Skip to main content

Featured Post

उत्तर प्रदेश विद्युत मजदूर संघ ने चेयरमैन यूपीपीसीएल को सौंपा 12 सूत्रीय मांग पत्र

लखनऊ। अखिल भारतीय विद्युत मजदूर महासंघ के महामंत्री श्री डी. राजमुर्गन जी, भारतीय मजदूर संघ उत्तर प्रदेश के कार्यवाहक अध्यक्ष श्री राकेश सिंह जी, उत्तर प्रदेश विद्युत मजदूर संघ के प्रदेश अध्यक्ष श्री शशिकांत श्रीवास्तव जी, महामंत्री श्री विवेक सिंह जी तथा प्रदेश उपाध्यक्ष श्री राजेश कुमार जी के प्रतिनिधिमंडल ने उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड के अध्यक्ष आशीष गोयल आईएएस से शिष्टाचार भेंट कर कर्मचारियों एवं अभियंताओं से संबंधित विभिन्न ज्वलंत समस्याओं के समाधान हेतु संघ का 12 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने विद्युत कर्मचारियों के हितों, सेवा संबंधी समस्याओं, कार्यस्थल पर सुविधाओं तथा लंबित मांगों पर विस्तार से चर्चा करते हुए शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई की अपेक्षा व्यक्त की। इस अवसर पर संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान विद्युत व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने में सहायक होगा। चेयरमैन श्री आशीष गोयल जी ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुनते हुए मांग पत्र में उल्लिखित विषयों पर सकारात्मक विचार करने तथा संबंधित समस्याओं के...

कर्पूरी ठाकुर फार्मूला लागू कर अति पिछड़ों को मिले अलग आरक्षण

 


कर्पूरी ठाकुर फार्मूला लागू कर पंचायत चुनाव से पूर्व अति पिछड़े वर्ग को ओबीसी आरक्षण में अलग कोटा देने, प्रदेश के सरकारी विभागों में रिक्त पड़े पदों को तत्काल भरने, प्रदेश से पूंजी पलायन पर रोक लगाने, किसानों के लिए एमएसपी की कानूनी गारंटी सुनिश्चित करने, जनगणना में आदिवासियों के धर्म कोड को लागू करने, कोल जाति को आदिवासी (एसटी) का दर्जा देने तथा माइक्रोफाइनेंस कंपनियों द्वारा महिलाओं के शोषण पर रोक लगाने की मांगों को लेकर रोजगार-सामाजिक अधिकार अभियान की ओर से मंगलवार को लखनऊ के ईको गार्डन में विशाल ध्यानाकर्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित एक पत्रक भी भेजा गया।

कार्यक्रम में आयोजित सभा की अध्यक्षता ऑल इंडिया पीपुल्स फ्रंट के राष्ट्रीय अध्यक्ष एस.आर. दारापुरी ने की, जबकि संचालन अभियान के संयोजक व राष्ट्रीय उदय पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बाबूराम पाल ने किया।

सभा को एआईपीएफ के संस्थापक सदस्य अखिलेन्द्र प्रताप सिंह, भारतीय मानव समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष केवट रामधनी बिंद, राष्ट्रीय किसान मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित शेखर दीक्षित, भागीदारी पार्टी के श्रीकांत गुप्ता साहू, एआईपीएफ के प्रदेश सचिव डॉ बृज बिहारी, अंबेडकर जन मोर्चा के संयोजक श्रवण कुमार निराला, अति पिछड़ा अधिकार मंच के एडवोकेट रामेश्वर ठाकुर, रोजगार अधिकार अभियान के नेशनल कोआर्डिनेटर राजेश सचान, आदिवासी वनवासी महासभा के इंजी राम कृष्ण बैगा, युवा मंच की सविता गोंड, वीरांगना वाहिनी की ऊषा विश्वकर्मा, डॉ आर पी गौतम, लाला राम सरोज, अंकित परिहार आदि ने संबोधित किया। 



वक्ताओं ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार अब तक की सबसे कमजोर सरकार साबित हुई है। उनका आरोप था कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका के सामने झुकने की नीति से भारत की आर्थिक संप्रभुता पर खतरा पैदा हुआ है।

सभा में वक्ताओं ने कहा कि अति पिछड़ा समाज, महिलाएं, दलित, आदिवासी और पसमांदा मुसलमान आज भी सामाजिक-आर्थिक रूप से हाशिए पर हैं और उनके अधिकारों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन वर्गों के लिए प्रतिनिधित्व और संसाधनों में भागीदारी सुनिश्चित करना समय की आवश्यकता है।

वक्ताओं ने मांग की कि जनगणना में आदिवासियों के लिए अलग धर्म कोड का प्रावधान किया जाए और कोल आदिवासी जाति को शीघ्र ही अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा दिया जाए।

सभा में यह भी कहा गया कि प्रदेश के बैंकों में जमा लगभग 50 प्रतिशत पूंजी का पलायन अन्य क्षेत्रों में हो रहा है। यदि इस पूंजी का उपयोग प्रदेश की महिलाओं और युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने में किया जाए तो इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और प्रदेश के विकास को भी गति मिलेगी।

Comments

Popular posts from this blog