ऐशबाग रामलीला मैदान के तुलसी सभागार मे श्री ओ. पी. श्रीवास्तव मेमोरियल स्कूल जो गरीब और मलीन बस्ती के बच्चो के लिए निशुल्क चलाया जाता है के वाषिर्कोत्सव का आयोजन वसुंधरा एन इनिशिएटिव के द्वारा किया गया। बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रम का प्रदर्शन हुआ। स्कूल के संचालक श्री दीनानाथ जी 18 वर्षो से स्कूल शिक्षण का कार्य कर रहे हैं। प्रत्येक वर्ष इन बच्चों का मनोबल बढाने के लिए यह आयोजन किया जाता है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री संजीत सिंह SrDEE (NR Railway)एवं श्रीअतुल कृष्ण सिंह( dipty secratary LDA)कर्नल मृदुल कुमार सिंह सेना मंडल रहे। मुख्य अतिथि ने अपने वक्तव्य मे कार्यक्रम को प्रेरणादायक और संदेशप्रद बताया एवं प्रधानाचार्या मीना देवी तथा समस्त शिक्षिकाओं की भूरि-भूरि प्रशंसा की। कार्यक्रम के आयोजनकर्ता वसुंधरा एन इनिशिएटिव की अध्यक्ष नीना सक्सेना, सरिता शुक्ला, उपाध्यक्ष डा अंजना त्रिपाठी, शंकर रोली, रूचि सिंह लखविन्दर कौर,ज्योति सिंह ऋतुजा सिंह बघेल,विभा तिवारी, वंदना श्रीवास्तव मधुलिका श्रीवास्तव का संपूर्ण सहयोग रहा। वसुंधरा की युवा सृष्टि टीम ने मंच का सं...
रामस्वरूप मेमोरियल विश्वविद्यालय का प्रथम दीक्षांत समारोह
लखनऊ: श्री रामस्वरूप मेमोरियल विश्वविद्यालय, उत्तर प्रदेश द्वारा प्रथम दीक्षांत समारोह का आयोजन 11 अक्टूबर, 2021 को विश्वविद्यालय परिसर में किया जा रहा है, जिसमें उत्तीर्ण विद्यार्थियों को उपाधि देकर सम्मानित किया जाएगा। सत्र 2019-2020 और 2020-2021 के लिए स्नातक, स्नातकोत्तर और डॉक्टरेट विद्यार्थियों को कुल 2954 उपाधि ऑनलाइन प्रदान की जाएंगी। कोविड -19 प्रोटोकॉल सुनिश्चित करने के लिए समारोह एक प्रतीकात्मक कार्यक्रम होगा जहां केवल स्वर्ण एवं रजत पदक विजेताओं को परिसर में सम्मान
लिए आमंत्रित किया गया है।
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजी.सी.) के पूर्व अध्यक्ष एवं विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक वरिष्ठ शिक्षाविद और शोधकर्ता, प्रोफेसर वी.एन. राजशेखरन पिल्लई को इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है। डॉ. सुधीर मिश्रा (महानिदेशक, ब्रह्मोस, डीआरडीओ एवं सीईओ व प्रबंध निदेशक, ब्रह्मोस एरोस्पेस) को मिसाइल प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए डॉक्टरेट ऑफ साइंस की मानद उपाधि से सम्मानित किया जाएगा। साथ ही प्रसिद्ध लोक गायक पदम श्री प्रहलाद सिंह टिपानिया को लोक कला में उनके योगदान
को मान्यता देते हुए डॉक्टरेट ऑफ लिटरेचर की मानद उपाधि से सम्मानित किया जाएगा।
सत्र 2019-2020 एवं 2020-2021 के स्नातक एवं रनातकोत्तर पाठ्यक्रमों के उन्यासी विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक जबकि चौवन विद्यार्थियों को रजत पदक से सम्मानित किया जाएगा। इस अवसर पर अड़सठ डॉक्टरेट विद्यार्थियों को पीएच.डी. की डिग्री प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त छह विद्यार्थोयों को अकादमिक, खेल, पाठ्येतर गतिविधियों, सह-पाठयक्रम गतिविधियों, शासन में योगदान में उनके प्रदर्शन के आधार पर कुलाधिपति पदक और प्रति-कुलाधिपति पदक से सम्मानित किया जाएगा।
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