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ऐशबाग में ओ.पी. श्रीवास्तव मेमोरियल स्कूल का वार्षिकोत्सव संपन्न, बच्चों ने दी रंगारंग प्रस्तुति

    ऐशबाग रामलीला मैदान के तुलसी सभागार मे श्री ओ. पी. श्रीवास्तव मेमोरियल स्कूल जो गरीब और मलीन बस्ती के बच्चो के लिए निशुल्क चलाया जाता है के वाषिर्कोत्सव का आयोजन वसुंधरा एन इनिशिएटिव के द्वारा किया गया।  बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रम का प्रदर्शन हुआ। स्कूल के संचालक श्री दीनानाथ जी 18 वर्षो से स्कूल शिक्षण का कार्य कर रहे हैं। प्रत्येक वर्ष इन बच्चों का मनोबल बढाने के लिए यह आयोजन किया जाता है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री संजीत सिंह SrDEE (NR Railway)एवं श्रीअतुल कृष्ण सिंह( dipty secratary LDA)कर्नल मृदुल कुमार सिंह सेना मंडल रहे। मुख्य अतिथि ने अपने वक्तव्य मे कार्यक्रम को प्रेरणादायक और संदेशप्रद बताया एवं प्रधानाचार्या मीना देवी तथा समस्त शिक्षिकाओं की भूरि-भूरि प्रशंसा की।  कार्यक्रम के आयोजनकर्ता वसुंधरा एन इनिशिएटिव की अध्यक्ष नीना सक्सेना, सरिता शुक्ला, उपाध्यक्ष डा अंजना त्रिपाठी, शंकर रोली, रूचि सिंह लखविन्दर कौर,ज्योति सिंह ऋतुजा सिंह बघेल,विभा तिवारी, वंदना श्रीवास्तव मधुलिका श्रीवास्तव का संपूर्ण सहयोग रहा। वसुंधरा की युवा सृष्टि टीम ने मंच का सं...

दिवाली के अवसर पर आयोजित हुई 5 दिवसीय सिल्क प्रदर्शनी



दीपावली पर साड़ी और सूट के 25000 से भी ज्यादा नए डिजाइन उपलब्ध 

लखनऊ ,  उमंग आर्ट एंड क्राफ्ट एक्स्पो द्वारा ‘’फाइबर टू सिल्क फैब ‘’ प्रदर्शनी व सेल, लखनऊ के ‘सफ़ेद बारादरी, कैसरबाग, लखनऊ में यह प्रदर्शनी दिनांक 05 नवम्बर से 10 नवम्बर 2023 समय 11:00 से रात्रि 9:00 तक चलेगी | प्रदर्शनी का उद्घाटन, श्री एस पी सिंह बघेल , स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, राज्य मंत्री, भारत सरकार के द्वारा दीप  प्रज्वलित  कर के  किया गया।

उमंग आर्ट एंड क्राफ्ट एक्स्पो के आयोजक श्री आशीष कुमार गुप्ता ने बताया कि “ संस्थान  द्वारा आयोजित ’फाइबर टू सिल्क फैब प्रदर्शनी व सेल में देश भर से आए सिल्क बुनकरों व डिजाइनरों ने अपने अपने प्रदेश संस्कृति काव्य और त्योहारों को सिल्क पर छापा है,  लखनऊ में आयोजित फाइबर टू सिल्क फैब का मकसद देशभर के सिल्क उत्पादों का एक ही छत के तले प्रदर्शनी करना है



 |”  

एक्जीविशन में गुजरात की पटोला सिल्क , तेलांगना की उपाडा  सिल्क तमिलनाडु की कांजीवरम सिल्क , महाराष्ट्र की पैठानी सिल्क, पर गई कलाकारी लोगो को अपनी ओर खीच रही है| इस प्रदर्शनी में पश्चिम बंगाल के काला हस्ती से आए बुनकर ने भगवान श्री कृष्ण के नोका विहार का द्रश्य सिल्क पर पेंट किया किया है | इस द्रश्य में भी तमिलनाडु से आए बुनकर 1 ग्राम सोने की जरी से तैयार साड़ी लेकर आऐ है इस ट्रेडिशनल कांजीवरम साड़ी को बनाने में 2 माह का समय लगा है आंध्रा के पोचमपल्ली से आए डिजाईनर ने सिल्क पर ग्रामीणों के जनजीवन को उकोरा है | गांवो के मेले खेतो में जाती बैलगाड़ी के द्रश्य और आदिवासी जनजीवन की झलक सिल्क को खास बना रही है इसी साड़ियो को लधाख के त्रिपुड़ा में भेड़ो के बाल को सूतकर बनाया जाता है  और फिर इन पर पेंटिंग की जाती है | दस साड़ियो पर बनी डीजायनो में कश्मीरी केशर की डीजायन के साथ ही कश्मीरी कहावा भी है | इसके साथ ही प्रदर्शनी में छत्तीसगढ़ से कोसा, घिचा, मलबरी रॅा सिल्क, एब्लॉक प्रिंटेड सिल्क साड़ी गुजरात से बान्धनी, पाटोला कच्छ एम्ब्रोयडरी , मिरर वर्क एवं डिजाइनर कुर्ती , मध्य प्रदेश से चंदेरी , महेश्वरी काटन एण्ड सिल्क साडी सूट , डकारी जामदानी  एवं  बनारसी सिल्क , तान्चोयी सिल्क, मैसूर सिल्क की साड़ीयो के साथ धर्मावरम तस्सर, ढाका, वही डिजाइनर ब्लाउज , सलवार सूट, पंजाब की फुलकारी वर्क सूट व् साडी हैदराबाद की हैवी नेकलेस, नोज पिन , रिंग, बैंगल्स, मांग टीका , कमरबंद, और मुंबई वेस्टर्न पैटर्न ज्वैलरी व पालकी ज्वैलरी भी है l

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