भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) के आह्वान पर देशभर में श्रमिकों एवं कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित मांगों के त्वरित समाधान की मांग को लेकर 17 अगस्त 2026 को "मांग दिवस" मनाया गया। इसी क्रम में लखनऊ में भारतीय मजदूर संघ के नेतृत्व में विभिन्न विभागों के कर्मचारियों एवं श्रमिकों ने एकजुट होकर अपनी मांगों के समर्थन में जोरदार प्रदर्शन किया तथा शासन-प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।
भारतीय मजदूर संघ ने सरकार से श्रमिकों एवं कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा, आर्थिक न्याय, सम्मानजनक कार्य परिस्थितियों, उचित वेतन तथा श्रमिक हितों से जुड़े लंबे समय से लंबित मुद्दों पर समयबद्ध एवं प्रभावी कार्रवाई की मांग की।
प्रमुख मांगों में एप्स-95 के अंतर्गत न्यूनतम पेंशन आरएस7,500 प्रतिमाह करने एवं इसे आयुष्मान भारत योजना से जोड़ने, ईपीएफ/ईएसआईसी एवं बोनस की गणना के लिए वेतन की अधिकतम सीमा को दोगुना करने, पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) को पुनः लागू करने, ग्रेच्युटी की गणना 30 दिन के वेतन के आधार पर करने, समान कार्य के लिए समान वेतन लागू करने, न्यूनतम वेतन में जीवन-यापन की बढ़ती लागत के अनुरूप वृद्धि करने तथा सभी प्रकार के स्कीम वर्कर्स के मानदेय में वृद्धि की मांग शामिल है।
इसके अतिरिक्त बैंकों में सप्ताह में पांच दिन कार्य व्यवस्था लागू करने, श्रमिक विरोधी प्रावधानों को हटाने के लिए श्रम संहिता में आवश्यक संशोधन करने तथा विभिन्न विभागों एवं सार्वजनिक उपक्रमों के कर्मचारियों की लंबित समस्याओं का शीघ्र समाधान करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई।
कार्यक्रम में विशेष रूप से अखिल भारतीय उपाध्यक्ष अशोक शुक्ला, प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष राकेश सिंह, जिलाध्यक्ष कीर्तिवर्धन सिंह एवं जिला मंत्री रिंकूy राय** के नेतृत्व में विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी से बीएसएनएल से धर्मेंद्र मणि त्रिपाठी, परिवहन विभाग से राकेश बाली, रेलवे से संजय श्रीवास्तव, बलवीर सिंह बिंदु सिंह जलकल से रूपेंद्र पांडेय, बैंकिंग क्षेत्र से विशाखा वर्मा एवं ब्रह्मदत्त पांडेय तथा नहीं से योगेश उपाध्याय, एप्स95 से राजीव भटनागर बीमा क्षेत्र से संजय जौहरी, ओमप्रकाश उत्प्रेती, अध्यक्ष नगर निगम श्रमिक संघ, सहित विश्वविध्यालय लखनऊ केडबल्यू सैकड़ो कर्मचारियो ने प्रतिभाग किया। इनके साथ ही अन्य विभिन्न विभागों एवं संस्थानों से सैकड़ों की संख्या में कर्मचारी एवं श्रमिक उपस्थित रहे, जिन्होंने अपनी मांगों के समर्थन में एकजुटता प्रदर्शित की।
भारतीय मजदूर संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि श्रमिकों और कर्मचारियों की जायज मांगें केवल वेतन एवं सेवा शर्तों से संबंधित नहीं हैं, बल्कि ये सामाजिक सुरक्षा, श्रम की गरिमा, आर्थिक न्याय एवं श्रमिक परिवारों के सुरक्षित भविष्य से जुड़ी हुई हैं। सरकार से मांग की गई कि सभी लंबित मांगों पर संबंधित मंत्रालयों एवं विभागों को आवश्यक निर्देश जारी करते हुए शीघ्र वार्ता एवं समाधान की प्रक्रिया प्रारंभ की जाए।
कार्यक्रम में उपस्थित श्रमिकों एवं कर्मचारियों ने एक स्वर में कहा कि यदि उनकी जायज मांगों पर समयबद्ध एवं सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई, तो भारतीय मजदूर संघ लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से आगे भी व्यापक आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।
भारतीय मजदूर संघ ने सरकार से श्रमिक हित में तत्काल सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की है।



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