सहभाग...
सुशांत सिंह राजपूत मौत से जुड़े ड्रग्स कनेक्शन की जांच कर रहे नॉरकोटिक्स कंट्रोल बोर्ड (एनसीबी) बॉलीवुड के ड्रग्स रैकेट के करीब पहुंचता जा रहा है। मंगलवार को एनसीबी ने इस मामले की प्रमुख आरोपी रिया चक्रवर्ती और उसके भाई शौविक चक्रवर्ती के दोस्त करमजीत सिंह की एक करोड़ की कार जब्त कर ली।ड्रग्स मामले की जांच कर रही एनसीबी को लगातार सफलता मिल रही है। शौविक के कॉलेज के साथी सूर्यदीप मल्होत्रा को पूछताछ के बाद और गोवा से पकड़े गए ड्रग्स पेडलर क्रिस कोस्टा को गिरफ्तार कर लिया गया। क्रिस कोस्टा को 17 सितंबर और सूर्यदीप को 18 सितंबर तक एनसीबी की कस्टडी में भेज दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि सुशांत सिंह मौत की जांच के सिलसिले में इन दोनो की गिरफ्तारी की गई है। इस तरह अब तक रिया और शौविक सहित कुल 18 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
रिया की जमानत याचिका खारिज
विशेष एनडीपीएस कोर्ट ने ड्रग्स मामले में आरोपी रिया चक्रवर्ती को जमानत देने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि यदि उसे जमानत पर रिहा किया गया तो वह अन्य लोगों को सतर्क कर देगी और वे सुबूतों को नष्ट कर देंगे।
विशेष एनडीपीएस कोर्ट ने ड्रग्स मामले में आरोपी रिया चक्रवर्ती को जमानत देने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि यदि उसे जमानत पर रिहा किया गया तो वह अन्य लोगों को सतर्क कर देगी और वे सुबूतों को नष्ट कर देंगे।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश जीबी गुराओ ने 11 सितंबर की जमानत अर्जी पर सुनवाई करते हुए कहा कि जांच अभी शुरुआती चरण में है और यदि आरोपी बाहर आई तो वह अभियोजन पक्ष के साक्ष्यों को नष्ट कर सकती है।
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