*लखनऊ।* तपती दोपहरी में जब सड़कें सूनी पड़ जाती हैं, तब लखनऊ के हुसड़िया चौराहे पर इंसानियत की एक तस्वीर उभरती है। ‘वॉटर मैन’ के नाम से मशहूर अंकुश विजय ने मंगलवार को जरूरतमंदों के बीच खाने के पैकेट बांटकर न सिर्फ पेट की आग बुझाई, बल्कि पानी की एक-एक बूंद बचाने का संदेश भी दिया। इस नेक काम में उनके परिवार और मित्रों ने कंधे से कंधा मिलाकर उनका हौसला बढ़ाया। अंकुश की मुहिम सिर्फ भोजन तक सीमित नहीं है। राजधानी में जगह-जगह प्याऊ लगवाकर वह राहगीरों की प्यास बुझा रहे हैं। जनसेवा को जीवन का मकसद बना चुके अंकुश ने इस मौके पर कहा, “पानी अनमोल है। यह हमारी थाती है, जिसे हमें अपनी आने वाली पीढ़ियों के लिए संभालकर रखना होगा। एक-एक बूंद बचाएंगे, तभी कल बचेगा।” उन्होंने ऐलान किया कि अब उनकी सेवा की यह धारा लखनऊ से निकलकर आसपास के जिलों तक भी पहुंचेगी, ताकि मदद का दायरा और बड़ा हो सके और हर असहाय तक राहत पहुंचे। स्थानीय लोगों ने वॉटर मैन के जज्बे को सलाम करते हुए कहा कि अंकुश जैसे युवा ही समाज की असली पूंजी हैं।
लखनऊ , ला प्लेस सरोवर पोर्टिको के शेफ समता और उनकी टीम ने अपने मेनू के माध्यम से लखनऊ की विविध पाक कला का प्रदर्शन किया। जिसमें लज़ीज़ अवधी व्यंजन शामिल थे । मुंह में घुल जाने वाले कबाब से लेकर 'फॉरगेट मी नॉट' बिरयानी तक, हर व्यंजन राजसीपन और भव्यता की कहानी बयां करता है। रात भर मैरिनेशन, मिट्टी के बर्तनों में खाना बनाना और धीमी आंच पर पकाने जैसी पारंपरिक खाना पकाने की तकनीकों का पालन किया जाता है । स्वादिष्ट शुद्ध मसाले, मुलायम गोस्त और सुगंधित चावल से निर्मित बिरयानी इस समृद्ध विरासत का जश्न मनाने के लिए पर्याप्त है। इसके साथ ही स्वादिष्ट वेज कबाब, पनीर टिक्का, गलावटी कबाब की संपूर्ण श्रृंखला मौजूद थी। लखनवी स्थानीय चाट की एक जीवंत श्रृंखला भी देखने को मिली । मेनू में उतर प्रदेश समेत लखनऊ के कुछ भूले-बिसरे व्यंजन भी प्रदर्शनी में शामिल थे ।