बलरामपुर। जिले के तुलसीपुर सरकारी अस्पताल में डॉक्टर की बड़ी लापरवाही सामने आई है। प्रसूता के पति *पवन कुमार मिश्रा* ने अस्पताल के *डॉ. आलोक सिंह* पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पवन मिश्रा ने बताया कि उनकी पत्नी 6 माह की गर्भवती थी, तबीयत खराब होने पर उसे तुलसीपुर सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टर ने बताया कि गर्भ में बच्चे की मौत हो चुकी है और ऑपरेशन कर बच्चे को बाहर निकालना पड़ेगा। आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान डॉक्टर ने लापरवाही बरतते हुए प्रसूता की *बड़ी आंत काट दी* और मृत बच्चे को गर्भ में ही छोड़ दिया, जिससे प्रसूता की हालत और बिगड़ गई। जब पवन कुमार मिश्रा अपनी पत्नी को दूसरे अस्पताल ले जा रहे थे, तभी रास्ते में ही मृत बच्चे की डिलीवरी हो गई। बाद में पत्नी को गोंडा और फिर लखनऊ रेफर किया गया। वह अभी जीवित है लेकिन हालत नाजुक बनी हुई है। पवन मिश्रा ने डॉक्टर पर धमकी देने और समझौते का दबाव बनाने का भी आरोप लगाते हुए FIR की मांग की है। पीड़ित के साथ खड़े हुए हनुमान प्रसाद इस मामले में अब *किसान मजदूर संघर्ष पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हनुमान प्रसाद* पीड़ित पति पवन कुमार मिश्रा को...
राजधानी लखनऊ में हो रहे तीसरे ऑल इंडिया लॉयर्स टी-20 क्रिकेट टूर्नामेंट में, जिसमें देश के शीर्ष 10 हाईकोर्टस के अधिवक्ता गण भाग ले रहे हैं, का फाइनल मैच सुप्रीम कोर्ट टीम और दिल्ली हाई कोर्ट टीम के मध्य अखिलेश दास गुप्ता स्टेडियम में उत्साह पूर्वक संपन्न हुआ।
मैच के औपचारिक आरंभ से पूर्व टूर्नामेंट के कोऑर्डिनेटर अधिवक्ता वैभव जैन ने प्रतियोगिता में भाग ले रही सभी टीमों के अधिवक्ताओं का लखनऊ आने और आयोजन की गरिमा बढ़ाने पर आयोजन कमेटी की ओर से आभार व्यक्त किया व आपसी संबंधों की प्रगाढ़ता और सौहार्दपूर्णता बने रहने की कामना की।
फाइनल मैच का टॉस टूर्नामेंट के कॉर्डिनेटर वैभव जैन ने उछाल कर मैच की विधिवत शुरुआत की, टॉस दिल्ली हाइकोर्ट के खाते में आया और उन्होंने क्षेत्ररक्षण को चुना। पूरे मैच में बल्लेबाजों की चली, दोनों ही ओर से आतिशी बल्लेबाजी हुई। सुप्रीम कोर्ट की टीम की ओर से मयंक वाधवा ने 53 रनों की कप्तानी पारी खेली और टीम ने 178 रन 6 विकेट पर बनाए।
जवाब में दिल्ली हाई कोर्ट की टीम के विकेटकीपर बल्लेबाज अरुण मालिक, मधुर तेवतिया ने तेज शुरुआत दी और कमल नयन तिवारी ने 29 गेंद पर 52 रन और अंकित अदाना ने 30 गेंद पर 48 रन बना के सुप्रीम कोर्ट का फाइनल जीतने के सपने को तोड़ दिया और 8 गेंद शेष रहते 6 विकेट से मैच जीत लिया।
उधर तीसरे स्थान के लिए मध्य प्रदेश हाइकोर्ट की टीम ने के डी सिंह बाबू मैदान में पहले खेलते हुए बल्लेबाज अभिषेक गिरी जिन्होंने 44 गेंदों में 81 रन बनाए की बदौलत 185 रन 4 विकेट पर बना कर एक बड़ा स्कोर खड़ा किया। पीछे करने उतरी लखनऊ हाइकोर्ट की टीम से विवेक पांडे ही 29 रन बना सके, अच्छी बल्लेबाजी के बाद हरजोत और नीरज ने तीन तीन विकेट लिए। लखनऊ हाइकोर्ट की टीम तय ओवर में 127 रन 8 विकेट पर ही बना पाई और 58 रन से हार गई।
दोनों मैच उपरांत हुए समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में दिल्ली उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश श्री देवेंद्र कुमार उपाध्याय जी ने पुरस्कार वितरण किया।
मैन ऑफ द मैच अंकित अदाना, फाइटर ऑफ द मैच मयंक वाधवा तथा
तीसरे स्थान के लिए हुए मैच में
मैन ऑफ द मैच नीरज,
फाइटर ऑफ द मैच विवेक पांडे को ट्रॉफी मिली।
वहीं बेस्ट बैट्स मैन कमल नारायण तिवारी,
बेस्ट बॉलर सुमित गुप्ता,
बेस्ट फिल्डर हनी,
बेस्ट विकेट कीपर गोविंद
और प्लेयर ऑफ टूर्नामेंट हरजोत सिंह ने ट्रॉफी प्राप्त की।





Comments
Post a Comment