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ऐशबाग में ओ.पी. श्रीवास्तव मेमोरियल स्कूल का वार्षिकोत्सव संपन्न, बच्चों ने दी रंगारंग प्रस्तुति

    ऐशबाग रामलीला मैदान के तुलसी सभागार मे श्री ओ. पी. श्रीवास्तव मेमोरियल स्कूल जो गरीब और मलीन बस्ती के बच्चो के लिए निशुल्क चलाया जाता है के वाषिर्कोत्सव का आयोजन वसुंधरा एन इनिशिएटिव के द्वारा किया गया।  बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रम का प्रदर्शन हुआ। स्कूल के संचालक श्री दीनानाथ जी 18 वर्षो से स्कूल शिक्षण का कार्य कर रहे हैं। प्रत्येक वर्ष इन बच्चों का मनोबल बढाने के लिए यह आयोजन किया जाता है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री संजीत सिंह SrDEE (NR Railway)एवं श्रीअतुल कृष्ण सिंह( dipty secratary LDA)कर्नल मृदुल कुमार सिंह सेना मंडल रहे। मुख्य अतिथि ने अपने वक्तव्य मे कार्यक्रम को प्रेरणादायक और संदेशप्रद बताया एवं प्रधानाचार्या मीना देवी तथा समस्त शिक्षिकाओं की भूरि-भूरि प्रशंसा की।  कार्यक्रम के आयोजनकर्ता वसुंधरा एन इनिशिएटिव की अध्यक्ष नीना सक्सेना, सरिता शुक्ला, उपाध्यक्ष डा अंजना त्रिपाठी, शंकर रोली, रूचि सिंह लखविन्दर कौर,ज्योति सिंह ऋतुजा सिंह बघेल,विभा तिवारी, वंदना श्रीवास्तव मधुलिका श्रीवास्तव का संपूर्ण सहयोग रहा। वसुंधरा की युवा सृष्टि टीम ने मंच का सं...

आरडीएसओ द्वारा फ्लैट वैगन प्रकार RO-RO (रोल ऑन-रोल ऑफ) के दोलन परीक्षण शुरू



RO-RO (रोल ऑन-रोल ऑफ) वैगन को आरडीएसओ दवारा भारतीय रेलवे ट्रैक पर 100 किमी प्रति घंटे की गति के लिए ट्रैक अन्य कमोडिटी (टूक के अंदर लोड) के लिए डिजाइन और विकसित किया गया हैं। 


    रोल ऑन-रोल ऑफ  वैगन संशोधित फ्लैट बीआरएन वैगन हैं। रोल ऑन-रोल ऑफ वैगनों में ख़ाली और माल्र ढुलाई दोनों ट्रकों को बीआरएन वैगन पर एक लूप के डेड-एंड पर प्रदान किए गए रैंप के माध्यम से लोड किया जाता है, इस बीआरएन वैगन पर ट्रकों के गुजरने के लिए उपयुक्त रूप से विकसित किया गया है। बीआरएन पर लोड करने से पहले, ट्रकों को एक ऊंचाई गेज (अधिकतम ऊंचाई - सड़क स्तर से 3.4 मीटर ऊपर) के नीचे तोला और पारित किया जाता है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि वे सुरक्षित मार्ग के लिए अधिकतम चलने वाले आयामों के अनुरूप हैं। सड़क मार्ग से आवाजाही की तुलना में  रोल ऑन-रोल ऑफ ट्रेन की गति काफी तेज होती है,रोल ऑन-रोल ऑफ में ल्रोडिंग / अनलोडिंग का टर्मिनल समय सिर्फ 15 से 20 मिनट है तथा दुर्घटनाओं का कोई जोखिम नहीं है. ट्रकों को सफ़र के दौरान कोई नुकसान नहीं होता, ट्रक सड़कों पर नहीं चल रहे हैं इसीलिए प्रदुषण कम होता है और टोल टैक्स आदि का कोई झंझट नहीं है। 


  रोल ऑन-रोल ऑफ वैगन के ट्रेन फॉर्मेशन मेँ पाँच सेट होते हैं (एक पूरी ट्रेन बनाने वाले रेलवे वाहनों का एक सेट)। प्रत्येक कंसिस्ट में दो ए-कारें दोनों खेर पर और सात बी कारें दो ए कारों के बीच मध्यवर्ती स्थिति में होती हैं। ए-कार और बीकार की वहन क्षमता क्रमशः 62 टन और 64 टन होती है। 


  रोल ऑन-रोल ऑफ  वैगन की गति क्षमता का निर्धारण करने के लिए परीक्षण निदेशालय, आरडीएसओ द्वारा दोलन परीक्षण किए जाने हैं। इन विस्तृत दोलन परीक्षणों में तीन अलग-अलग स्थितियां शामित्र हैं - यानी आर-ओ आर-ओ वैगन खाली स्थिति में, रोल ऑन-रोल ऑफ वैगन खाली ट्रक के साथ तथा   रोल ऑन-रोल ऑफ  वैगन भरी हुई ट्रक के साथ अलग-अलग गति पर परीक्षण किये गए। वैगन पर लदी वस्तु की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ये परीक्षण अपरिहार्य हैं (बिना नुकसान के गंतव्य तक पहुंचने के लिए) और वैगनों की स्वीकृति के लिए लागू परीक्षण डेटा को 'स्थायी मानदंड समिति की तीसरी रिपोर्ट' में निर्धारित मानदंडों और सीमाओं के अनुसार संकल्रित और मूल्यांकन किया जाना चाहिए। 


ये दोलन परीक्षण 19 अप्रैल 2022 को उत्तर मध्य रेलवे के महोबा-खजुराहों खंड पर शुरू किए गए थे और 6 मई 2022 तक पूरा होने की उम्मीद है। आरडीएसओ परीक्षण टीम में श्री शिशिर कांत मिश्रा/निदेशक, श्री शैलेश सिंह/सहायक अनुसंधान अभियंता और परीक्षण निदेशालय के कर्मचारी श्री रूपेश कोहली/कार्यकारी निदेशक के सक्षम मार्गदर्शन मैं परीक्षण किया गया। इन परीक्षणों के परिणामों के आधार पर भारतीय रेलवे ट्रैक पर   रोल ऑन-रोल ऑफ  वैगन के संचालन के लिए आरडीएसओ द्वारा अंतरिम गति प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा। उम्मीद है कि भारतीय रेलवे को जल्द ही परिवहन के लिए ये नए रोलिंग स्टॉक मिल जाएंगे।

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