बलरामपुर। जिले के तुलसीपुर सरकारी अस्पताल में डॉक्टर की बड़ी लापरवाही सामने आई है। प्रसूता के पति *पवन कुमार मिश्रा* ने अस्पताल के *डॉ. आलोक सिंह* पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पवन मिश्रा ने बताया कि उनकी पत्नी 6 माह की गर्भवती थी, तबीयत खराब होने पर उसे तुलसीपुर सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टर ने बताया कि गर्भ में बच्चे की मौत हो चुकी है और ऑपरेशन कर बच्चे को बाहर निकालना पड़ेगा। आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान डॉक्टर ने लापरवाही बरतते हुए प्रसूता की *बड़ी आंत काट दी* और मृत बच्चे को गर्भ में ही छोड़ दिया, जिससे प्रसूता की हालत और बिगड़ गई। जब पवन कुमार मिश्रा अपनी पत्नी को दूसरे अस्पताल ले जा रहे थे, तभी रास्ते में ही मृत बच्चे की डिलीवरी हो गई। बाद में पत्नी को गोंडा और फिर लखनऊ रेफर किया गया। वह अभी जीवित है लेकिन हालत नाजुक बनी हुई है। पवन मिश्रा ने डॉक्टर पर धमकी देने और समझौते का दबाव बनाने का भी आरोप लगाते हुए FIR की मांग की है। पीड़ित के साथ खड़े हुए हनुमान प्रसाद इस मामले में अब *किसान मजदूर संघर्ष पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हनुमान प्रसाद* पीड़ित पति पवन कुमार मिश्रा को...
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ के रिजर्व पुलिस लाइन परिसर में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में शामिल हुए। सीएम योगी ने पुलिस परिवार और प्रदेशवासियों को जन्माष्टमी की हार्दिक बधाई देते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस को भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों को अपनाने और समाज में शांति व सौहार्द स्थापित करने की अपील की। सीएम योगी ने पुलिस को समाज की रीढ़ बताते हुए कहा कि उनकी भूमिका केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि वे समाज में सौहार्द और एकता को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
राष्ट्रीय कर्तव्यों का आधार है- मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने कहा कि 5000 वर्ष पूर्व मथुरा में भगवान श्रीकृष्ण का अवतरण न केवल एक उत्सव है, बल्कि यह पुलिस कर्मियों और आम नागरिकों के लिए राष्ट्रीय कर्तव्यों के प्रति प्रेरणा का स्रोत है। भगवान श्रीकृष्ण के उपदेश “कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन” को राष्ट्रीय कर्तव्यों का आधार बताते हुए कहा कि बाबा साहब भीमराव अंबेडकर ने संविधान में नागरिकों के कर्तव्यों को शामिल कर हर व्यक्ति को निष्काम कर्म की प्रेरणा दी। सीएम ने पुलिस से इस उपदेश को जीवन में उतारने की अपील की, ताकि वे समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।
उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के उपदेश “परित्राणाय साधुनाम् विनाशाय च दुष्कृताम्” का उल्लेख करते हुए कहा कि सज्जन शक्तियों का संरक्षण और दुष्ट शक्तियों का नाश से ही समाज में सकारात्मक माहौल पैदा होगा। उन्होंने कहा कि सज्जन शक्तियों का सशक्तीकरण समाज में शांति, सौहार्द और विकास का मार्ग प्रशस्त करता है, जबकि दुष्ट शक्तियां अराजकता और असुरक्षा को जन्म देती हैं।
श्रीकृष्ण के आदर्शों को अपने कर्तव्यों का हिस्सा बनाने का किया आह्वान
सीएम योगी ने पुलिस कर्मियों से भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों को अपने कर्तव्यों का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पुलिस का यह दायित्व है कि वह नकारात्मक ताकतों को पूरी तरह दरकिनार कर समाज को एकता और शांति के पथ पर अग्रसर करे। उन्होंने थानों, पुलिस लाइनों और प्रशिक्षण केंद्रों में जन्माष्टमी के भव्य आयोजनों की सराहना की, जो पुलिस परिवार की एकजुटता और उत्साह को दर्शाते हैं। सीएम ने पुलिस से इन आयोजनों को प्रेरणा का स्रोत मानकर समाज में सकारात्मक माहौल बनाने के लिए निरंतर कार्य करने का निर्देश दिया।
इस अवसर पर सीएम ने लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट द्वारा आयोजित देशभक्ति और सांस्कृतिक समृद्धि पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति को देखा। उन्होंने लखनऊ पुलिस परिवार की प्रतिबद्धता और उत्साह की प्रशंसा की। उन्होंने पुलिस कर्मियों से भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों को आत्मसात कर निष्काम कर्म के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने की अपील की।
समारोह में कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा, पूर्व मंत्री व विधान परिषद सदस्य डॉ. महेंद्र सिंह, महापौर सुषमा खर्कवाल, विधायक नीरज बोरा, प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद, पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण सहित कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 5000 वर्ष पूर्व मथुरा में भगवान श्रीकृष्ण का अवतरण न केवल एक उत्सव है, बल्कि यह पुलिस कर्मियों और आम नागरिकों के लिए राष्ट्रीय कर्तव्यों के प्रति प्रेरणा का स्रोत है। भगवान श्रीकृष्ण के उपदेश “कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन” को राष्ट्रीय कर्तव्यों का आधार बताते हुए कहा कि बाबा साहब भीमराव अंबेडकर ने संविधान में नागरिकों के कर्तव्यों को शामिल कर हर व्यक्ति को निष्काम कर्म की प्रेरणा दी। सीएम ने पुलिस से इस उपदेश को जीवन में उतारने की अपील की, ताकि वे समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।
उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के उपदेश “परित्राणाय साधुनाम् विनाशाय च दुष्कृताम्” का उल्लेख करते हुए कहा कि सज्जन शक्तियों का संरक्षण और दुष्ट शक्तियों का नाश से ही समाज में सकारात्मक माहौल पैदा होगा। उन्होंने कहा कि सज्जन शक्तियों का सशक्तीकरण समाज में शांति, सौहार्द और विकास का मार्ग प्रशस्त करता है, जबकि दुष्ट शक्तियां अराजकता और असुरक्षा को जन्म देती हैं।
श्रीकृष्ण के आदर्शों को अपने कर्तव्यों का हिस्सा बनाने का किया आह्वान
सीएम योगी ने पुलिस कर्मियों से भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों को अपने कर्तव्यों का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पुलिस का यह दायित्व है कि वह नकारात्मक ताकतों को पूरी तरह दरकिनार कर समाज को एकता और शांति के पथ पर अग्रसर करे। उन्होंने थानों, पुलिस लाइनों और प्रशिक्षण केंद्रों में जन्माष्टमी के भव्य आयोजनों की सराहना की, जो पुलिस परिवार की एकजुटता और उत्साह को दर्शाते हैं। सीएम ने पुलिस से इन आयोजनों को प्रेरणा का स्रोत मानकर समाज में सकारात्मक माहौल बनाने के लिए निरंतर कार्य करने का निर्देश दिया।
इस अवसर पर सीएम ने लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट द्वारा आयोजित देशभक्ति और सांस्कृतिक समृद्धि पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति को देखा। उन्होंने लखनऊ पुलिस परिवार की प्रतिबद्धता और उत्साह की प्रशंसा की। उन्होंने पुलिस कर्मियों से भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों को आत्मसात कर निष्काम कर्म के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने की अपील की।
समारोह में कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा, पूर्व मंत्री व विधान परिषद सदस्य डॉ. महेंद्र सिंह, महापौर सुषमा खर्कवाल, विधायक नीरज बोरा, प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद, पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण सहित कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।
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