*लखनऊ।* तपती दोपहरी में जब सड़कें सूनी पड़ जाती हैं, तब लखनऊ के हुसड़िया चौराहे पर इंसानियत की एक तस्वीर उभरती है। ‘वॉटर मैन’ के नाम से मशहूर अंकुश विजय ने मंगलवार को जरूरतमंदों के बीच खाने के पैकेट बांटकर न सिर्फ पेट की आग बुझाई, बल्कि पानी की एक-एक बूंद बचाने का संदेश भी दिया। इस नेक काम में उनके परिवार और मित्रों ने कंधे से कंधा मिलाकर उनका हौसला बढ़ाया। अंकुश की मुहिम सिर्फ भोजन तक सीमित नहीं है। राजधानी में जगह-जगह प्याऊ लगवाकर वह राहगीरों की प्यास बुझा रहे हैं। जनसेवा को जीवन का मकसद बना चुके अंकुश ने इस मौके पर कहा, “पानी अनमोल है। यह हमारी थाती है, जिसे हमें अपनी आने वाली पीढ़ियों के लिए संभालकर रखना होगा। एक-एक बूंद बचाएंगे, तभी कल बचेगा।” उन्होंने ऐलान किया कि अब उनकी सेवा की यह धारा लखनऊ से निकलकर आसपास के जिलों तक भी पहुंचेगी, ताकि मदद का दायरा और बड़ा हो सके और हर असहाय तक राहत पहुंचे। स्थानीय लोगों ने वॉटर मैन के जज्बे को सलाम करते हुए कहा कि अंकुश जैसे युवा ही समाज की असली पूंजी हैं।
राजधानी लखनऊ के बौद्ध संस्थान में विश्रुत मेमोरियल ट्रस्ट द्वारा दो कृतियों का लोकार्पण हुआ। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ अनीता भटनागर जैन एवं सम्मानित अतिथि के रूप में डॉ जगदीश गांधी शामिल हुए। इसके अलावा कई लेखक और साहित्यकार भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए। इन दोनो पुस्तकों के नाम है स्मृतियां और उपासना है जिन्हे लेखिका रीता जैन द्वारा लिखा गया है। दोनो कृतियों में रीता जैन अपने जीवन के खट्टे मीठे अनुभवों को संजोया है। इस अवसर पर डॉ अरुण कुमार जैन संस्थापक विश्रुत मेमोरियल ट्रस्ट ने बताया हमारे ट्रस्ट के जरिए हम उन गरीब बच्चियों की पढ़ने में पुरी मदद करते है। जिन्हे पढ़ने के लिए पर्याप्त साधन नहीं मिल पाते। हम अपने चैरिटेबल ट्रस्ट के द्वारा बच्चों का मानसिक विकास में भी मदद करते हैं ताकि वह समाज में एक उपयुक्त स्थान प्राप्त कर सके ।इस कार्यक्रम में साधना जग्गी डॉ० महेश चंद्र द्विवेदी, श्रीमती अलका प्रमोद, दयानंद पांडे आदि कई सम्मानित गण उपस्थित रहे।