दिव्य अध्यात्म राष्ट्र सेवा मिशन एवं दिव्य श्री राधा सखी मंडल, गीतापल्ली इकाई द्वारा पंच दिवसीय श्री हनुमान कथा का आयोजन तुलसी उद्यान, गीता पल्ली, आलमबाग में कराया जा रहा है। श्रद्धेय (डॉ) श्री अनिरुद्ध जी महाराज के श्री मुख से सुनाई जा रही है ।कथा के तीसरे दिवस में श्री हनुमान जी के ज्ञान एवं गुणो पर प्रवचन किया गया।
"श्री हनुमान जी बल, बुद्धि ,पराक्रम, ओज एवं तेज के चिरंजीव देवता हैं। हनुमान जी मानव जीवन के पथ प्रदर्शक हैं। हनुमान जी का स्मरण करने से मनुष्य का जीवन वह भय मुक्त बनता है। हनुमान जी जीव की व्यथा परमात्मा तक पहुंचाने का कार्य करते है जिससे जीव को सही दिशा प्राप्त हो।
अगर कोई अपने जीवन में हताश एवं निराश हो गया हो तो वह हनुमान जी का स्मरण करें। उनके नाम का स्मरण करने से स निराशा से भरे जीवन में उत्साह का संचार हो जाएगा।
जब गोस्वामी तुलसीदास जी हनुमान चालीसा का प्रारंभ करते हैं तो जय शब्द से हनुमान चालीसा का प्रारंभ करते हैं अर्थात भारत की संस्कृति पराजय में नहीं अपितु जय में विश्वास रखती है ।यही हनुमान जी का संदेश है।




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