लखनऊ। केंद्र सरकार के 12 वर्ष सफलतापूर्वक पूर्ण होने के उपलक्ष्य में गुरुद्वारा आलमबाग, लखनऊ में विशेष अरदास का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम राज्यसभा सांसद एवं चंडीगढ़ विश्वविद्यालय के कुलाधिपति सरदार सतनाम सिंह संधू की ओर से आयोजित किया गया। कार्यक्रम में देश की उन्नति, समृद्धि और जनकल्याण के लिए अरदास की गई। बड़ी संख्या में संगत उपस्थित रही और सभी ने राष्ट्र के विकास व सामाजिक सद्भाव के लिए गुरु घर में मत्था टेककर आशीर्वाद प्राप्त किया। सांसद सरदार सतनाम सिंह संधू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीते 12 वर्षों में देश ने विकास, सुशासन, आधारभूत संरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य और जनकल्याण के क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कीं। कार्यक्रम में लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल, राजू गांधी और गिरीश मिश्रा विशेष रूप से उपस्थित रहे। गुरुद्वारा आलमबाग की ओर से मनमोहन सिंह, भूपिंदर सिंह पिंदा, राजेंद्र सिंह राजू कार्यवाहक प्रधान, परविंदर सिंह, इकबाल सिंह, परमजीत सिंह बॉबी, इंदरपाल सिंह, त्रिलोक सिंह बहल और त्रिलोक सिंह टुटेजा ने भी कार्यक्रम में सहभाग...
रामस्वरूप मेमोरियल विश्वविद्यालय का प्रथम दीक्षांत समारोह
लखनऊ: श्री रामस्वरूप मेमोरियल विश्वविद्यालय, उत्तर प्रदेश द्वारा प्रथम दीक्षांत समारोह का आयोजन 11 अक्टूबर, 2021 को विश्वविद्यालय परिसर में किया जा रहा है, जिसमें उत्तीर्ण विद्यार्थियों को उपाधि देकर सम्मानित किया जाएगा। सत्र 2019-2020 और 2020-2021 के लिए स्नातक, स्नातकोत्तर और डॉक्टरेट विद्यार्थियों को कुल 2954 उपाधि ऑनलाइन प्रदान की जाएंगी। कोविड -19 प्रोटोकॉल सुनिश्चित करने के लिए समारोह एक प्रतीकात्मक कार्यक्रम होगा जहां केवल स्वर्ण एवं रजत पदक विजेताओं को परिसर में सम्मान
लिए आमंत्रित किया गया है।
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजी.सी.) के पूर्व अध्यक्ष एवं विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक वरिष्ठ शिक्षाविद और शोधकर्ता, प्रोफेसर वी.एन. राजशेखरन पिल्लई को इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है। डॉ. सुधीर मिश्रा (महानिदेशक, ब्रह्मोस, डीआरडीओ एवं सीईओ व प्रबंध निदेशक, ब्रह्मोस एरोस्पेस) को मिसाइल प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए डॉक्टरेट ऑफ साइंस की मानद उपाधि से सम्मानित किया जाएगा। साथ ही प्रसिद्ध लोक गायक पदम श्री प्रहलाद सिंह टिपानिया को लोक कला में उनके योगदान
को मान्यता देते हुए डॉक्टरेट ऑफ लिटरेचर की मानद उपाधि से सम्मानित किया जाएगा।
सत्र 2019-2020 एवं 2020-2021 के स्नातक एवं रनातकोत्तर पाठ्यक्रमों के उन्यासी विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक जबकि चौवन विद्यार्थियों को रजत पदक से सम्मानित किया जाएगा। इस अवसर पर अड़सठ डॉक्टरेट विद्यार्थियों को पीएच.डी. की डिग्री प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त छह विद्यार्थोयों को अकादमिक, खेल, पाठ्येतर गतिविधियों, सह-पाठयक्रम गतिविधियों, शासन में योगदान में उनके प्रदर्शन के आधार पर कुलाधिपति पदक और प्रति-कुलाधिपति पदक से सम्मानित किया जाएगा।
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