राजधानी लखनऊ के जानकीपुरम क्षेत्र में आज *डॉक्टर आस्था, MBBS, MS - ENT * के *ट्राईसेंस क्लिनिक* का भव्य शुभारंभ किया गया। क्लिनिक का उद्घाटन फीता काटकर किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में क्षेत्रीय गणमान्य लोग, डॉक्टर और स्थानीय निवासी उपस्थित रहे। क्लिनिक में उपलब्ध सुविधाएं डॉक्टर आस्था ने बताया कि ट्राईसेंस क्लिनिक में कान, नाक और गले से जुड़ी सभी बीमारियों की जांच और उपचार अत्याधुनिक उपकरणों के साथ किया जाएगा। क्लिनिक का उद्देश्य क्षेत्र के लोगों को सस्ती, गुणवत्तापूर्ण और समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। जेनेक्स पैथोलॉजी लैब दे रही 4 साल से सेवा इस अवसर पर *डॉक्टर आदर्श* द्वारा संचालित *जेनेक्स पैथोलॉजी लैब* का भी उल्लेख किया गया। जेनेक्स पैथोलॉजी लैब पिछले 4 वर्षों से जानकीपुरम क्षेत्र में लोगों को विश्वसनीय पैथोलॉजी जांच सेवाएं प्रदान कर रही है। बहुत जल्द लैब में एक-रे सीटी स्कैन जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध होगी।क्लिनिक और लैब के समन्वय से मरीजों को एक ही स्थान पर जांच और उपचार की सुविधा मिल सकेगी। डॉक्टर आस्था ने कहा कि "हमारा प्रयास है कि जानकीपुरम और आसपास के क्षेत...
लॉकडाउन के बीच दिल्ली-यूपी बॉर्डर पर पलायन करने वाले मजदूरों के लिए यूपी सरकार 1000 बस उपलब्ध कराई हैं। : उत्तर प्रदेश सरकार ने लॉकडाउन के बीच प्रवासी श्रमिकों को उनके संबंधित क्षेत्रों में ले जाने के लिए 1000 बसों की व्यवस्था की है। सीएम योगी ने परिवहन अधिकारियों, बस ड्राइवरों और कंडक्टरों को कल रात सीएम ने बुलाया था ताकि सभी व्यवस्थाएं की जा सकें।
दिल्ली से आए लोगों ने बताया कि दिल्ली सरकार ने बिजली-पानी के कनेक्शन काट दिए। लॉकडाउन के दौरान भोजन, दूध नहीं मिला। भूखे लोग सड़कों पर उतरे। दिल्ली सरकार के अधिकारी बक़ायदा एनाउंसममेंट कर अफ़वाह फैलाते रहे कि यूपी बार्डर पर बसें खड़ी हैं, जो यूपी और बिहार ले जाएंगी।
बहुत सारे लोगों को मदद के नाम पर डीटीसी की बसों से बॉर्डर तक पहुंचवाकर छोड़ दिया। लॉकडाउन और कथित कर्फ़्यू में दिल्ली सरकार की संवेदनहीनता सामने आई है। आरोप है कि मुफ्त बिजली और पानी देने का वादा करके केजरीवाल सत्ता में आए थे। लेकिन उन्होंने लोगों से विश्वासघात किया है।
सीएम योगी ने रात भर जाग कर नोएडा, गाजियाबाद ,बुलंदशहर, अलीगढ़, हापुड़ आदि इलाक़ों में 1000 से ज्यादा बसें लगाकर मजदूरों को गंतव्य तक पहुंचाने की व्यवस्था कराई। रात में ही मजदूरों और बच्चों के लिए भोजन का इंतज़ाम कराया गया।
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