राजधानी लखनऊ के जानकीपुरम क्षेत्र में आज *डॉक्टर आस्था, MBBS, MS - ENT * के *ट्राईसेंस क्लिनिक* का भव्य शुभारंभ किया गया। क्लिनिक का उद्घाटन फीता काटकर किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में क्षेत्रीय गणमान्य लोग, डॉक्टर और स्थानीय निवासी उपस्थित रहे। क्लिनिक में उपलब्ध सुविधाएं डॉक्टर आस्था ने बताया कि ट्राईसेंस क्लिनिक में कान, नाक और गले से जुड़ी सभी बीमारियों की जांच और उपचार अत्याधुनिक उपकरणों के साथ किया जाएगा। क्लिनिक का उद्देश्य क्षेत्र के लोगों को सस्ती, गुणवत्तापूर्ण और समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। जेनेक्स पैथोलॉजी लैब दे रही 4 साल से सेवा इस अवसर पर *डॉक्टर आदर्श* द्वारा संचालित *जेनेक्स पैथोलॉजी लैब* का भी उल्लेख किया गया। जेनेक्स पैथोलॉजी लैब पिछले 4 वर्षों से जानकीपुरम क्षेत्र में लोगों को विश्वसनीय पैथोलॉजी जांच सेवाएं प्रदान कर रही है। बहुत जल्द लैब में एक-रे सीटी स्कैन जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध होगी।क्लिनिक और लैब के समन्वय से मरीजों को एक ही स्थान पर जांच और उपचार की सुविधा मिल सकेगी। डॉक्टर आस्था ने कहा कि "हमारा प्रयास है कि जानकीपुरम और आसपास के क्षेत...
रामस्वरूप मेमोरियल विश्वविद्यालय का प्रथम दीक्षांत समारोह
लखनऊ: श्री रामस्वरूप मेमोरियल विश्वविद्यालय, उत्तर प्रदेश द्वारा प्रथम दीक्षांत समारोह का आयोजन 11 अक्टूबर, 2021 को विश्वविद्यालय परिसर में किया जा रहा है, जिसमें उत्तीर्ण विद्यार्थियों को उपाधि देकर सम्मानित किया जाएगा। सत्र 2019-2020 और 2020-2021 के लिए स्नातक, स्नातकोत्तर और डॉक्टरेट विद्यार्थियों को कुल 2954 उपाधि ऑनलाइन प्रदान की जाएंगी। कोविड -19 प्रोटोकॉल सुनिश्चित करने के लिए समारोह एक प्रतीकात्मक कार्यक्रम होगा जहां केवल स्वर्ण एवं रजत पदक विजेताओं को परिसर में सम्मान
लिए आमंत्रित किया गया है।
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजी.सी.) के पूर्व अध्यक्ष एवं विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक वरिष्ठ शिक्षाविद और शोधकर्ता, प्रोफेसर वी.एन. राजशेखरन पिल्लई को इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है। डॉ. सुधीर मिश्रा (महानिदेशक, ब्रह्मोस, डीआरडीओ एवं सीईओ व प्रबंध निदेशक, ब्रह्मोस एरोस्पेस) को मिसाइल प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए डॉक्टरेट ऑफ साइंस की मानद उपाधि से सम्मानित किया जाएगा। साथ ही प्रसिद्ध लोक गायक पदम श्री प्रहलाद सिंह टिपानिया को लोक कला में उनके योगदान
को मान्यता देते हुए डॉक्टरेट ऑफ लिटरेचर की मानद उपाधि से सम्मानित किया जाएगा।
सत्र 2019-2020 एवं 2020-2021 के स्नातक एवं रनातकोत्तर पाठ्यक्रमों के उन्यासी विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक जबकि चौवन विद्यार्थियों को रजत पदक से सम्मानित किया जाएगा। इस अवसर पर अड़सठ डॉक्टरेट विद्यार्थियों को पीएच.डी. की डिग्री प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त छह विद्यार्थोयों को अकादमिक, खेल, पाठ्येतर गतिविधियों, सह-पाठयक्रम गतिविधियों, शासन में योगदान में उनके प्रदर्शन के आधार पर कुलाधिपति पदक और प्रति-कुलाधिपति पदक से सम्मानित किया जाएगा।
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