बलरामपुर। जिले के तुलसीपुर सरकारी अस्पताल में डॉक्टर की बड़ी लापरवाही सामने आई है। प्रसूता के पति *पवन कुमार मिश्रा* ने अस्पताल के *डॉ. आलोक सिंह* पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पवन मिश्रा ने बताया कि उनकी पत्नी 6 माह की गर्भवती थी, तबीयत खराब होने पर उसे तुलसीपुर सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टर ने बताया कि गर्भ में बच्चे की मौत हो चुकी है और ऑपरेशन कर बच्चे को बाहर निकालना पड़ेगा। आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान डॉक्टर ने लापरवाही बरतते हुए प्रसूता की *बड़ी आंत काट दी* और मृत बच्चे को गर्भ में ही छोड़ दिया, जिससे प्रसूता की हालत और बिगड़ गई। जब पवन कुमार मिश्रा अपनी पत्नी को दूसरे अस्पताल ले जा रहे थे, तभी रास्ते में ही मृत बच्चे की डिलीवरी हो गई। बाद में पत्नी को गोंडा और फिर लखनऊ रेफर किया गया। वह अभी जीवित है लेकिन हालत नाजुक बनी हुई है। पवन मिश्रा ने डॉक्टर पर धमकी देने और समझौते का दबाव बनाने का भी आरोप लगाते हुए FIR की मांग की है। पीड़ित के साथ खड़े हुए हनुमान प्रसाद इस मामले में अब *किसान मजदूर संघर्ष पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हनुमान प्रसाद* पीड़ित पति पवन कुमार मिश्रा को...
उत्तर प्रदेश में आंगनबाड़ी, मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं के रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू हो गई है। अब तक 28 जिलों ने इसके लिए विज्ञापन जारी कर दिया है। प्रदेश के सभी 75 जिलों में तीनों श्रेणी के लगभग 53 हजार पदों पर भर्ती होनी है। तीन जुलाई तक सभी जिलों को विज्ञापन जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।
गौरतलब है कि पिछले 10-12 साल से आंगनबाड़ी व सहायिकाओं के पदों पर भर्ती नहीं हो पाई है। इससे प्रदेश के सभी जिलों में तीनों श्रेणी के लगभग 53 हजार से अधिक पद रिक्त हैं। राज्य सरकार ने चुनावी साल को देखते हुए सभी जिलों में आंगनबाड़ी के रिक्त पदों पर भर्ती करने का निर्देश दिया थाइसके मद्देनजर बाल विकास विभाग ने 29 जनवरी को ही भर्ती की प्रक्रिया का निर्धारण करते हुए चयन समिति का गठन कर दिया था। साथ ही सभी जिलों को आनलाइन आवेदन के लिए प्रारूप भी उपलब्ध कराए गए थे। लेकिन कोरोना के बढ़ते संक्रमण की वजह से भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई थी।
रिक्त पदों के मुताबिक विज्ञापन जारी करने का दिया था आदेश
आईसीडीएस निदेशालय ने भर्ती प्रक्रिया शुरू करते हुए सभी जिलों को अपने-अपने जिलों की परियोजनाओं पर रिक्त पदों के मुताबिक भर्ती के लिए विज्ञापन जारी करने को कहा था। इसी कड़ी में जिले के स्तर विज्ञापन जारी होने लगे हैं। विज्ञापन जारी करने के 45 दिन के भीतर भर्ती प्रक्रिया पूरी करने को कहा गया है।
इन पदों पर भर्ती के लिए अभ्यर्थियों को अपने-अपने जिलों का विज्ञापन को देखना होगा। आवेदन के लिए इच्छुक उम्मीदवारों को उत्तर प्रदेश सरकार के बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग द्वारा विभिन्न जिलों के लिए एक ही कॉमन अप्लीकेशन पोर्टल के माध्यम से आवेदन करना होगा।
जिलों में स्थित आंगनबाड़ी केंद्रों में आंगनबाड़ी, मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं की रिक्तियों के लिए आवेदन करने लिए संबंधित जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) द्वारा अलग-अलग जारी किए जा रहे हैं। इसलिए सभी जिलों में आवेदन की अंतिम तारीख भी अलग-अलग है। भर्ती से संबंधित सभी जानकारी बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग की वेबसाइट balvikasup.gov.in पर उपलब्ध है।

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