राजधानी लखनऊ के जानकीपुरम क्षेत्र में आज *डॉक्टर आस्था, MBBS, MS - ENT * के *ट्राईसेंस क्लिनिक* का भव्य शुभारंभ किया गया। क्लिनिक का उद्घाटन फीता काटकर किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में क्षेत्रीय गणमान्य लोग, डॉक्टर और स्थानीय निवासी उपस्थित रहे। क्लिनिक में उपलब्ध सुविधाएं डॉक्टर आस्था ने बताया कि ट्राईसेंस क्लिनिक में कान, नाक और गले से जुड़ी सभी बीमारियों की जांच और उपचार अत्याधुनिक उपकरणों के साथ किया जाएगा। क्लिनिक का उद्देश्य क्षेत्र के लोगों को सस्ती, गुणवत्तापूर्ण और समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। जेनेक्स पैथोलॉजी लैब दे रही 4 साल से सेवा इस अवसर पर *डॉक्टर आदर्श* द्वारा संचालित *जेनेक्स पैथोलॉजी लैब* का भी उल्लेख किया गया। जेनेक्स पैथोलॉजी लैब पिछले 4 वर्षों से जानकीपुरम क्षेत्र में लोगों को विश्वसनीय पैथोलॉजी जांच सेवाएं प्रदान कर रही है। बहुत जल्द लैब में एक-रे सीटी स्कैन जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध होगी।क्लिनिक और लैब के समन्वय से मरीजों को एक ही स्थान पर जांच और उपचार की सुविधा मिल सकेगी। डॉक्टर आस्था ने कहा कि "हमारा प्रयास है कि जानकीपुरम और आसपास के क्षेत...
दुर्गापूजा, दशहरा, बारावफात व दीपावली को देखते हुए कमिश्नरेट में धारा धारा 144 बढ़ाई गई है। जेसीपी कानून एवं व्यवस्थ पीयूष मोर्डिया के मुताबिक पिछली बार आठ सितंबर को इस धारा को पांच अक्तूबर तक के लिए लागू किया गया था। मंगलवार की मध्य रात्रि को समाप्त होनी थी। लेकिन त्योहारों में अतिरिक्त सुरक्षा को देखते हुए इसे आठ नवंबर तक के लिए बढ़ा दिया गया है। इस दौरान कोई भी विधान भवन के एक किलोमीटर के दायरे में अग्नेयाश्त्र, ज्वलनशील पदार्थ, सिलेंडर, घातक पदार्थ, हथियार प्रतिबंधित रहेगा।
जेसीपी कानून व्यवस्था के मुताबिक कोविड-19 महामारी की वजह से 24 बिंदुओं पर पाबंदी लगाई गई है। इसमें सार्वजनिक स्थान पर पांच से अधिक लोग एक साथ नहीं जुट सकते हैं। किसी भी धार्मिक स्थल पर रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक ध्वनि विस्तारक यंत्र का प्रयोग नहीं किया जाएगा। कोई भी व्यक्ति अपनी छत पर ईंट, पत्थर, सोडावाटर की बोतल, ज्वलनशील पदार्थ अथवा विस्फोटक जमा नहीं कर सकेंगे। किसी भी तरह का सांप्रदायिक तनाव या वैमनस्यता फैलाने वाले प्रकाशन पर रोक रहेगी।
सरकारी कार्यालय, विधान भवन या आसपास एक किलोमीटर के दायरे में ड्रोन से शूटिंग करना पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा। जिनका पालन कराने के लिए पुलिस कर्मी तैनात हैं। इसके अलावा कई संगठनों के प्रदर्शन प्रस्तावित हैं। जिनसे शंति व्यवस्था भंग हो सकती है। इसे देखते हुए 8 नवंबर तक के लिए धारा 144 प्रभावी रहेगी। उन्होंने पुलिस को निर्देश दिया है कि इस संबंध में प्रचार प्रसार और लोगों को जागरूक किया जाए। सभी पुलिस आयुक्त न्यायालय व कार्यालय में नोटिस बोर्ड पर सूचना चस्पा किया जाए। साथ ही सभी थाना व पुलिस कंट्रोल रूम की गाड़ियों में लगे स्पीकर से प्रचार किया जाए।
त्यौहारों के मद्देनजर किए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
नवरात्र और आने वाले दिनों के अन्य त्यौहारों के मद्देनजर पुलिस महकमे ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। वहीं, हाल ही में हुई घटनाओं को लेकर पुलिस सतर्क भी है। डीजीपी मुकुल गोयल ने बताया कि आगामी त्यौहारों के मद्देनजर फील्ड के अफसरों को निर्देश जारी किए गए हैं। हर तरह के विवाद को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई के लिए कहा गया है। सोशल मीडिया पर नजर रखने और अफवाहों त्वरित रोकने के निर्देश दिए हैं। सूत्रों का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने के लिए 138 कंपनी पीएसी और 5 कंपनी अर्ध सैनिक बल की तैनाती विभिन्न जिलों में की गई है।
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