*लखनऊ।* तपती दोपहरी में जब सड़कें सूनी पड़ जाती हैं, तब लखनऊ के हुसड़िया चौराहे पर इंसानियत की एक तस्वीर उभरती है। ‘वॉटर मैन’ के नाम से मशहूर अंकुश विजय ने मंगलवार को जरूरतमंदों के बीच खाने के पैकेट बांटकर न सिर्फ पेट की आग बुझाई, बल्कि पानी की एक-एक बूंद बचाने का संदेश भी दिया। इस नेक काम में उनके परिवार और मित्रों ने कंधे से कंधा मिलाकर उनका हौसला बढ़ाया। अंकुश की मुहिम सिर्फ भोजन तक सीमित नहीं है। राजधानी में जगह-जगह प्याऊ लगवाकर वह राहगीरों की प्यास बुझा रहे हैं। जनसेवा को जीवन का मकसद बना चुके अंकुश ने इस मौके पर कहा, “पानी अनमोल है। यह हमारी थाती है, जिसे हमें अपनी आने वाली पीढ़ियों के लिए संभालकर रखना होगा। एक-एक बूंद बचाएंगे, तभी कल बचेगा।” उन्होंने ऐलान किया कि अब उनकी सेवा की यह धारा लखनऊ से निकलकर आसपास के जिलों तक भी पहुंचेगी, ताकि मदद का दायरा और बड़ा हो सके और हर असहाय तक राहत पहुंचे। स्थानीय लोगों ने वॉटर मैन के जज्बे को सलाम करते हुए कहा कि अंकुश जैसे युवा ही समाज की असली पूंजी हैं।
दिल्ली पब्लिक स्कूल, आम्रपाली योजना, दुबग्गा ने “कह सखी अपनी कहानी” नाम के एक खास प्रोग्राम के साथ महिला दिवस मनाया, जिसमें महिलाओं की उपलब्धियों, अनुभवों और आवाज़ों पर ज़ोर दिया गया। प्रोग्राम की शुरुआत खास मेहमानों के स्वागत और सम्मान के साथ हुई, जिसके बाद पौधों को पानी देने की एक सिंबॉलिक सेरेमनी हुई। प्रिंसिपल सुश्री नीता भल्ला ने इकट्ठा हुए लोगों को संबोधित किया और एक प्रोग्रेसिव समाज बनाने में महिलाओं के योगदान को पहचानने की अहमियत के बारे में बात की। सेलिब्रेशन का मुख्य आकर्षण एक दिलचस्प *फायरसाइड चैट* था, जहाँ SDG 5 जेंडर इक्वालिटी और महिलाओं के स्टार्ट-अप के लिए नए आइडिया जैसे ज़रूरी विषयों पर चर्चा हुई। माता-पिता ने भी चर्चा में एक्टिव रूप से हिस्सा लिया और विषयों पर अपने विचार रखे, महिला सशक्तिकरण, मौकों और समानता को बढ़ावा देने में समाज की भूमिका पर अपने विचार शेयर किए। इस इवेंट में मिस सुरभि जैन की एक *इंटरैक्टिव वर्कशॉप* हुई, जो एक अवार्ड-विनिंग ट्रेनर, TEDx स्पीकर, लेखक और कम्युनिकेशन कोच हैं, जिन्होंने पूरे भारत में स्टूडेंट्स, एजुकेटर्स और प्रोफेशनल्स को ट्रेन किय...