ऐशबाग रामलीला मैदान के तुलसी सभागार मे श्री ओ. पी. श्रीवास्तव मेमोरियल स्कूल जो गरीब और मलीन बस्ती के बच्चो के लिए निशुल्क चलाया जाता है के वाषिर्कोत्सव का आयोजन वसुंधरा एन इनिशिएटिव के द्वारा किया गया। बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रम का प्रदर्शन हुआ। स्कूल के संचालक श्री दीनानाथ जी 18 वर्षो से स्कूल शिक्षण का कार्य कर रहे हैं। प्रत्येक वर्ष इन बच्चों का मनोबल बढाने के लिए यह आयोजन किया जाता है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री संजीत सिंह SrDEE (NR Railway)एवं श्रीअतुल कृष्ण सिंह( dipty secratary LDA)कर्नल मृदुल कुमार सिंह सेना मंडल रहे। मुख्य अतिथि ने अपने वक्तव्य मे कार्यक्रम को प्रेरणादायक और संदेशप्रद बताया एवं प्रधानाचार्या मीना देवी तथा समस्त शिक्षिकाओं की भूरि-भूरि प्रशंसा की। कार्यक्रम के आयोजनकर्ता वसुंधरा एन इनिशिएटिव की अध्यक्ष नीना सक्सेना, सरिता शुक्ला, उपाध्यक्ष डा अंजना त्रिपाठी, शंकर रोली, रूचि सिंह लखविन्दर कौर,ज्योति सिंह ऋतुजा सिंह बघेल,विभा तिवारी, वंदना श्रीवास्तव मधुलिका श्रीवास्तव का संपूर्ण सहयोग रहा। वसुंधरा की युवा सृष्टि टीम ने मंच का सं...
लखनऊ, 25 नवम्बर 2021 । उत्तर प्रदेश में कुम्हारों की हत्या और उत्पीड़न को लेकर प्रजापति शोषित समाज संघर्ष समिति (पीएस4) के प्रमुख छेदीलाल प्रजापति ‘निराला’ ने आज उत्तर प्रदेश प्रेस क्लब में पत्रकार वार्ता की। विधानसभा घेराव को विफल करने के लिए यूपी सरकार और प्रशासन पीएस 4 के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और लखनऊ आने वाले कुंभारों को आज सुबह से अवैध हिरासत में ले रही है। मीरजापुर में रमेश चंद्र प्रजापति उर्फ पप्पू को सुबह से ही कोतवाली में बैठाए हुए है।
पत्रकारों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में भाजपा की योगी सरकार के दौरान कुम्हार समुदाय के लोगों पर लगातार हमले हो रहे हैं। पिछले साढ़े चार सालों के दौरान उत्तर प्रदेश में कुम्हार समुदाय के करीब 60 लोगों की हत्याएं हो चुकी हैं। पिछले दो सालों के दौरान कुम्हार समुदाय के लोगों के साथ हुई 15 घटनाओं में ही 19 लोगों को मौत के घाट उतारा जा चुका है। ये घटनाएं यह बताती हैं की भाजपा की योगी सरकार में जाति आधार पर कुम्हारों की हत्या और उत्पीड़न किया जा रहा है। पीड़ित परिवारों की बार-बार लिखित शिकायतों के बाद भी ना ही संगत धाराओं में एफआईआर दर्ज किया जा रहा है और ना ही आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा रहा है। अब तो पुलिस संरक्षण में ही कुम्हारों की हत्या कर दी जा रही है। लखनऊ जिला जेल में रुपेश कुमार प्रजापति की हत्या और गोरखपुर में फर्जी पुलिस मुठभेड़ में विजय प्रजापति की हत्या ऐसे ही उदाहरण हैं। इसलिए उत्तर प्रदेश में कुम्हार समुदाय के लोगों की हुई हत्या और उत्पीड़न की सभी घटनाओं की जांच उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति की अध्यक्षता में या सीबीआई से उच्च स्तरीय जांच कराए जाने की जरूरत है।
उन्होंने आगे कहा कि एक साल पहले मैनपुरी में कुम्हार समुदाय के एक ही परिवार के पांच लोगों को जिंदा फूंक दिया गया लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत सत्ताधारी और विपक्षी राजनीतिक पार्टियों के मुखियाओं के मुख से संवेदना के एक शब्द नहीं निकले। कुम्हार समुदाय के लोगों द्वारा डेढ़ महीने तक आंदोलन चलाने के बाद सत्ताधारी भाजपा की सरकार ने पीड़ित परिवार को महज पांच लाख रुपये दिए। जबकि उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार ने ब्राह्मण और बनिया समुदाय के एक व्यक्ति की हत्या होने पर उनके परिजनों को 50 लाख रुपये का मुआवजा और समूह ‘क’ की नौकरी दी। हत्या जैसे संगीन मामले में भी भाजपा सरकार जाति आधार पर पीड़ितों की सहायता और न्याय में भेदभाव कर रही है। मैनपुरी मामले ही में आज तक ठाकुर समुदाय के आरोपी के खिलाफ ना ही कोई मुकदमा लिखा गया और ना ही उसकी गिरफ्तारी की गई जबकि पीड़िता ने मरने से पहले कैमरे के सामने खुद उसका नाम लिया था। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के केराकतपुर गांव में प्लंबर कन्हैयालाल प्रजापति की दिन-दहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई। हत्या में शामिल ठाकुर(भूमिहार) जाति का एक आरोपी आज तक गांव में खुला घूम रहा है। जिला प्रशासन ने बंदूक की नोंक पर कन्हैयालाल प्रजापति के शव का अंतिम संस्कार करा दिया। उस समय प्रशासन ने पीड़ित परिवार को पांच लाख रुपये और मृतक की पत्नी को आंगनबाड़ी की नौकरी देने का वादा किया था जिसे उसने आज तक पूरा नहीं किया। गोरखपुर में पुलिस ने फर्जी मुठभेड़ में विजय प्रजापति की हत्या कर दी लेकिन ठाकुर और ब्राह्मण समुदाय के आरोपियों को कुछ नहीं किया।
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