लखनऊ। केंद्र सरकार के 12 वर्ष सफलतापूर्वक पूर्ण होने के उपलक्ष्य में गुरुद्वारा आलमबाग, लखनऊ में विशेष अरदास का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम राज्यसभा सांसद एवं चंडीगढ़ विश्वविद्यालय के कुलाधिपति सरदार सतनाम सिंह संधू की ओर से आयोजित किया गया। कार्यक्रम में देश की उन्नति, समृद्धि और जनकल्याण के लिए अरदास की गई। बड़ी संख्या में संगत उपस्थित रही और सभी ने राष्ट्र के विकास व सामाजिक सद्भाव के लिए गुरु घर में मत्था टेककर आशीर्वाद प्राप्त किया। सांसद सरदार सतनाम सिंह संधू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीते 12 वर्षों में देश ने विकास, सुशासन, आधारभूत संरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य और जनकल्याण के क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कीं। कार्यक्रम में लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल, राजू गांधी और गिरीश मिश्रा विशेष रूप से उपस्थित रहे। गुरुद्वारा आलमबाग की ओर से मनमोहन सिंह, भूपिंदर सिंह पिंदा, राजेंद्र सिंह राजू कार्यवाहक प्रधान, परविंदर सिंह, इकबाल सिंह, परमजीत सिंह बॉबी, इंदरपाल सिंह, त्रिलोक सिंह बहल और त्रिलोक सिंह टुटेजा ने भी कार्यक्रम में सहभाग...
तीन बार नगर प्रमुख रहे दाऊजी गुप्ता का रविवार को निधन हो गया। वह 81 वर्ष के थे। तीन दिन पहले ही उन्होंने कोरोना से जंग जीती थी। पूर्व नगर प्रमुख के पौत्र सात्विक ने बताया कि उनके बाबा को वैक्सीन की दोनों डोज लग चुकी थीं। इसके बाद वह 13 अप्रैल को संक्रमित हो गए और होम आइसोलेशन में रहे। तीन दिन पहले जांच में रिपोर्ट निगेटिव आ गई, पर उनकी तबीयत नहीं सही हुई। उनको बहुत कमजोरी थी और कुछ खा-पी भी नहीं पा रहे थे। रविवार दोपहर उनका सुगर बढ़ गया। अस्पताल ले जाते वक्त रास्ते में ही उनकी मृत्यु हो गई। सावित्व के ने बताय कि पूर्व नगर प्रमुख के दो बेटे और एक बेटी है। बेटी दिल्ली में है वह लखनऊ आ रही है। दाऊजी गुप्ता तीन बार शहर के नगर प्रमुख रहे। पहली बार वह 1971 में नगर प्रमुख बने। सालभर के बाद प्रशासक काल आ गया। इसके बाद व दोबारा 1973 में नगर प्रमुख बने। उस वक्त नगर प्रमुख का कार्यकाल एक साल का होता था। दूसरी बार जब वह नगर निगम थे तो उसी बीच नगर प्रमुख का कार्यकाल बढ़कर तीन साल का हो गया। इसके बाद तीसरी बार वह 1989 में नगर प्रमुख बने और 1992 तक रहे। जन्म-15 मई 1940 मृत्यु-02 मई ...