उत्तर प्रदेश एड्स कंट्रोल सोसाइटी कर्मचारी संघ द्वारा अपनी लंबित 10 सूत्रीय मांगों को लेकर घोषित सफलता तक संघर्ष आंदोलन 15 अक्टूबर 2026 से लखनऊ के ईको गार्डन में विशाल धरना प्रदर्शन शुरू हुआ।
संघ के अध्यक्ष पंकज कुमार श्रीवास्तव और महामंत्री नरेन्द्र कुमार ने बताया कि पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार 05 से 11 अक्टूबर तक प्रदेश के सभी कार्यस्थलों पर काला फीता बांधकर विरोध दर्ज किया गया था, तथा 12 से 14 अक्टूबर तक प्रतिदिन ड्यूटी के प्रारंभिक 2 घंटे कार्य बहिष्कार किया गया था।
आज ईको गार्डन में आयोजित धरने में प्रदेश भर से सैकड़ों ART, ICTC, STI, OST केन्द्रों के कर्मचारी एकत्रित हुए।
कर्मचारियों ने बताया कि वर्ष 2023 से लगातार अपनी मांगों के लिए संघर्ष किया जा रहा था। स्वास्थ्य मंत्री को मांग-पत्र सौंपा गया था, उप-मुख्यमंत्री से 20 बार संपर्क किया गया था, मुख्यमंत्री को 1000 पत्र भेजे गए थे और 200 से अधिक जनप्रतिनिधियों ने संस्तुति पत्र भेजे थे। दिनांक 04 फरवरी 2026 को मुख्यमंत्री से लोकभवन में मुलाकात हुई थी और 19 फरवरी 2026 को विधान परिषद में चर्चा के दौरान सभापति द्वारा सहमति भी दी गई थी, लेकिन कोई ठोस निस्तारण नहीं किया गया था।
20 सितंबर को 1090 चौराहे पर प्रदर्शन के बाद भी केवल आश्वासन ही मिला था, जिससे क्षुब्ध होकर आज का धरना किया गया।
संघ ने चेतावनी दी थी कि यदि 15 अक्टूबर तक मांगों का निस्तारण नहीं किया गया तो 16 अक्टूबर से भूख हड़ताल और HIV/AIDS से संबंधित समस्त सेवाएं स्थगित कर दी जाएंगी। मांगों में नियमितीकरण, जॉब सिक्योरिटी, 20% अतिरिक्त मानदेय, 30 लाख का बीमा, निकाले गए कर्मचारियों का समायोजन और म्यूचुअल ट्रांसफर प्रमुख रूप से शामिल थीं।
धरने के बाद संघ ने अपनी आगे की रणनीति के तहत भूख हड़ताल शुरू करने का ऐलान किया।

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