*लखनऊ।* तपती दोपहरी में जब सड़कें सूनी पड़ जाती हैं, तब लखनऊ के हुसड़िया चौराहे पर इंसानियत की एक तस्वीर उभरती है। ‘वॉटर मैन’ के नाम से मशहूर अंकुश विजय ने मंगलवार को जरूरतमंदों के बीच खाने के पैकेट बांटकर न सिर्फ पेट की आग बुझाई, बल्कि पानी की एक-एक बूंद बचाने का संदेश भी दिया। इस नेक काम में उनके परिवार और मित्रों ने कंधे से कंधा मिलाकर उनका हौसला बढ़ाया। अंकुश की मुहिम सिर्फ भोजन तक सीमित नहीं है। राजधानी में जगह-जगह प्याऊ लगवाकर वह राहगीरों की प्यास बुझा रहे हैं। जनसेवा को जीवन का मकसद बना चुके अंकुश ने इस मौके पर कहा, “पानी अनमोल है। यह हमारी थाती है, जिसे हमें अपनी आने वाली पीढ़ियों के लिए संभालकर रखना होगा। एक-एक बूंद बचाएंगे, तभी कल बचेगा।” उन्होंने ऐलान किया कि अब उनकी सेवा की यह धारा लखनऊ से निकलकर आसपास के जिलों तक भी पहुंचेगी, ताकि मदद का दायरा और बड़ा हो सके और हर असहाय तक राहत पहुंचे। स्थानीय लोगों ने वॉटर मैन के जज्बे को सलाम करते हुए कहा कि अंकुश जैसे युवा ही समाज की असली पूंजी हैं।
शशि सुमीत प्रोडक्शंस द्वारा निर्मित ‘दुर्गा और चारू’ का प्रीमियर 12 दिसंबर को होगा और इसका प्रसारण सोमवार से शुक्रवार रात 8:30 बजे किया जाएगा लखनऊ: टेलीविजन के सबसे ज्यादा पसंद किये गये शोज में से एक ‘बैरिस्टर बाबू’ के दिवंगत बोंदिता और अनिरूद्ध रॉय चौधरी की विरासत को कलर्स के ‘दुर्गा और चारू’ में उनकी बेटियाँ आगे बढ़ाएंगी। चारू अपनी माँ की काया है जबकि दुर्गा उसकी छाया है। इस शो में दो बहनों का सफर दिखाया गया है, जिनके बीच खून का रिश्ता है, लेकिन बचपन में एक-दूसरे से जुदा होने के बाद अलग-अलग ढंग से हुई परवरिश के चलते वह दोनों बहुत अलग हैं। शशि सुमीत प्रोडक्शंस द्वारा निर्मित इस शो का प्रीमियर 12 दिसंबर को होगा और फिर सोमवार से शुक्रवार रात 8:30 बजे इसका प्रसारण किया जाएगा। चैनल ने दो बहनों- दुर्गा और चारू, की मुख्य भूमिकाएं निभाने के लिये लोकप्रिय एक्टर्स ऑरा भटनागर और वैष्णवी प्रजापति को लिया है। बोंदिता और अनिरूद्ध की बेटियों की किस्मत में आखिर क्या है? क्या वे मिल पाएंगी? इस शो के कलाकारों में ऑरा (दुर्गा) और चंदन आनंद, जोकि बिनॉय (दुर्गा और चारू के दादाजी) ...