Skip to main content

Featured Post

ऐशबाग में ओ.पी. श्रीवास्तव मेमोरियल स्कूल का वार्षिकोत्सव संपन्न, बच्चों ने दी रंगारंग प्रस्तुति

    ऐशबाग रामलीला मैदान के तुलसी सभागार मे श्री ओ. पी. श्रीवास्तव मेमोरियल स्कूल जो गरीब और मलीन बस्ती के बच्चो के लिए निशुल्क चलाया जाता है के वाषिर्कोत्सव का आयोजन वसुंधरा एन इनिशिएटिव के द्वारा किया गया।  बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रम का प्रदर्शन हुआ। स्कूल के संचालक श्री दीनानाथ जी 18 वर्षो से स्कूल शिक्षण का कार्य कर रहे हैं। प्रत्येक वर्ष इन बच्चों का मनोबल बढाने के लिए यह आयोजन किया जाता है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री संजीत सिंह SrDEE (NR Railway)एवं श्रीअतुल कृष्ण सिंह( dipty secratary LDA)कर्नल मृदुल कुमार सिंह सेना मंडल रहे। मुख्य अतिथि ने अपने वक्तव्य मे कार्यक्रम को प्रेरणादायक और संदेशप्रद बताया एवं प्रधानाचार्या मीना देवी तथा समस्त शिक्षिकाओं की भूरि-भूरि प्रशंसा की।  कार्यक्रम के आयोजनकर्ता वसुंधरा एन इनिशिएटिव की अध्यक्ष नीना सक्सेना, सरिता शुक्ला, उपाध्यक्ष डा अंजना त्रिपाठी, शंकर रोली, रूचि सिंह लखविन्दर कौर,ज्योति सिंह ऋतुजा सिंह बघेल,विभा तिवारी, वंदना श्रीवास्तव मधुलिका श्रीवास्तव का संपूर्ण सहयोग रहा। वसुंधरा की युवा सृष्टि टीम ने मंच का सं...

मधुमेह रोगियों के लिए जरूरी है विशेष स्वास्थ्य बीमा कवर लेना


मधुमेह का लगातार बढ़ता असर लोगों की जिंदगी को बड़े पैमाने पर शारीरिक और आर्थिक तौर पर प्रभावित कर रहा है। साइलेंट किलर के रूप में पहचाने जाने वाला यह रोग किसी समय वृद्धावस्था में होता था, लेकिन आज यह 20 और 30 वर्ष की उम्र में भी हो रहा है। भारत को पहले ही मधुमेह की वैश्विक राजधानी माना जाने लगा है, लेकिन आने वाले दिनों में स्थिति और भी खराब हो सकती है। अभी भारत में मधुमेह के करीब सात करोड़ मरीज हैं और विश्व स्वास्थ्य संगठन का अनुमान है कि यह आंकड़ा 2030 तक रॉकेट की तेजी से 45 फीसदी तक बढ़ कर 10.1 करोड़ तक पहुंच जाएगा।

आधुनिक जीवनशैली का युवाओं पर प्रभाव और मधुमेह


कॉर्पोरेट सेक्टर में काम करने वाले लोग औसतन दिन में दस घंटे तक काम करते हैं। इसमें अधिकतर समय डेस्क या किसी क्यूबिकल में बीतता है। आसानी से उपलब्ध होने वाला फास्ट और प्रोसेस्ड भोजन घर के भोजन का स्थान ले रहा है। नींद पूरी नहीं हो  रही है और समाज में खुद को श्रेष्ठ साबित करने का तनाव बढ़ता जा रहा है। तमाम दुष्प्रभावों को जानते हुए भी जब खुद की जरूरतों और इच्छाओं का आकर्षण सामने होता है, तो हमारा स्वास्थ्य हमारी प्राथमिकता में नहीं रहता। स्ट्रोक, अवसाद, तनाव और मधुमेह जैसे जीवनशैली से जुड़े रोगों का यह सबसे बड़ा कारण है।

मधुमेह आपकी आर्थिक स्थिति को प्रभावित करता है


मधुमेह एक गंभीर रोग है जो पूरे शरीर को प्रभावित करता है। एक बार मधुमेह रोग युवावस्था में हो जाए, तो यह आपके काम और बाद में आर्थिक सुरक्षा को प्रभावित करने लगता है। मधुमेह, कैंसर या हृदय रोग जैसा खतरनाक भले ही न हो, लेकिन इसका उपचार काफी महंगा है। उपचार, चिकित्सा की बढ़ती लागत और मेहनत से अर्जित कमाई सेहत की वजह से खत्म होना किसी को भी स्वास्थ्य और आर्थिक दृष्टि से कमजोर कर सकती है। मधुमेह के साथ ही हृदय रोग, किडनी खराब होना, स्ट्रोक, नजर कमजोर होना, नसों को नुकसान होना और पैरों की समस्याएं भी सामने आ सकती है। टाइप टू मधुमेह के रोगियों में दिल की  कमजोरी से मौत होना सबसे बड़ा कारण है।

मधुमेह के लिए विशेष बीमा कवर की जरूरत


किसी भी स्वस्थ व्यक्ति के लिए ठीक ठाक राशि का स्वास्थ्य बीमा मधुमेह के अलावा किसी बीमारी के कारण अस्पताल में भर्ती होने के खर्च की भरपाई के लिए पर्याप्त हो सकता है। लेकिन मधुमेह रोगी के लिए मधुमेह का विशेष बीमा कवर अस्पताल में भर्ती होने के खर्च को बेहतर ढंग से कवर कर सकता है। ऐसे में जब मधुमेह होने का पता चले तो मधुमेह का विशेष बीमा कवर काफी सहायक होता है। मधुमेह लंबा चलने वाला रोग है। ऐसे में अन्य बीमारियों के मुकाबले इसका औसत क्लेम साइज 90 प्रतिशत तक ज्यादा होता है। आमतौर पर स्वास्थ्य बीमा में मधुमेह को पहले से मौजूद रोग के रूप में माना जाता है इसलिए पॉलिसी में 12 माह से दो वर्ष तक वेटिंग पीरियड रखा जाता है जो कई बार चार वर्ष तक चला जाता है। ऐसे मधुमेह के लिए विशेष रूप से तैयार की गई पॉलिसी लेनी चाहिए जो अन्य स्वास्थ्य बीमा के मुकाबले ज्यादा समावेशी है और अन्य कठिनाइयां भी कवर करती है।

मधुमेह विशेष बीमा प्लान के फायदे


आज मधुमेह रोग काफी हो रहा है और क्लेम भी बढ रहे हैं। ऐसे में समय से बीमा कवर लेना ठीक रहता है ताकि बीमारी और इसके साथ आने वाले आर्थिक तनाव को झेला जा सके। इससे प्रीमियम में भी फायदा होता है। एक स्वस्थ व्यक्ति सात से नौ हजार रुपये प्रतिवर्ष का स्वास्थ्य बीमा कवर ले सकता है। लेकिन मधुमेह रोगी के लिए यह 18 से 20 हजार रुपये प्रतिवर्ष तक हो सकता है। जब बीमा लेने की बात आती है तो यह जरूरी होता है कि ऐसी पॉलिसी देखी जाए जो सिर्फ उपचार का खर्च ही नहीं बल्कि अस्पताल में भर्ती होने का खर्च भी कवर करे। ऐसी पॉलिसी सबसे अच्छी होती है जो अस्पतालों के बडे नेटवर्क से जुडी हो और यदि जरूरत हो तो इस नेटवर्क से बाहर भी काम कर सके। 
 

ऐसा इमरजेंसी के लिए जरूरी होता है, क्योंकि उस समय हम उपचार के लिए सबसे नजदीकी अस्पताल में ही जाते है। इसके अलावा ऐसी पॉलिसी भी है, जो मधुमेह के उपचार के साथ होने वाली अन्य स्वास्थ्य समस्याओं को भी कवर करती है। कुछ बीमा कंपनियां ऐसी है जो पहले से मधुमेह को कवर करने वाली पॉलिसी हो तो मधुमेह के लिए पॉलिसी नहीं देते। लेकिन कुछ पॉलिसियां ऐसे रोगियों को भी कवर देती है। जब आप किसी मधुमेह विशेष बीमा में निवेश कर रहे हैं तो यह सारे पहलू ध्यान में रखना जरूरी है।

मधुमेह विशेष प्लान इस गंभीर बीमारी के लिए अहम और विशेष कवर प्रदान करते है। ऐसे में अपनी सामान्य स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी के साथ ही मधुमेह विशेष पॉलिसी लेना समझदारी भरा निर्णय है। हालांकि सबसे ज्यादा जरूरी है कि अपनी जीवनशैली में बदलाव लाएं। स्वस्थ रहें नियमित व्यायाम करें अच्छा भोजन करें और नियमित तौर पर स्वास्थ्य जांच कराएं। समय पर रोग का पता लग जाए तो यह आपको शारीरिक और आर्थिक हर तरह के नुकसान से बचाता है।

Comments

Popular posts from this blog

नारायणा ई-टेक्नो स्कूल, जानकीपुरम्, लखनऊ ने जेईई मेन के मेधावी विद्यार्थियों को किया सम्मानित

  नारायणा ई-टेक्नो स्कूल, जानकीपुरम्, लखनऊ ने जेईई मेन्स (जनवरी 2026) में उत्कृष्ट परसेंटाइल प्राप्त करने वाले अपने मेधावी विद्यार्थियों के सम्मान में एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया। इस अवसर पर श्यामल शुक्ला (99.34 परसेंटाइल), रुद्राक्ष पटेल (96.43 परसेंटाइल), विश्वास सिंह मोर्य (95.39 परसेंटाइल), हर्षिता सिंह (91.97 परसेंटाइल), पियुष कुमार यादव (90.48 परसेंटाइल), अभिनव पांडेय (89.78 परसेंटाइल), आयुष कुमार (87.04 परसेंटाइल) तथा अनमोल मिश्रा (85.31 परसेंटाइल) को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया। समारोह के दौरान डीजीएम श्री आशुतोष ने प्रेरणादायक उद्बोधन देते हुए विद्यार्थियों को निरंतर उत्कृष्टता के लिए प्रयासरत रहने की प्रेरणा ही। प्रधानाचार्या सुश्री एकता सिंह ने सभी विद्यार्थियों को हार्दिक बधाई देते हुए उनके उज्वल भविष्य के लिए मार्गदर्शन प्रदान किया। कॉलेज डीन श्री नितेश सिंह, आरएनडी हेड शिवा कुमार ने विद्यार्थियों की सफलता के प्रमुख कारणों पर प्रकाश डालते हुए उनकी निरंतर मेहनत और अनुशासित तैयारी की सराहना की। वाइस प्रिंसिपल श्री सनेश कुमार धीमान ने भी विद्यार्...

उत्तर प्रदेश एड्स कंट्रोल सोसाइटी कर्मचारी संघ का ऐलान, मांगे पूरी नहीं हुई तो होगा कार्य बहिष्कार

उत्तर प्रदेश एड्स कंट्रोल सोसाइटी कर्मचारी संघ द्वारा अपनी लंबित 10 सूत्रीय मांगों को लेकर घोषित सफलता तक संघर्ष आंदोलन 15 अक्टूबर 2026 से लखनऊ के ईको गार्डन में विशाल धरना प्रदर्शन शुरू हुआ। संघ के अध्यक्ष पंकज कुमार श्रीवास्तव और महामंत्री नरेन्द्र कुमार ने बताया कि पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार 05 से 11 अक्टूबर तक प्रदेश के सभी कार्यस्थलों पर काला फीता बांधकर विरोध दर्ज किया गया था, तथा 12 से 14 अक्टूबर तक प्रतिदिन ड्यूटी के प्रारंभिक 2 घंटे कार्य बहिष्कार किया गया था। आज ईको गार्डन में आयोजित धरने में प्रदेश भर से सैकड़ों ART, ICTC, STI, OST केन्द्रों के कर्मचारी एकत्रित हुए। कर्मचारियों ने बताया कि वर्ष 2023 से लगातार अपनी मांगों के लिए संघर्ष किया जा रहा था। स्वास्थ्य मंत्री को मांग-पत्र सौंपा गया था, उप-मुख्यमंत्री से 20 बार संपर्क किया गया था, मुख्यमंत्री को 1000 पत्र भेजे गए थे और 200 से अधिक जनप्रतिनिधियों ने संस्तुति पत्र भेजे थे। दिनांक 04 फरवरी 2026 को मुख्यमंत्री से लोकभवन में मुलाकात हुई थी और 19 फरवरी 2026 को विधान परिषद में चर्चा के दौरान सभापति द्वारा सहमति भी दी ...

28-29 अगस्त को लगेगा लखनऊ का प्राचीन गोगा वीर मेला, प्रेस वार्ता में कमेटी ने कहा- ये हमारी आन-बान-शान

  लखनऊ के प्राचीनतम गोगा वीर-गुरु गोरखनाथ मेले में झूले की अनुमति न मिलने पर मेला समिति में रोष, प्रेस वार्ता कर जताया विरोध *लखनऊ।* राजधानी के सबसे प्राचीन मेलों में शुमार *गुरु गोरखनाथ एवं गोगा वीर चौहान (जाहरवीर) मेले* के आयोजन को लेकर आज एक *प्रेस वार्ता* का आयोजन किया गया। प्रेस वार्ता में *मेला कमेटी के अध्यक्ष राज किरण राज एवं समस्त पदाधिकारियों* ने प्रशासन द्वारा मेले में झूले की अनुमति न दिए जाने पर गहरा रोष व्यक्त किया। अध्यक्ष राज किरण राज ने कहा कि, _"अगर मेले में झूले नहीं होंगे तो महिलाओं और बच्चों को आनंद नहीं आएगा। मेला तो बच्चों और महिलाओं के बिना अधूरा है। झूले ही मेले की जान होते हैं।"_ उन्होंने बताया कि यह मेला *लखनऊ के प्राचीनतम मेलों में से एक* है। यह सिर्फ मेला नहीं, बल्कि हमारे समाज की *आन, बान और शान का प्रतीक* है। इस मेले में दूर-दूर से हजारों श्रद्धालु बाबा गोगा वीर और गुरु गोरखनाथ जी का आशीर्वाद लेने आते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा बार-बार इस मेले के आयोजन में *बाधा डालने का प्रयास* किया जा रहा है। जानबूझकर अड़ंगे लगाए जा...