बलरामपुर। जिले के तुलसीपुर सरकारी अस्पताल में डॉक्टर की बड़ी लापरवाही सामने आई है। प्रसूता के पति *पवन कुमार मिश्रा* ने अस्पताल के *डॉ. आलोक सिंह* पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पवन मिश्रा ने बताया कि उनकी पत्नी 6 माह की गर्भवती थी, तबीयत खराब होने पर उसे तुलसीपुर सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टर ने बताया कि गर्भ में बच्चे की मौत हो चुकी है और ऑपरेशन कर बच्चे को बाहर निकालना पड़ेगा। आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान डॉक्टर ने लापरवाही बरतते हुए प्रसूता की *बड़ी आंत काट दी* और मृत बच्चे को गर्भ में ही छोड़ दिया, जिससे प्रसूता की हालत और बिगड़ गई। जब पवन कुमार मिश्रा अपनी पत्नी को दूसरे अस्पताल ले जा रहे थे, तभी रास्ते में ही मृत बच्चे की डिलीवरी हो गई। बाद में पत्नी को गोंडा और फिर लखनऊ रेफर किया गया। वह अभी जीवित है लेकिन हालत नाजुक बनी हुई है। पवन मिश्रा ने डॉक्टर पर धमकी देने और समझौते का दबाव बनाने का भी आरोप लगाते हुए FIR की मांग की है। पीड़ित के साथ खड़े हुए हनुमान प्रसाद इस मामले में अब *किसान मजदूर संघर्ष पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हनुमान प्रसाद* पीड़ित पति पवन कुमार मिश्रा को...
एक बेहतर भविष्य के निर्माण के लिए खेल एक प्रभावी तरीका है। खेल जीवन का एक महत्वपूर्ण तत्व है, जो हमें स्वस्थ एवं मजबूत रहने के लिए मार्गदर्शन करता है । इस भावता से प्रेरित होकर दिल्ली पब्लिक स्कूल शहीद पथ के प्रांगण में दिनांक २३/ १२ /२२ को खेल दिवस का आयोजन किया गया । कार्यक्रम का आरम्भ विद्यालय सी०ई०ओ० श्रीमती स्वाति पाल, विदयालय प्रधानाचार्या डॉ मंजू लखनपाल, विद्यालय हेडमिस्टरेस श्रीमती स्वाती सिंह मल्होत्रा तथा मुख्य अतिथि डॉक्टर एस एन सावत आई०ए०एस डायरेक्टर जनरल (विजिलेंस), एस०पी दविवेदी आई०पी०एस एस०पी (क्राइम), श्री संतोष कुमार सिंह डी०एस०पी लखनऊ रैंज के कर कमलों दवारा दीप प्रज्वलित करके किया गया।
विद्यालय सी०ई०ओ श्रीमती स्वाति पाल द्वारा स्वागत करते हुए मुख्य अतिथि को पाँधे एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। खुले एवं स्वच्छ आसमान में गुब्बारों को छोड़कर तथा प्रकाश की मशाल को जलाकर कार्यक्रम का आरम्भ किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत विभिन्न प्रकार की दाँडों से हुई, जिसमें नन्हे मुन््ने छात्र एवं छात्राओं दवारा बनी रेस, लॉन्य जम्प, ५० मीटर रेस, ८० मीटर रेस आदि शामिल थी | विजेताओं को मुख्य अतिथि के दवारा पुरस्कृत किया गया | अतिथि महोदय ने छात्र एवं छात्राओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि बच्चों हार एवं जीत एक सिक्के के ही दो पहलू होते हैं। कभी भी हार को दिल पर मत लगाना बल्कि हार से सीख लेना क्योंकि कभी कभी एक अच्छा खिलाडी भी शून्य पर आउट हो जाता है ।
इस खेल दिवस का मुख्य आकर्षण केंद्र जुंबा, पाम पाम ड्रिल, एरोबिक ड्रिल, अमब्रेला ड्रि थे। जिन्हें देखकर सभी मंत्रमुग्ध हो गए एवं तालियों दवारा सभी प्रतिभागियों का उत्साहवर्द्धन किया । विदयालय प्रधानाचार्या डॉ० मंजू लखनपाल ने आभार व्यक्त करते हुए अपना धन्यवाद प्रस्ताव पारित करते हुए समारोह का समापन किया |
Comments
Post a Comment