Skip to main content

Featured Post

ऐशबाग में ओ.पी. श्रीवास्तव मेमोरियल स्कूल का वार्षिकोत्सव संपन्न, बच्चों ने दी रंगारंग प्रस्तुति

    ऐशबाग रामलीला मैदान के तुलसी सभागार मे श्री ओ. पी. श्रीवास्तव मेमोरियल स्कूल जो गरीब और मलीन बस्ती के बच्चो के लिए निशुल्क चलाया जाता है के वाषिर्कोत्सव का आयोजन वसुंधरा एन इनिशिएटिव के द्वारा किया गया।  बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रम का प्रदर्शन हुआ। स्कूल के संचालक श्री दीनानाथ जी 18 वर्षो से स्कूल शिक्षण का कार्य कर रहे हैं। प्रत्येक वर्ष इन बच्चों का मनोबल बढाने के लिए यह आयोजन किया जाता है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री संजीत सिंह SrDEE (NR Railway)एवं श्रीअतुल कृष्ण सिंह( dipty secratary LDA)कर्नल मृदुल कुमार सिंह सेना मंडल रहे। मुख्य अतिथि ने अपने वक्तव्य मे कार्यक्रम को प्रेरणादायक और संदेशप्रद बताया एवं प्रधानाचार्या मीना देवी तथा समस्त शिक्षिकाओं की भूरि-भूरि प्रशंसा की।  कार्यक्रम के आयोजनकर्ता वसुंधरा एन इनिशिएटिव की अध्यक्ष नीना सक्सेना, सरिता शुक्ला, उपाध्यक्ष डा अंजना त्रिपाठी, शंकर रोली, रूचि सिंह लखविन्दर कौर,ज्योति सिंह ऋतुजा सिंह बघेल,विभा तिवारी, वंदना श्रीवास्तव मधुलिका श्रीवास्तव का संपूर्ण सहयोग रहा। वसुंधरा की युवा सृष्टि टीम ने मंच का सं...

लॉकडाउन की उड़ी धज्जियां, बांद्रा स्टेशन पर पहुंचे हजारों मजदूर


मुंबई के बांद्रा रेलवे स्टेशन पर मंगलवार को अचानक हजारों मजदूर पहुंच गए. बिहार, उत्तर प्रदेश और झारखंड के रहने वाले इन मजदूरों को भरोसा था कि आज लॉकडाउन खत्म हो जाएगा और वे पहली ट्रेन से ही अपने गांव वापस जाएंगे. कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित मुंबई में इतनी भारी भीड़ देखकर अधिकारियों के पसीने छूट गए कई ऐसे मजदूर थे जिन्हें पता भी नहीं था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लॉकडाउन को 3 मई तक बढ़ा चुके हैं.


मुंबई में पिछले 20-25 दिनों से फंसे इन मजदूरों  ने  कहा कि मुंबई में उनके पास कुछ नहीं बचा है, न खाने को सामान है और न रोजगार मिल रहा है. ऐसे में उनके लिए अगले 20 दिन गुजारना मुश्किल है, इसलिए वे किसी भी हाल में घर जाना चाहते हैं. जब रेलवे स्टेशन के अधिकारियों ने इन्हें समझाया कि ट्रेनें बंद हैं तो वे अधिकारियों की बात तक मानने को नहीं राजी हुए, इसके बाद पुलिसवालों को लाठीचार्ज करना पड़ा.


रिपोर्ट के मुताबिक जब इन मजदूरों को जानकारी मिली की लॉकडाउन 3 मई तक बढ़ा दिया गया है तो इनके अंदर एक भय का माहौल पैदा हो गया. इन्हें लगा कि अब इसी हाल में उन्हें पूरा मई महीना गुजारना पड़ेगा. इसके बाद मजदूर समूह बनाकर बांद्रा स्टेशन की ओर निकल पड़े. बांद्रा स्टेशन से ही दूसरे राज्यों की लंबी दूरी की ट्रेनें खुलती हैं.


कई मजदूर अफवाहों पर यकीन कर भी यहां तक पहुंच गए हैं. बता दें कि महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे ने पहले ही महाराष्ट्र में लॉकडाउन को बढ़ाने की घोषणा कर दी थी


इस पूरे घटनाक्रम पर कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लॉकडाउन बढ़ाने के साथ ही इन मजदूरों के लिए पैकेज की घोषणा करनी चाहिए थी. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा घोषणा की गई 5 किलो अनाज काफी नहीं है. उन्होंने कहा कि सरकार को राशन कार्ड का रंग देखे बिना सभी को अनाज मुहैया कराना चाहिए. उन्होंने कहा कि सरकार को हर जन-धन खाते, विधवा महिला के खाते में 7500 रुपये ट्रांसफर करना चाहिए.


Comments

Popular posts from this blog

नारायणा ई-टेक्नो स्कूल, जानकीपुरम्, लखनऊ ने जेईई मेन के मेधावी विद्यार्थियों को किया सम्मानित

  नारायणा ई-टेक्नो स्कूल, जानकीपुरम्, लखनऊ ने जेईई मेन्स (जनवरी 2026) में उत्कृष्ट परसेंटाइल प्राप्त करने वाले अपने मेधावी विद्यार्थियों के सम्मान में एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया। इस अवसर पर श्यामल शुक्ला (99.34 परसेंटाइल), रुद्राक्ष पटेल (96.43 परसेंटाइल), विश्वास सिंह मोर्य (95.39 परसेंटाइल), हर्षिता सिंह (91.97 परसेंटाइल), पियुष कुमार यादव (90.48 परसेंटाइल), अभिनव पांडेय (89.78 परसेंटाइल), आयुष कुमार (87.04 परसेंटाइल) तथा अनमोल मिश्रा (85.31 परसेंटाइल) को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया। समारोह के दौरान डीजीएम श्री आशुतोष ने प्रेरणादायक उद्बोधन देते हुए विद्यार्थियों को निरंतर उत्कृष्टता के लिए प्रयासरत रहने की प्रेरणा ही। प्रधानाचार्या सुश्री एकता सिंह ने सभी विद्यार्थियों को हार्दिक बधाई देते हुए उनके उज्वल भविष्य के लिए मार्गदर्शन प्रदान किया। कॉलेज डीन श्री नितेश सिंह, आरएनडी हेड शिवा कुमार ने विद्यार्थियों की सफलता के प्रमुख कारणों पर प्रकाश डालते हुए उनकी निरंतर मेहनत और अनुशासित तैयारी की सराहना की। वाइस प्रिंसिपल श्री सनेश कुमार धीमान ने भी विद्यार्...

उत्तर प्रदेश एड्स कंट्रोल सोसाइटी कर्मचारी संघ का ऐलान, मांगे पूरी नहीं हुई तो होगा कार्य बहिष्कार

उत्तर प्रदेश एड्स कंट्रोल सोसाइटी कर्मचारी संघ द्वारा अपनी लंबित 10 सूत्रीय मांगों को लेकर घोषित सफलता तक संघर्ष आंदोलन 15 अक्टूबर 2026 से लखनऊ के ईको गार्डन में विशाल धरना प्रदर्शन शुरू हुआ। संघ के अध्यक्ष पंकज कुमार श्रीवास्तव और महामंत्री नरेन्द्र कुमार ने बताया कि पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार 05 से 11 अक्टूबर तक प्रदेश के सभी कार्यस्थलों पर काला फीता बांधकर विरोध दर्ज किया गया था, तथा 12 से 14 अक्टूबर तक प्रतिदिन ड्यूटी के प्रारंभिक 2 घंटे कार्य बहिष्कार किया गया था। आज ईको गार्डन में आयोजित धरने में प्रदेश भर से सैकड़ों ART, ICTC, STI, OST केन्द्रों के कर्मचारी एकत्रित हुए। कर्मचारियों ने बताया कि वर्ष 2023 से लगातार अपनी मांगों के लिए संघर्ष किया जा रहा था। स्वास्थ्य मंत्री को मांग-पत्र सौंपा गया था, उप-मुख्यमंत्री से 20 बार संपर्क किया गया था, मुख्यमंत्री को 1000 पत्र भेजे गए थे और 200 से अधिक जनप्रतिनिधियों ने संस्तुति पत्र भेजे थे। दिनांक 04 फरवरी 2026 को मुख्यमंत्री से लोकभवन में मुलाकात हुई थी और 19 फरवरी 2026 को विधान परिषद में चर्चा के दौरान सभापति द्वारा सहमति भी दी ...

28-29 अगस्त को लगेगा लखनऊ का प्राचीन गोगा वीर मेला, प्रेस वार्ता में कमेटी ने कहा- ये हमारी आन-बान-शान

  लखनऊ के प्राचीनतम गोगा वीर-गुरु गोरखनाथ मेले में झूले की अनुमति न मिलने पर मेला समिति में रोष, प्रेस वार्ता कर जताया विरोध *लखनऊ।* राजधानी के सबसे प्राचीन मेलों में शुमार *गुरु गोरखनाथ एवं गोगा वीर चौहान (जाहरवीर) मेले* के आयोजन को लेकर आज एक *प्रेस वार्ता* का आयोजन किया गया। प्रेस वार्ता में *मेला कमेटी के अध्यक्ष राज किरण राज एवं समस्त पदाधिकारियों* ने प्रशासन द्वारा मेले में झूले की अनुमति न दिए जाने पर गहरा रोष व्यक्त किया। अध्यक्ष राज किरण राज ने कहा कि, _"अगर मेले में झूले नहीं होंगे तो महिलाओं और बच्चों को आनंद नहीं आएगा। मेला तो बच्चों और महिलाओं के बिना अधूरा है। झूले ही मेले की जान होते हैं।"_ उन्होंने बताया कि यह मेला *लखनऊ के प्राचीनतम मेलों में से एक* है। यह सिर्फ मेला नहीं, बल्कि हमारे समाज की *आन, बान और शान का प्रतीक* है। इस मेले में दूर-दूर से हजारों श्रद्धालु बाबा गोगा वीर और गुरु गोरखनाथ जी का आशीर्वाद लेने आते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा बार-बार इस मेले के आयोजन में *बाधा डालने का प्रयास* किया जा रहा है। जानबूझकर अड़ंगे लगाए जा...